पूर्वोत्तानासन: पेट की चर्बी कम करने और कंधों को मजबूत बनाने का अद्भुत उपाय

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पूर्वोत्तानासन: पेट की चर्बी कम करने और कंधों को मजबूत बनाने का अद्भुत उपाय

सारांश

क्या आप अपनी पेट की चर्बी कम करना चाहते हैं और कंधों को मजबूत बनाना चाहते हैं? जानिए पूर्वोत्तानासन के अद्भुत लाभ और इसे करने का सही तरीका। यह आसन न केवल आपके शरीर को लचीला बनाएगा, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर करेगा।

मुख्य बातें

पूर्वोत्तानासन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है।
यह आसन पेट की चर्बी कम करने में मदद करता है।
सिर्फ 10-15 मिनट का अभ्यास करें।
योग शिक्षक की देखरेख में इसे करना शुरू करें।
गर्दन या कलाई में चोट होने पर इसे न करें।

नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आजकल की अनियंत्रित दिनचर्या और ऑफिस में लंबे समय तक बैठने के कारण लोग विभिन्न बीमारियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में योगासन एक प्रभावी उपाय है, जो न केवल शरीर को मजबूत बनाता है, बल्कि मन को भी शांत करता है। इनमें से एक महत्वपूर्ण आसन है पूर्वोत्तानासन

इस आसन का नियमित अभ्यास करने से शरीर का लचीलापन बढ़ता है और स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा मिलता है। यह आसन डेस्क जॉब करने वालों के लिए विशेष रूप से लाभदायक है।

पूर्वोत्तानासन का नाम दो भागों से मिलकर बना है: "पूर्व" का मतलब है शरीर का अगला हिस्सा और "उत्तान" का अर्थ है खिंचाव। इस आसन के अभ्यास से स्वास्थ्य में सुधार होता है और तनाव कम होता है।

व्यस्त जीवनशैली में केवल 10-15 मिनट का योगाभ्यास करने से आप लंबे समय तक स्वस्थ और फिट रह सकते हैं। पूर्वोत्तानासन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।

आयुष मंत्रालय इसे एक महत्वपूर्ण योगासन मानता है। इसके अनुसार, यह आसन शरीर के वजन को हाथों और पैरों पर संतुलित करके मुख्य रूप से हाथों, कलाई, पीठ, जांघों और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत करता है। यह आसन शरीर में ऊर्जा का संचार, रीढ़ की हड्डी में लचीलापन और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है।

पूर्वोत्तानासन का अभ्यास करते समय पेट में दबाव पड़ता है, जिससे पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और पेट के आसपास की चर्बी भी कम होने लगती है। इसके साथ ही, यह आसन शरीर के लचीलेपन को बढ़ाता है और ऊर्जा का संचार करता है।

इसे करने के लिए, पहले पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं। दोनों पैरों को सीधा रखें और हाथों को शरीर के दोनों तरफ रखें। अब धीरे-धीरे हाथों को कंधों के पास लाएं। हथेलियां जमीन पर टिकी रहें। सांस लेते हुए दोनों हाथों और पैरों पर जोर देकर शरीर को ऊपर उठाएं। कंधे, पीठ और कमर को जितना संभव हो ऊपर उठाएं ताकि शरीर का आकार पुल जैसा हो जाए। सिर को पीछे की ओर झुकाएं और छाती को ऊपर की ओर खींचें। इस स्थिति में 15 से 30 सेकंड तक रहें और सामान्य तरीके से सांस लेते रहें। फिर धीरे-धीरे शरीर को नीचे लाएं और आराम करें।

यदि गर्दन या कलाई में चोट है, तो यह आसन न करें और शुरुआत में इसे योग शिक्षक की देखरेख में करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

योगासन जैसे पूर्वोत्तानासन का महत्व आज की व्यस्त जीवनशैली में अत्यधिक बढ़ गया है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है। इस प्रकार के आसनों को नियमित रूप से अपनाना हर व्यक्ति के लिए लाभकारी हो सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्वोत्तानासन करने से क्या लाभ होते हैं?
पूर्वोत्तानासन से पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, पेट की चर्बी कम होती है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।
क्या मैं पूर्वोत्तानासन कर सकता हूँ?
यदि आपकी गर्दन या कलाई में चोट नहीं है, तो आप इसे कर सकते हैं। शुरुआत में योग शिक्षक की देखरेख में करें।
कितना समय पूर्वोत्तानासन करना चाहिए?
आप इसे 15 से 30 सेकंड तक कर सकते हैं, फिर धीरे-धीरे शरीर को नीचे लाएं।
किसके लिए पूर्वोत्तानासन फायदेमंद है?
यह विशेष रूप से डेस्क जॉब करने वालों और तनाव से ग्रसित लोगों के लिए फायदेमंद है।
क्या पूर्वोत्तानासन करने से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है?
हाँ, यह आसन मानसिक तनाव को कम करता है और मन को शांत रखता है।
राष्ट्र प्रेस
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