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क्या आप कमर दर्द से जूझ रहे हैं? आजमाएं 'अर्द्धउष्ट्रासन'

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क्या आप कमर दर्द से जूझ रहे हैं? आजमाएं 'अर्द्धउष्ट्रासन'

सारांश

क्या आप कमर दर्द से परेशान हैं? जानें 'हाफ कैमल पोज' करने के फायदे और इसे करने का सही तरीका। नियमित अभ्यास से न केवल शारीरिक लचीलापन बढ़ता है, बल्कि मानसिक स्थिरता भी मिलती है।

मुख्य बातें

अर्द्धउष्ट्रासन करने से शरीर में लचीलापन बढ़ता है।
यह तनाव और पीठ दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है।
नियमित अभ्यास से मनोबल और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
योगासन के सही तरीके से लाभ उठाने के लिए निरंतरता आवश्यक है।
यह आसन सभी स्तरों के लिए उपयुक्त है।

नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आजकल की व्यस्त जीवनशैली में, लोग अक्सर समय की कमी के चलते उचित समय पर भोजन और व्यायाम को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन यदि हम प्रतिदिन थोड़ा सा योग करें, तो हमारा शरीर स्वस्थ रह सकता है और मानसिक ऊर्जा भी बनी रहती है। इस संदर्भ में, अर्द्धउष्ट्रासन एक ऐसा योगासन है, जो कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।

अर्द्धउष्ट्रासन एक आरंभिक योगासन है, जो शारीरिक लचीलापन बढ़ाने, तनाव को कम करने और शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने में सहायता करता है। इसे 'हाफ कैमल पोज' कहा जाता है, जो पूर्ण उष्ट्रासन का एक कम तीव्र रूप है।

यह आसन प्रारंभिक या मध्यवर्ती स्तर के योगियों के लिए उपयुक्त है, क्योंकि इसे आसानी से किया जा सकता है। नियमित रूप से अभ्यास करने से, यह आसन न केवल शारीरिक लचीलापन बढ़ाता है, बल्कि मानसिक स्थिरता और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देता है।

आयुष मंत्रालय ने इसके महत्व को रेखांकित किया है। उनके अनुसार, अर्द्धउष्ट्रासन एक संस्कृत शब्द है, जहाँ 'उष्ट्र' का अर्थ 'ऊंट' है। इस आसन का अभ्यास करते समय, अंतिम स्थिति ऊंट के कूबड़ के समान होती है।

यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने, पीठ और गर्दन की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है। इसके साथ ही, यह कब्ज और पीठ दर्द से राहत, पाचन क्रिया में सुधार और सिर व हृदय क्षेत्र में रक्त संचार को बढ़ाने में सहायक है।

अर्द्धउष्ट्रासन करने के लिए, सबसे पहले योगा मैट पर घुटनों के बल बैठें, इस तरह कि दोनों घुटने कूल्हों की चौड़ाई के बराबर हों और पैरों के पंजे पीछे की ओर हों। रीढ़ को सीधा रखते हुए कंधों को आराम दें। अब दाहिने हाथ को धीरे-धीरे दाहिनी एड़ी पर ले जाएं या इसे कूल्हे पर टिकाएं। इसके बाद बाएं हाथ को ऊपर उठाएं और धीरे-धीरे पीठ को पीछे की ओर झुकाएं। नजरें ऊपर या पीछे की ओर रखें और सांस को सामान्य रखें। इस स्थिति में 15 से 30 सेकंड तक रहें, गहरी सांस लेते हुए। फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटें और दूसरी ओर से पुनरावृत्ति करें। यह आसन दोनों तरफ दो से तीन बार करना पर्याप्त है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। अर्द्धउष्ट्रासन एक सरल और प्रभावी आसन है, जिसे सभी स्तरों के लोग कर सकते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अर्द्धउष्ट्रासन के क्या लाभ हैं?
यह आसन रीढ़ की लचीलापन बढ़ाने, पीठ दर्द से राहत, और मानसिक स्थिरता को बढ़ावा देता है।
क्या यह आसन सभी के लिए सुरक्षित है?
यह आसन प्रारंभिक स्तर के योगियों के लिए उपयुक्त है, लेकिन किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति में डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
इस आसन को कितनी देर तक करना चाहिए?
इस आसन को 15 से 30 सेकंड तक करना चाहिए और दोनों ओर से 2-3 बार करना पर्याप्त है।
क्या अर्द्धउष्ट्रासन से तनाव कम होता है?
हाँ, यह आसन तनाव को कम करने और मानसिक शांति का अनुभव कराने में मदद करता है।
क्या इस आसन को करने के लिए कोई विशेष तैयारी चाहिए?
बस एक योगा मैट और आरामदायक कपड़े आवश्यक हैं।
राष्ट्र प्रेस
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