डिब्रूगढ़ जनजागरण रैली पर हिमंता बिस्वा सरमा: 'संविधान का अपमान करने वालों को जनता का करारा जवाब'
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 15 अक्टूबर 2026 को कहा कि डिब्रूगढ़ में आयोजित जनजागरण रैली में उमड़ी भारी भीड़ उन शक्तियों के विरुद्ध एक सशक्त जन-संदेश है, जो देश के संविधान, संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक जनादेश की अवहेलना कर रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में स्पष्ट किया कि जनता लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था के पक्ष में डटकर खड़ी है।
मुख्यमंत्री का बयान
सरमा ने कहा, 'डिब्रूगढ़ में उमड़ा यह जनसैलाब उन ताकतों के मुंह पर एक जोरदार तमाचा है, जो देश के संविधान, संवैधानिक संस्थाओं और जनता की राय का अनादर करना चाहती हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि लोग फर्जी मतदाताओं के खिलाफ आवाज उठाने और देश की सुरक्षा के समर्थन में एकत्रित हुए।
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि चुनी हुई सरकार को केवल लोकतांत्रिक चुनावों के माध्यम से बदला जा सकता है — सड़कों पर प्रदर्शन करके नहीं। उनके अनुसार, लाखों मतदाताओं के जनादेश को राजनीतिक कार्यकर्ताओं के प्रदर्शनों से चुनौती नहीं दी जानी चाहिए।
रैलियों की श्रृंखला और राजनीतिक संदर्भ
डिब्रूगढ़ में आयोजित यह रैली असम भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व द्वारा घोषित सार्वजनिक प्रदर्शनों की शृंखला का हिस्सा है। यह आयोजन कांग्रेस के साथ चल रहे राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में हुआ, जिसमें लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े विरोध-प्रदर्शन और आरोप केंद्र में हैं।
इससे पहले सरमा ने तेजपुर और बारपेटा रोड पर भी इसी तरह की शांतिपूर्ण रैलियों की घोषणा की थी। उन्होंने इन रैलियों को उन कथित प्रयासों का प्रतिउत्तर बताया जिनके ज़रिए सड़क पर दबाव डालकर सत्ता परिवर्तन की कोशिश की जा रही है।
राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री लगातार कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साध रहे हैं। विपक्ष देश के कई राज्यों में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) से जुड़े मुद्दे उठा रहा है। सरमा ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की ओर राहुल गांधी के मार्च की भी आलोचना की।
सरमा ने विपक्ष के नेता पर संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पिछले तीन आम चुनाव हार चुकी है और गांधी चुनावी प्रक्रिया के ज़रिए BJP को सत्ता से हटाने में नाकाम रहे हैं। ये आरोप-प्रत्यारोप भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी प्रामाणिकता को लेकर तेज होती बहस को दर्शाते हैं।
डिब्रूगढ़ का राजनीतिक महत्व
ऊपरी असम का प्रमुख शहरी केंद्र डिब्रूगढ़ राज्य की राजनीति में रणनीतिक महत्व रखता है। सरमा की टिप्पणियों ने 'फर्जी मतदाताओं' के मुद्दे को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में ला दिया है; BJP इसे चुनावी विश्वसनीयता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रही है।
आगे क्या होगा
भाजपा इन रैलियों को संवैधानिक संस्थाओं, चुनावी निष्पक्षता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए एक जन-आंदोलन के रूप में प्रस्तुत करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। आने वाले हफ्तों में तेजपुर और बारपेटा रोड में होने वाली रैलियाँ यह स्पष्ट करेंगी कि इस राजनीतिक संदेश को जनता के किस वर्ग का समर्थन मिलता है।