मणिपुर के मुख्यमंत्री ने 36 समुदायों की विरासत के प्रति एकता का आह्वान किया

Click to start listening
मणिपुर के मुख्यमंत्री ने 36 समुदायों की विरासत के प्रति एकता का आह्वान किया

सारांश

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 36 समुदायों की साझा विरासत की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने राज्य की अखंडता और एकता के लिए सभी समुदायों को एकजुट रहने की अपील की।

Key Takeaways

  • मणिपुर में 36 समुदायों की साझा विरासत है।
  • मुख्यमंत्री ने एकता और सहअस्तित्व की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • एंग्लो-मणिपुर युद्ध 1891 में हुआ था।
  • शांति और विकास के लिए सभी समुदायों को एकजुट रहने की अपील की गई।
  • समारोह में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।

इंफाल, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को कहा कि राज्य के इतिहास के विभिन्न चरणों में ३६ समुदायों ने राज्य की अखंडता की रक्षा करते हुए शांतिपूर्ण सहअस्तित्व बनाए रखा है।

इंफाल के बीिर टिकेंद्रजीत पार्क (फेदाबुंग) में एंग्लो-मणिपुर युद्ध की याद में आयोजित 'कांगला हमले' के स्मरणोत्सव में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने शांति और विकास सुनिश्चित करने के लिए एकता और एकजुटता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने दोहराया कि मणिपुर में सभी समुदाय एक समान पहचान साझा करते हैं, और कहा कि मैतेई मणिपुरी-मैतेई हैं, नागा मणिपुरी-नागा हैं, कुकी मणिपुरी-कुकी हैं और मैतेई पंगाल मणिपुरी-मैतेई पंगाल हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मणिपुर की अवधारणा ही विभिन्न समूहों के बीच एकता और सहअस्तित्व पर आधारित है।

राज्य के साझा इतिहास को याद करते हुए मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि दशकों से कम से कम ३६ समुदायों के लोग मणिपुर की अखंडता की रक्षा करते हुए सद्भावपूर्वक एक साथ रहते आए हैं।

उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण और विकसित मणिपुर के लिए सभी समुदायों के लोगों को एकता, एकजुटता और अखंडता के मूल्यों को बनाए रखना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और गुमनाम नायकों को पुष्पांजलि अर्पित की। उनके सम्मान में दो मिनट का मौन भी रखा गया।

यह कार्यक्रम एंग्लो-मणिपुरी युद्ध-१८९१ के शहीदों और कांगलेइपाक (मणिपुर) के स्वतंत्रता सेनानियों पर गठित न्याय समिति द्वारा आयोजित किया गया था और इसमें विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों, छात्रों और अन्य लोगों ने भाग लिया।

१८९१ का एंग्लो-मणिपुर युद्ध एक राजनीतिक संकट और उसके बाद हुए राजमहल तख्तापलट के कारण शुरू हुआ, जिसके दौरान अंग्रेजों ने राजकुमार टिकेंद्रजीत को गिरफ्तार करने का प्रयास किया, जिसके परिणामस्वरूप कई ब्रिटिश अधिकारियों की मृत्यु हो गई।

आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार युद्ध की पहली गोली अंग्रेजों ने २४ मार्च, १८९१ को मणिपुरियों की ओर से बिना किसी उकसावे के चलाई थी।

इम्फाल में शुरुआती दिनों की लड़ाई में, पुखरामबा टांका, खुम्बोंग सूबेदार, लीसांग जमादार और अथोकपा दीवान सहित लगभग ५० मणिपुरी शहीद हो गए।

Point of View

बल्कि सामाजिक समरसता और विकास के लिए भी आवश्यक है।
NationPress
24/03/2026

Frequently Asked Questions

मणिपुर के मुख्यमंत्री ने किस विषय पर बात की?
मुख्यमंत्री ने 36 समुदायों की विरासत और राज्य की अखंडता की रक्षा के लिए एकता का आह्वान किया।
कांगला हमले के स्मरणोत्सव का आयोजन कब हुआ?
यह स्मरणोत्सव 24 मार्च को आयोजित किया गया।
एंग्लो-मणिपुर युद्ध कब हुआ था?
एंग्लो-मणिपुर युद्ध 1891 में हुआ था।
मुख्यमंत्री ने किस प्रकार के मूल्यों की आवश्यकता बताई?
उन्होंने एकता, एकजुटता और अखंडता के मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता बताई।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुआ?
इस कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों, छात्रों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
Nation Press