12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग लाना सही है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग लाना सही है?

सारांश

जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग की मांग पर पूर्व डीजीपी एसपी वैद की तीखी प्रतिक्रिया। क्या यह लोकतंत्र के लिए खतरा है?

मुख्य बातें

महाभियोग का प्रस्ताव एक गंभीर मुद्दा है।
हिंदू परंपराओं की रक्षा करना आवश्यक है।
जज की स्वतंत्रता को बनाए रखना लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है।

जम्मू-कश्मीर, 12 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी शेष पॉल वैद ने जस्टिस जीआर स्वामीनाथन पर विपक्षी दलों द्वारा महाभियोग लाने की तीखी आलोचना की है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि क्या अपनी ही भूमि पर हिंदू परंपराओं के लिए खड़ा होना अब एक दंडनीय अपराध बन गया है?

एसपी वैद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन के करीब 100 सांसदों ने स्पीकर को जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग लाने के लिए पत्र दिया है।

उन्होंने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने मदुरै के मंदिर में सदियों पुरानी परंपरा पर निर्णय दिया था, और अब विपक्ष के सांसद महाभियोग की मांग कर रहे हैं। जबकि सभी जानते हैं कि जब दिल्ली हाईकोर्ट के जज के घर आग लगी थी और करोड़ों रुपये बरामद हुए थे, तब विरोध नहीं किया गया।

पूर्व डीजीपी ने सवाल किया कि इस मामले में विपक्ष ने कोई आवाज क्यों नहीं उठाई। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के निर्णय पर महाभियोग का प्रस्ताव लाया जा रहा है। भारत के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि किसी निर्णय के लिए जज के खिलाफ महाभियोग लाया गया हो।

उन्होंने कहा कि जज के निर्णय को उच्चतम अदालत में चुनौती दी जा सकती है। एक जज के अपने कर्तव्य का निर्वहन करने पर महाभियोग प्रस्ताव लाना, यह पूरी देश की दृष्टि में है। यह लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। मुझे विश्वास है कि भारत की संसद इसे अस्वीकार कर देगी।

पूर्व डीजीपी ने वीडियो साझा करते हुए कैप्शन में लिखा कि पुरानी हिंदू परंपरा की रक्षा के लिए जस्टिस जीआर स्वामीनाथन पर विपक्षी दलों का हमला अत्यंत गलत है। जब जस्टिस यशवंत वर्मा के घर आग लगने के बाद करोड़ों रुपये मिले, तब उस पर गुस्सा क्यों नहीं आया?

उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करने के बजाय, विपक्षी दल महाभियोग की मांग कर रहे हैं। क्या अब अपनी ही भूमि पर हिंदू परंपराओं के लिए खड़ा होना एक दंडनीय अपराध हो गया है?

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह मानता हूं कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। महाभियोग का प्रस्ताव एक गंभीर मुद्दा है जो हमारी लोकतांत्रिक प्रणाली को प्रभावित कर सकता है। हमें इस पर गहराई से विचार करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जस्टिस जीआर स्वामीनाथन पर महाभियोग क्यों लाया जा रहा है?
विपक्ष का कहना है कि उन्होंने एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया है जो उनकी राजनीतिक विचारधारा के खिलाफ है।
क्या यह महाभियोग भारत के इतिहास में पहली बार है?
हां, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि किसी जज के निर्णय पर महाभियोग लाया गया हो।
पूर्व डीजीपी एसपी वैद का इस पर क्या कहना है?
उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है और कहा है कि संसद इसे अस्वीकार करेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले