रोजाना कटिचक्रासन करें: पेट की चर्बी से निजात पाने का सरल उपाय
सारांश
Key Takeaways
- कटिचक्रासन वजन कम करने में मददगार है।
- यह पाचन तंत्र को सुधारता है।
- कमर की लचीलापन बढ़ाता है।
- इसे करने में केवल 5-10 मिनट लगते हैं।
- अभ्यास के साथ संतुलित आहार भी जरूरी है।
नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग अक्सर अनियमित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण मोटापे का शिकार हो जाते हैं। इससे उनके शरीर में कई तरह की बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, शारीरिक समस्याओं से बचने के लिए जीवनशैली को नियमित करना और योगासन अपनाना बेहद प्रभावशाली है। योग में एक महत्वपूर्ण आसन है, जिसे 'कटिचक्रासन' कहा जाता है।
यह आसन शरीर को विभिन्न बीमारियों, विशेषकर बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में सहायता करता है। यह कमर को घुमाने वाला आसन पेट की चर्बी कम करने, पाचन तंत्र को सुधारने और शरीर की अतिरिक्त कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। प्रतिदिन 5-10 मिनट इस आसन का अभ्यास करने से कमर लचीली बनी रहती है और वजन को नियंत्रित करना आसान होता है। हालांकि, आसन के नियमित अभ्यास के साथ-साथ संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली भी आवश्यक है।
आयुष मंत्रालय ने इसके महत्व को उजागर किया है। उनके अनुसार, यह एक कमर घुमाने वाला आसन है, जिसके नियमित अभ्यास से रीढ़, गर्दन और कंधों की जकड़न दूर होती है। इसके साथ ही, यह पीठ को मजबूत बनाने, कमर की चर्बी कम करने और पेट के अंगों (जैसे गुर्दे) को सक्रिय करने में भी मदद करता है।
इसे करने का तरीका बेहद सरल है। इसके लिए सीधे खड़े हो जाएं। सांस भरते हुए अपने दोनों हाथों को सामने लाएं। हथेलियां एक-दूसरे के सामने होनी चाहिए। अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे कमर से बाईं ओर मुड़ें। अपने दाएं हाथ को बाएं कंधे पर रखें और बाएं हाथ को पीठ के पीछे से घुमाकर दाईं कमर की ओर लाने का प्रयास करें। अपनी गर्दन को भी बाईं ओर घुमाएं और पीछे की ओर देखें। इस स्थिति में कुछ सेकंड रुकें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
सांस भरते हुए वापस सामने की ओर आएं। इसी प्रक्रिया को दाईं ओर भी दोहराएं।
योग विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह जल्दी उठकर योग और हल्की-फुल्की गतिविधियों को करने से मोटापा कम करने के साथ-साथ कई बीमारियों से भी बचा जा सकता है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारियों या सर्जरी से गुजर चुके मरीजों को इसे करने से बचना चाहिए।