15 अक्टूबर 2026
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डिब्रूगढ़ जनजागरण रैली पर हिमंता बिस्वा सरमा: 'संविधान का अपमान करने वालों को जनता का करारा जवाब'

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डिब्रूगढ़ जनजागरण रैली पर हिमंता बिस्वा सरमा: 'संविधान का अपमान करने वालों को जनता का करारा जवाब'

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने डिब्रूगढ़ की जनजागरण रैली को संविधान और लोकतांत्रिक जनादेश की अवहेलना करने वाली शक्तियों को जनता का जवाब बताया। भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि सत्ता केवल चुनाव से बदलती है — सड़क के दबाव से नहीं।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 15 अक्टूबर 2026 को डिब्रूगढ़ जनजागरण रैली को संविधान-विरोधी ताकतों के विरुद्ध जन-संदेश बताया।
सरमा ने कहा — चुनी हुई सरकार केवल लोकतांत्रिक चुनाव से बदली जा सकती है, सड़क प्रदर्शन से नहीं।
रैली फर्जी मतदाताओं के विरोध और देश की सुरक्षा के समर्थन में आयोजित बताई गई।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट मार्च की सरमा ने आलोचना की; संवैधानिक संस्थाओं के अपमान का आरोप लगाया।
असम BJP ने तेजपुर और बारपेटा रोड में भी इसी तरह की रैलियों की घोषणा की है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 15 अक्टूबर 2026 को कहा कि डिब्रूगढ़ में आयोजित जनजागरण रैली में उमड़ी भारी भीड़ उन शक्तियों के विरुद्ध एक सशक्त जन-संदेश है, जो देश के संविधान, संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक जनादेश की अवहेलना कर रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में स्पष्ट किया कि जनता लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था के पक्ष में डटकर खड़ी है।

मुख्यमंत्री का बयान

सरमा ने कहा, 'डिब्रूगढ़ में उमड़ा यह जनसैलाब उन ताकतों के मुंह पर एक जोरदार तमाचा है, जो देश के संविधान, संवैधानिक संस्थाओं और जनता की राय का अनादर करना चाहती हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि लोग फर्जी मतदाताओं के खिलाफ आवाज उठाने और देश की सुरक्षा के समर्थन में एकत्रित हुए।

मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि चुनी हुई सरकार को केवल लोकतांत्रिक चुनावों के माध्यम से बदला जा सकता है — सड़कों पर प्रदर्शन करके नहीं। उनके अनुसार, लाखों मतदाताओं के जनादेश को राजनीतिक कार्यकर्ताओं के प्रदर्शनों से चुनौती नहीं दी जानी चाहिए।

रैलियों की श्रृंखला और राजनीतिक संदर्भ

डिब्रूगढ़ में आयोजित यह रैली असम भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व द्वारा घोषित सार्वजनिक प्रदर्शनों की शृंखला का हिस्सा है। यह आयोजन कांग्रेस के साथ चल रहे राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में हुआ, जिसमें लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े विरोध-प्रदर्शन और आरोप केंद्र में हैं।

इससे पहले सरमा ने तेजपुर और बारपेटा रोड पर भी इसी तरह की शांतिपूर्ण रैलियों की घोषणा की थी। उन्होंने इन रैलियों को उन कथित प्रयासों का प्रतिउत्तर बताया जिनके ज़रिए सड़क पर दबाव डालकर सत्ता परिवर्तन की कोशिश की जा रही है।

राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री लगातार कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साध रहे हैं। विपक्ष देश के कई राज्यों में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) से जुड़े मुद्दे उठा रहा है। सरमा ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की ओर राहुल गांधी के मार्च की भी आलोचना की।

सरमा ने विपक्ष के नेता पर संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पिछले तीन आम चुनाव हार चुकी है और गांधी चुनावी प्रक्रिया के ज़रिए BJP को सत्ता से हटाने में नाकाम रहे हैं। ये आरोप-प्रत्यारोप भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी प्रामाणिकता को लेकर तेज होती बहस को दर्शाते हैं।

डिब्रूगढ़ का राजनीतिक महत्व

ऊपरी असम का प्रमुख शहरी केंद्र डिब्रूगढ़ राज्य की राजनीति में रणनीतिक महत्व रखता है। सरमा की टिप्पणियों ने 'फर्जी मतदाताओं' के मुद्दे को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में ला दिया है; BJP इसे चुनावी विश्वसनीयता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रही है।

आगे क्या होगा

भाजपा इन रैलियों को संवैधानिक संस्थाओं, चुनावी निष्पक्षता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए एक जन-आंदोलन के रूप में प्रस्तुत करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। आने वाले हफ्तों में तेजपुर और बारपेटा रोड में होने वाली रैलियाँ यह स्पष्ट करेंगी कि इस राजनीतिक संदेश को जनता के किस वर्ग का समर्थन मिलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिब्रूगढ़ की जनजागरण रैली किसने और क्यों आयोजित की?
यह रैली असम BJP नेतृत्व ने 15 अक्टूबर 2026 को डिब्रूगढ़ में आयोजित की। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, इसका उद्देश्य संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के पक्ष में जन-समर्थन प्रदर्शित करना और फर्जी मतदाताओं के मुद्दे पर आवाज उठाना था।
हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने हाल ही में राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस तीन आम चुनाव हारने के बाद सड़क दबाव के ज़रिए सत्ता पाने की कोशिश कर रही है।
फर्जी मतदाता और SIR का मुद्दा क्या है?
विपक्ष देश के कई राज्यों में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। भाजपा का आरोप है कि इस विरोध के पीछे फर्जी मतदाताओं को बचाने की मंशा है, जबकि विपक्ष इसे मतदाता अधिकारों पर हमला बता रहा है।
असम में और कहाँ-कहाँ ऐसी रैलियाँ होने वाली हैं?
मुख्यमंत्री सरमा ने तेजपुर और बारपेटा रोड में भी इसी तरह की शांतिपूर्ण जनजागरण रैलियों की घोषणा की है। ये रैलियाँ भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं जिसके तहत संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी निष्पक्षता की रक्षा को जन-आंदोलन के रूप में पेश किया जा रहा है।
डिब्रूगढ़ का असम की राजनीति में क्या महत्व है?
डिब्रूगढ़ ऊपरी असम का प्रमुख शहरी और व्यावसायिक केंद्र है, जो राज्य की राजनीतिक चुनावी गणित में रणनीतिक भूमिका रखता है। यहाँ रैली का आयोजन भाजपा के लिए न केवल प्रतीकात्मक बल्कि जनाधार मजबूत करने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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