क्या रोजाना पूर्ण भुजंगासन करने से रीढ़ मजबूत होगी और बदन दर्द से मुक्ति मिलेगी?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या रोजाना पूर्ण भुजंगासन करने से रीढ़ मजबूत होगी और बदन दर्द से मुक्ति मिलेगी?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि पूर्ण भुजंगासन से आपकी रीढ़ की हड्डी मजबूत हो सकती है? इस आसन के नियमित अभ्यास से न केवल शरीर को मजबूती मिलती है, बल्कि आपको बदन दर्द से भी राहत मिल सकती है। आइए जानें इस आसन के लाभ और इसे करने की विधि।

मुख्य बातें

पूर्ण भुजंगासन से रीढ़ की लचीलापन बढ़ती है।
यह आसन तनाव को कम करने में मदद करता है।
शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए इसे नियमित करें।
गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों के लिए यह उपयुक्त नहीं है।
योग विशेषज्ञ की देखरेख में अभ्यास करना बेहतर होता है।

नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारना संभव है। वर्तमान समय में, जब जीवनशैली में अनियमितता बढ़ गई है, योगासन और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं। योग विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्ण भुजंगासन को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा इसे एक प्रभावी आसन मानता है। यह भुजंगासन का उन्नत और गहन रूप है, जो रीढ़ की हड्डी को लचीलापन प्रदान करता है, पीठ और शरीर को मजबूत बनाता है तथा छाती को खोलकर श्वसन क्षमता को बढ़ाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित अभ्यास से यह आसन कंधों, गर्दन और कमर की जकड़न को भी दूर करने में मदद करता है।

पूर्ण भुजंगासन करने की विधि के बारे में मोरारजी देसाई इंस्टीट्यूट विस्तार से जानकारी देता है। एक्सपर्ट के अनुसार, इसे सावधानी से करना चाहिए। इसके लिए पहले पेट के बल लेटें, हथेलियां कंधों के पास रखें, सांस लेते हुए छाती, गर्दन और सिर को ऊपर उठाएं, कोहनियों को थोड़ा मोड़ें और कंधों को पीछे खींचें। इसके बाद घुटनों को मोड़कर पैरों के पंजे ऊपर उठाएं। सिर-गर्दन को पीछे तानें और पैरों से सिर छूने की कोशिश करें। जितनी देर संभव हो इस मुद्रा में रहें और फिर धीरे-धीरे शवासन की स्थिति में वापस आएं।

पूर्ण भुजंगासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ लचीली बनती है, पाचन तंत्र मजबूत होता है, थायरॉइड ग्रंथि उत्तेजित होती है और तनाव कम होता है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं या पीठ दर्द से परेशान हैं। हालांकि, गर्भवती महिलाओं, गंभीर पीठ की समस्याओं, उच्च रक्तचाप, हर्निया या हाल की सर्जरी से बचना चाहिए।

शुरुआती दिनों में इस आसन को धीरे-धीरे सीखना चाहिए और किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में अभ्यास करना बेहतर होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि योग आसनों का अभ्यास धैर्य और नियमितता के साथ करना चाहिए। पूर्ण भुजंगासन जैसे आसन शरीर की क्षमता बढ़ाते हैं, लेकिन गलत तरीके से करने पर चोट का खतरा भी रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं मानता हूँ कि योग और विशेष रूप से पूर्ण भुजंगासन जैसे आसनों का अभ्यास हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। हमें इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्ण भुजंगासन के क्या फायदे हैं?
पूर्ण भुजंगासन से रीढ़ की लचीलापन बढ़ती है, पाचन तंत्र मजबूत होता है, और तनाव में कमी आती है।
क्या सभी लोग पूर्ण भुजंगासन कर सकते हैं?
गर्भवती महिलाओं, उच्च रक्तचाप, हर्निया और गंभीर पीठ की समस्याओं वाले लोगों को इस आसन से बचना चाहिए।
पूर्ण भुजंगासन करने का सही तरीका क्या है?
पहले पेट के बल लेटें, फिर छाती और सिर को ऊपर उठाएं, और धीरे-धीरे मुद्रा में बने रहें।
क्या पूर्ण भुजंगासन से पीठ दर्द ठीक हो सकता है?
हां, यह आसन पीठ दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।
क्या पूर्ण भुजंगासन कठिन है?
यह आसन शुरुआती लोगों के लिए थोड़ी कठिनाई ला सकता है, लेकिन अभ्यास से इसे सीखा जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले