19 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हिमंता बिस्वा सरमा का विपक्ष पर वार: 'वोट से बदलती है सरकार, मसल पावर से नहीं'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हिमंता बिस्वा सरमा का विपक्ष पर वार: 'वोट से बदलती है सरकार, मसल पावर से नहीं'

सारांश

अयोध्या में रामलला दर्शन के बाद असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने विपक्ष को दो-टूक जवाब दिया — 'मसल पावर से सत्ता नहीं बदलती, जिन्हें लगता है तो बांग्लादेश जाएँ।' अखिलेश यादव पर की गई तीखी टिप्पणी ने राष्ट्रीय सियासत में नई बहस छेड़ दी है।

मुख्य बातें

असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 18 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में रामलला के दर्शन किए।
दिल्ली विरोध प्रदर्शन पर कहा — 'सरकार वोट से बदलती है, धमकी-दादागिरी से नहीं; मसल पावर की सोच वालों को बांग्लादेश या नेपाल जाना होगा।' विपक्षी प्रदर्शन में 5,000 से 10,000 लोग जुटे थे — सरमा ने इसे 'कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं' बताया।
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बारे में बस यही जानते हैं कि उन्होंने 'अपने पिता को पीछे से छुरी मारी।' चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ को 'दुखद लेकिन सरकार ने त्वरित कार्रवाई की' बताया।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 18 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में रामलला के दर्शन के बाद दिल्ली में हुए विपक्षी विरोध प्रदर्शनों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार वोट से बदलती है, धमकी और दादागिरी से नहीं, और जो लोग मसल पावर से सत्ता परिवर्तन की बात करते हैं, उन्हें बांग्लादेश या नेपाल जाना होगा।

अयोध्या दर्शन के बाद विपक्ष पर हमला

मुख्यमंत्री सरमा अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए पहुँचे थे। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने दिल्ली में आयोजित विपक्षी प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि ऐसा कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन नहीं था; लगभग 5,000 से 10,000 लोग इकट्ठा हुए थे और विपक्ष के पास स्वाभाविक रूप से इतना समर्थन तो है ही।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि एक बार जब भाजपा समर्थक हर जिले में बाहर आएँगे, तब असली ताकत का अंदाज़ा हो जाएगा।

अखिलेश यादव पर तीखी टिप्पणी

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए सरमा ने कहा, 'अखिलेश यादव क्या कह रहे हैं? हम लोग जहाँ होते हैं, वहाँ अखिलेश यादव की कोई चर्चा नहीं होती है।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं तो उनके बारे में सिर्फ इतना ही जानता हूँ कि उन्होंने अपने पिता को पीछे से छुरी मारी थी।' यह टिप्पणी अखिलेश और उनके पिता व सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बीच दशकों पुरानी राजनीतिक तकरार की ओर संकेत मानी जा रही है।

चोरबागान भगदड़ पर बयान

चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ पर भी सरमा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'यह बहुत ही दुखद घटना है, लेकिन सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए काम किया, सभी के इलाज की व्यवस्था की और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए कि भविष्य में ऐसी घटना न हो।' उन्होंने माना कि ऐसी घटनाएँ पूरी तरह किसी के हाथ में नहीं होतीं, लेकिन त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई से लोगों को राहत मिली।

राम और धर्म पर सरमा का संदेश

रामलला दर्शन के अनुभव को साझा करते हुए सरमा ने कहा कि भगवान राम लला के दर्शन के बाद मन श्रद्धा से पूरी तरह परिपूर्ण हो जाता है। विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा, 'जब-जब बाबर दुनिया में होगा, तब-तब राम-लक्ष्मण और हनुमान तो रहेंगे ही।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि मंदिर बदनाम नहीं होता और दुनिया में कोई ऐसी ताकत नहीं जो राम को पराजित कर सके।

राजनीतिक संदर्भ और आगे का रुख

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। गौरतलब है कि सरमा भाजपा के उन मुखर नेताओं में हैं जो राष्ट्रीय राजनीतिक बहसों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। उनकी यह अयोध्या यात्रा और विपक्ष पर किए गए हमले को आने वाले विधानसभा चुनावों की राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है — भाजपा नेता विपक्षी प्रदर्शनों को संख्यात्मक तर्क से नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी रूपकों से काटने की कोशिश कर रहे हैं। अखिलेश यादव पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणी राजनीतिक बहस को नीतिगत ज़मीन से हटाकर पारिवारिक कलह की ओर ले जाती है — जो जवाबदेही को धुंधला करने की जानी-पहचानी रणनीति है। चोरबागान भगदड़ पर प्रतिक्रिया में 'त्वरित कदम' का दावा बिना किसी आँकड़े के आया, जो जाँच की माँग करता है। कुल मिलाकर, यह बयानबाज़ी आगामी चुनावी मौसम की धमक सुनाती है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमंता बिस्वा सरमा ने अयोध्या में क्या बयान दिया?
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 18 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में रामलला दर्शन के बाद कहा कि सरकार वोट से बदलती है, धमकी और दादागिरी से नहीं। उन्होंने कहा कि जो लोग मसल पावर से सत्ता परिवर्तन की बात करते हैं, उन्हें बांग्लादेश या नेपाल जाना होगा।
हिमंता ने अखिलेश यादव पर क्या टिप्पणी की?
सरमा ने कहा कि अखिलेश यादव की देश में कोई चर्चा नहीं होती और उनके बारे में बस इतना जानते हैं कि 'उन्होंने अपने पिता को पीछे से छुरी मारी।' यह टिप्पणी अखिलेश और उनके पिता मुलायम सिंह यादव के बीच पुरानी राजनीतिक दूरी की ओर इशारा मानी जा रही है।
चोरबागान दुर्गा पूजा भगदड़ पर सरमा ने क्या कहा?
सरमा ने इसे 'बहुत दुखद घटना' बताया और कहा कि सरकार ने स्थिति संभालने के लिए त्वरित कदम उठाए और सभी के इलाज की व्यवस्था की। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
दिल्ली में हुए विपक्षी प्रदर्शन पर सरमा का क्या रुख है?
सरमा ने इस प्रदर्शन को कोई बड़ा आयोजन नहीं माना और कहा कि करीब 5,000 से 10,000 लोग जुटे थे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा समर्थक जब हर ज़िले में निकलेंगे, तो असली ताकत का तुलनात्मक अंदाज़ हो जाएगा।
हिमंता की अयोध्या यात्रा का राजनीतिक महत्व क्या है?
असम के मुख्यमंत्री की अयोध्या में रामलला दर्शन यात्रा को भाजपा की हिंदुत्व-आधारित राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान उनके विपक्ष-विरोधी बयानों ने आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सियासी माहौल को गरमा दिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले