'सत्ता परिवर्तन' बयान पर एनडीए का पलटवार: हिमंता बोले, विपक्ष के पास भारत के लिए कोई विजन नहीं
सारांश
मुख्य बातें
एनडीए नेताओं ने 16 अक्टूबर 2026 को नेहा बोरा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण की ओर से दिए गए 'सत्ता परिवर्तन' संबंधी बयानों पर तीखा हमला बोला। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा सहित कई भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं ने इस बयान को लोकतंत्र विरोधी करार देते हुए विपक्ष पर बांग्लादेश शैली की अराजकता फैलाने की कोशिश का आरोप लगाया।
हिमंता बिस्वा सरमा का तीखा जवाब
पत्रकारों से बातचीत में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने विपक्ष पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जब एसआईआर पर चर्चा की जाती है, तो उनको अपनी नैतिकता पर भी ध्यान देना चाहिए। केरल और पश्चिम बंगाल में भी एसआईआर की प्रक्रिया की गई। जब तक केरल में उनके मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक वे एसआईआर का विरोध नहीं कर सकते, क्योंकि वे दोनों तरफ की बातें एक साथ नहीं कर सकते।"
सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी सीधा निशाना साधा। उनके अनुसार, "जहाँ वे जीतते हैं, वहाँ एसआईआर अच्छा है और जहाँ हारते हैं, वहाँ एसआईआर बुरा हो जाता है। राहुल गांधी संस्थाओं और व्यापारियों को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने तो सुप्रीम कोर्ट तक को ब्लैकमेल करने की हिम्मत दिखाई है।"
विपक्ष पर 'विजन शून्य' का आरोप
सरमा ने आगे कहा कि विपक्ष के पास भारत के लिए कोई दीर्घकालिक दृष्टिकोण नहीं है। उनके शब्दों में, "वे बांग्लादेश और नेपाल जैसी स्थिति भारत में लाना चाहते हैं। लोग सत्ता परिवर्तन के इस विचार से कभी सहमत नहीं होंगे। हम एक लोकतांत्रिक और शांतिप्रिय देश हैं। अगर हमें कोई सरकार पसंद नहीं आती, तो हम वोट के ज़रिए उसे हटा देते हैं — कर्नाटक इसका उदाहरण है।"
शाहनवाज हुसैन और राहुल सिन्हा का हमला
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि विपक्ष बेनकाब हो चुका है। उनका कहना था, "उन्होंने एसआईआर और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध करने का दावा किया था, लेकिन वे देश और इसकी चुनी हुई सरकार के खिलाफ निकले हैं। उन्हें एहसास हुआ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोगों के दिलों से हटाया नहीं जा सकता, इसलिए वे बांग्लादेश जैसी क्रांति लाना चाहते हैं।"
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने भी विपक्ष पर विदेशी ताकतों की मदद से अफरातफरी फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका में जो हुआ, वह भारत में नहीं हो सकता, क्योंकि भारत एक लोकतंत्र है।"
अल्ताफ ठाकुर की चेतावनी
भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर ने नेहा बोरा और राहुल गांधी दोनों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 3,000 लोगों के समूह के साथ न तो इस देश में कोई 'सत्ता परिवर्तन' संभव है और न ही बांग्लादेश जैसी रणनीति काम आएगी। उन्होंने 'वोट चोरी' के दावों को बहाना करार दिया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि 'सत्ता परिवर्तन' की भाषा भारतीय राजनीति में असाधारण रूप से तीखी मानी जाती है और एनडीए ने इसे सीधे लोकतंत्र विरोधी षड्यंत्र से जोड़ा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर तीखी बहस जारी रहने की संभावना है।