क्या अर्ध हलासन कब्ज, पीठ दर्द और हाई ब्लड प्रेशर में राहत देता है? आयुष मंत्रालय ने बताया सही तरीका
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में सभी के पास समय की कमी है। लोग सुबह से लेकर शाम तक भागदौड़ में लगे रहते हैं, परंतु अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रख पाते हैं। गलत खानपान, जंक फूड, देर रात तक जागना, और मोबाइल तथा स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग जैसे कारणों से शरीर थका और बीमार रहने लगा है। इस स्थिति में पेट खराब रहना, कब्ज, पीठ दर्द, ब्लड प्रेशर का बढ़ना, और थकान महसूस होना आम बातें बन गई हैं। अधिकांश लोग इन समस्याओं के लिए दवा का सहारा लेते हैं, जिससे कुछ समय के लिए राहत तो मिलती है, लेकिन बाद में वही समस्याएं पुनः शुरू हो जाती हैं। ऐसे में यदि कोई सरल, सुरक्षित और सस्ता उपाय है, तो वह है योग।
बुधवार को आयुष मंत्रालय ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर अर्ध हलासन के बारे में जानकारी साझा की है। इस पोस्ट में तस्वीरों के माध्यम से इस आसन को करने का तरीका और इसके लाभ भी बताए गए हैं।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, अर्ध हलासन कब्जपाचन क्रिया को तेज करता है। इसी कारण पेट में जमा मल आसानी से बाहर निकल जाता है और रोज़ सुबह पेट साफ रहने लगता है। जिन लोगों को लंबे समय से कब्ज की समस्या है, उनके लिए यह आसन रोज़ करना चाहिए।
इसके अतिरिक्त, यह हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। हालाँकि, जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की गंभीर समस्या है, उन्हें इसे किसी योग विशेषज्ञ की निगरानी में करना चाहिए। इस आसन को करने से शरीर का रक्त प्रवाह संतुलित होता है और दिल की धड़कनें भी शांत होती हैं। जब शरीर आराम की मुद्रा में आता है, तो मानसिक तनाव भी कम होता है। तनाव और उच्च रक्तचाप का गहरा संबंध होता है। इसलिए अर्ध हलासन एक शांत, नियंत्रित और संतुलित स्थिति उत्पन्न करता है, जो हाइपरटेंशन में राहत पहुंचाने वाला साबित होता है।
मंत्रालय की पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह आसन पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। जब हम अपने पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाते हैं, तो हमारे पेट की मांसपेशियों पर खिंचाव पड़ता है। यह खिंचाव मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है। खासकर उन लोगों के लिए जो बढ़ते वजन या पेट की चर्बी से परेशान हैं, उनके लिए अर्ध हलासन एक प्रभावी उपाय हो सकता है। लगातार अभ्यास से न केवल पेट अंदर हो सकता है, बल्कि शरीर संतुलित भी रहता है।
हालांकि, इस आसन को करते समय कुछ बातें ध्यान में रखना आवश्यक है। आयुष मंत्रालय ने सावधानी बरतते हुए बताया है कि यदि किसी को पीठ के निचले हिस्से में दर्द हो या पेट की कोई गंभीर अंदरूनी चोट हो, या फिर हर्निया की समस्या हो, तो ऐसे लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए। इस प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं में किसी भी योगासन को करने से पूर्व डॉक्टर या योग गुरु से सलाह लेना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।