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पवनमुक्तासन: पाचन तंत्र को सुदृढ़ करने के अद्भुत लाभ

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पवनमुक्तासन: पाचन तंत्र को सुदृढ़ करने के अद्भुत लाभ

सारांश

क्या आप पेट की समस्याओं से परेशान हैं? जानिए 'पवनमुक्तासन' कैसे आपके पाचन तंत्र को मजबूत बनाकर आपकी सेहत में सुधार ला सकता है। यह एक सरल योग आसन है, जो विशेष रूप से पेट की समस्याओं के लिए फायदेमंद है।

मुख्य बातें

पवनमुक्तासन पाचन तंत्र को सुदृढ़ बनाता है।
यह पेट की चर्बी को कम करने में मदद करता है।
नियमित अभ्यास से शरीर हल्का और सक्रिय रहता है।
गर्भवती महिलाओं को इसे नहीं करना चाहिए।
किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं है।

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में अनियमित आहार, व्यायाम की कमी और लगातार तनाव के कारण पेट की समस्याएं आम हो गई हैं। कब्ज़, गैस, ब्लोटिंग और अपच जैसी समस्याएं रोज़मर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं। इस समस्या का समाधान 'पवनमुक्तासन' के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

यह आसन न केवल पाचन तंत्र को मजबूत करता है, बल्कि पेट, जांघों और कमर की अतिरिक्त चर्बी को भी कम करने में मदद करता है। नियमित अभ्यास से शरीर हल्का और सक्रिय रहता है।

'पवनमुक्तासन' नाम संस्कृत के तीन शब्दों से मिलकर बना है। 'पवन' का अर्थ 'वायु', 'मुक्त' का अर्थ 'छोड़ना' और 'आसन' का अर्थ 'मुद्रा' है। अर्थात्, यह आसन शरीर की अंदरूनी वायु को मुक्त करने में सहायक है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, पवनमुक्तासन पेट की गैस, कब्ज और पाचन संबंधी विकारों को दूर करने में अत्यंत प्रभावी है। यह पेट के अंगों की मालिश करता है, रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है और वात विकारों से राहत देता है। यह पीठ दर्द कम करने और पेट की चर्बी घटाने में भी मदद करता है।

यह आसन केवल पेट की समस्याओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पेल्विक और प्रजनन अंगों की मांसपेशियों को भी मजबूत करता है। मजबूत पेल्विक मसल्स महिलाओं में मासिक धर्म को नियमित करने और प्रजनन स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करती हैं।

इस आसन को करना आसान है और इसके लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। आप अपने योग मैट या फर्श पर लेटकर अपने घुटनों को धीरे-धीरे सीने की ओर लाते हैं और हाथों से उन्हें पकड़ते हैं। कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहकर धीरे-धीरे पैरों को जमीन पर छोड़ देते हैं। इसे दिन में 2-3 बार करने से प्रभाव महसूस होने लगता है। इसे सुबह खाली पेट या शाम को हल्का भोजन करने के कुछ समय बाद किया जा सकता है।

हालांकि, गर्भावस्था, उच्च रक्तचाप, हर्निया या हाल ही में पेट की सर्जरी होने की स्थिति में इस आसन को करने से बचें।

संपादकीय दृष्टिकोण

'पवनमुक्तासन' की सरलता और प्रभावशीलता इसे सभी के लिए एक अनिवार्य योगासन बनाती है। इस आसन के द्वारा न केवल पाचन तंत्र को सुदृढ़ किया जा सकता है, बल्कि यह समग्र स्वास्थ्य में भी सुधार लाता है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पवनमुक्तासन करने का सही समय क्या है?
आप इस आसन को सुबह खाली पेट या शाम को हल्का भोजन करने के बाद कर सकते हैं।
क्या पवनमुक्तासन गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है?
नहीं, गर्भवती महिलाओं को इस आसन से बचना चाहिए।
क्या पवनमुक्तासन से वजन कम किया जा सकता है?
जी हां, यह आसन पेट की चर्बी को कम करने में भी मदद करता है।
क्या पवनमुक्तासन करने के लिए किसी उपकरण की आवश्यकता है?
नहीं, इसके लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती।
पवनमुक्तासन से क्या लाभ होते हैं?
यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है।
राष्ट्र प्रेस
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