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पंकज त्रिपाठी का बिहार पर गर्व: 'यह मेरी पहचान की नींव है'

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पंकज त्रिपाठी का बिहार पर गर्व: 'यह मेरी पहचान की नींव है'

सारांश

पंकज त्रिपाठी ने टोक्यो में बिहार दिवस पर अपनी पहचान और संस्कृति के प्रति गर्व व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कैसे बिहार की मिट्टी ने उनके व्यक्तित्व को आकार दिया और बिहारी लोगों की मेहनत का जिक्र किया।

मुख्य बातें

पंकज त्रिपाठी ने बिहार की मिट्टी को अपनी पहचान का आधार बताया।
बिहारी लोग हर क्षेत्र में मेहनत और काबिलियत से पहचान बना रहे हैं।
विदेश में आयोजित कार्यक्रम हमें हमारी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं।
बिहार को एक सशक्त कहानी के रूप में प्रस्तुत किया गया।
पंकज त्रिपाठी ने अपने परिवार के साथ कार्यक्रम में भाग लेना भावनात्मक अनुभव बताया।

मुंबई, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जब भारतीय दुनिया के विभिन्न देशों में अपनी संस्कृति और परंपराओं का जश्न मनाते हैं, तो यह न केवल एक त्योहार है, बल्कि अपनी पहचान और जड़ों से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर बन जाता है। जापान की राजधानी टोक्यो में भी ऐसा ही एक भावनात्मक वातावरण नजर आया, जब बिहार दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय समुदाय एकत्रित हुआ।

इस विशेष अवसर पर अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपने विचार व्यक्त किए और बताया कि कैसे बिहार की मिट्टी ने उनके व्यक्तित्व को गहराई से प्रभावित किया है।

पंकज त्रिपाठी ने कहा कि उनकी सादगी, संघर्ष और संवेदनशीलता सब कुछ बिहार से ही उपजी है। उन्होंने कहा, "बिहार की मिट्टी से जो सादगी और संघर्ष मिलता है, वही मेरी पहचान की नींव है। बिहार केवल एक राज्य नहीं है, बल्कि एक एहसास है, जो हर बिहारी के भीतर हमेशा जीवित रहता है। मुझे यहां भी वही अपनापन महसूस हो रहा है, क्योंकि यहां मौजूद हर व्यक्ति के दिल में बिहार बसा हुआ है। यह अनुभव मेरे लिए अत्यंत विशेष है।"

उन्होंने आगे कहा, "बिहार के लोग कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत, ईमानदारी और सपनों के साथ आगे बढ़ते हैं। यही कारण है कि आज दुनिया भर में बिहारी अपनी मेहनत और काबिलियत से पहचान बना रहे हैं। चाहे कला, शिक्षा, व्यापार या सार्वजनिक सेवा, हर क्षेत्र में बिहारी लोग लगातार अपना योगदान दे रहे हैं और भारत की छवि को मजबूत कर रहे हैं।"

अपने संबोधन में उन्होंने कहा, "विदेश में आयोजित ऐसे कार्यक्रम हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं। ये हमें हमारी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों की याद दिलाते हैं। यह मेरे जीवन के शुरुआती संघर्षों और यात्रा की याद दिलाता है, जिसने मुझे आज एक सफल कलाकार बना दिया।"

पंकज त्रिपाठी ने कहा, "इस कार्यक्रम में अपने परिवार के साथ शामिल होना मेरे लिए एक और भी भावुक अनुभव है। यह केवल एक राज्य का जश्न नहीं है, बल्कि यह अपनी आने वाली पीढ़ी को अपनी पहचान और संस्कृति से जोड़ने का एक माध्यम भी है। वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ते समय अपनी जड़ों से जुड़े रहना अत्यंत आवश्यक है।"

उन्होंने बिहार को एक ऐसी कहानी बताया जो विरासत, सीख और असीम संभावनाओं से भरी है। गर्व के साथ उन्होंने कहा कि वह खुद को इस कहानी का एक छोटा सा हिस्सा मानते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उसे गर्व के साथ आगे बढ़ाता है। यह संदेश हर एक बिहारी के लिए प्रेरणा है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंकज त्रिपाठी ने बिहार दिवस पर क्या कहा?
पंकज त्रिपाठी ने कहा कि बिहार की मिट्टी ने उनकी पहचान की नींव रखी है और बिहारी लोगों की मेहनत और संघर्ष का जिक्र किया।
बिहार दिवस का आयोजन कहां हुआ?
बिहार दिवस का आयोजन जापान की राजधानी टोक्यो में हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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