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मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह बोले — MPSC 2022 भर्ती पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्षता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

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मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह बोले — MPSC 2022 भर्ती पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्षता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

सारांश

मणिपुर CM खेमचंद सिंह ने MPSC 2022 के सफल उम्मीदवारों के सामने खुद बताया कि उन्होंने परिणाम से पहले आयोग अध्यक्ष से कोई संपर्क नहीं किया — यह बयान राज्य में चल रही उथल-पुथल के बीच शासन की विश्वसनीयता स्थापित करने की कोशिश है। साथ ही, ₹2.8 करोड़ की वार्षिक छात्रवृत्ति योजना से शीर्ष 200 उम्मीदवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्य बातें

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 15 जुलाई को इंफाल में MPSC 2022 बैच के सफल उम्मीदवारों के अभिनंदन समारोह में भाग लिया।
CM ने स्वयं बताया कि उन्होंने परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले MPSC अध्यक्ष से जानबूझकर कोई संपर्क नहीं किया।
सफल उम्मीदवारों ने सर्वसम्मति से पुष्टि की कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कोई कमी नहीं रही।
BJP नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के तहत प्रतिवर्ष ₹2.8 करोड़ का प्रावधान किया है।
इस योजना के अंतर्गत शीर्ष 200 सिविल सेवा उम्मीदवारों को पूर्ण छात्रवृत्ति मिलेगी।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार, 15 जुलाई को इंफाल में स्पष्ट किया कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शी और योग्यता-आधारित भर्ती प्रणाली ही शासन एवं संस्थाओं के प्रति जनता का भरोसा मज़बूत करती है। उन्होंने दोहराया कि पारदर्शिता और निष्पक्षता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएँ हैं और इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

अभिनंदन कार्यक्रम में CM का संबोधन

मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने इंफाल के एक होटल में आयोजित मणिपुर लोक सेवा आयोग (MPSC) 2022 बैच के सफल उम्मीदवारों के अभिनंदन समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने नव-चयनित अधिकारियों को सीधे संबोधित करते हुए पूछा कि क्या उन्हें भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को लेकर कोई संदेह है। सफल उम्मीदवारों ने सर्वसम्मति से 'नहीं' का जवाब दिया, जिसे मुख्यमंत्री ने सरकार की प्रतिबद्धता की स्वाभाविक पुष्टि बताया।

मुख्यमंत्री ने खुद बताई अपनी भूमिका

मुख्यमंत्री सिंह ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले MPSC के अध्यक्ष से जानबूझकर न कोई संपर्क किया और न ही मुलाकात की। उन्होंने कहा कि परिणाम सार्वजनिक होने के बाद ही उन्होंने अध्यक्ष को बधाई दी, क्योंकि वे पूरी भर्ती प्रक्रिया को किसी भी बाहरी प्रभाव से मुक्त रखना चाहते थे। यह बयान ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब मणिपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राजनीतिक दबाव बना हुआ है।

कोचिंग संस्थानों की सराहना

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उन निजी कोचिंग केंद्रों की भी सराहना की, जिन्होंने कोविड-19 महामारी और राज्य में विद्यमान कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के बावजूद सिविल सेवा उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने की अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी। उन्होंने कहा कि सरकार को संतोष है कि चयनित उम्मीदवारों ने पूरी तरह योग्यता के बल पर सफलता हासिल की है और उनकी छवि बेदाग है।

मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना का ऐलान

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने सिविल सेवाओं की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना लागू की है, जिसके लिए प्रतिवर्ष ₹2.8 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना के अंतर्गत शीर्ष 200 सिविल सेवा उम्मीदवारों को उनकी तैयारी हेतु पूर्ण छात्रवृत्ति दी जाएगी। गौरतलब है कि यह पहल प्रतिभाशाली युवाओं को सार्वजनिक सेवा में आकर्षित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

आगे की राह

MPSC 2022 बैच के नव-चयनित अधिकारी अब राज्य प्रशासन में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि आने वाली भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता के ये मानक किस हद तक बरकरार रहते हैं और छात्रवृत्ति योजना का लाभ उम्मीदवारों तक कितनी तेज़ी से पहुँचता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक असाधारण सार्वजनिक स्वीकृति है — यह उतना ही बताता है जितना छुपाता है, क्योंकि किसी मुख्यमंत्री को यह सफाई देने की ज़रूरत ही क्यों पड़े? मणिपुर में जातीय संघर्ष और प्रशासनिक विश्वसनीयता के संकट के बीच यह कार्यक्रम स्पष्ट रूप से एक छवि-प्रबंधन अभ्यास भी है। ₹2.8 करोड़ की छात्रवृत्ति योजना सकारात्मक है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह राशि और यह संख्या — 200 उम्मीदवार — उस राज्य की ज़रूरतों के अनुपात में है जहाँ प्रतिभाशाली युवा अस्थिरता के कारण राज्य छोड़ रहे हैं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

MPSC 2022 अभिनंदन समारोह में मणिपुर CM ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा कि पारदर्शिता और निष्पक्षता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएँ हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले MPSC अध्यक्ष से कोई संपर्क नहीं किया ताकि भर्ती प्रक्रिया किसी भी बाहरी प्रभाव से मुक्त रहे।
मणिपुर मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना क्या है और इसका लाभ किसे मिलेगा?
यह BJP नेतृत्व वाली मणिपुर सरकार की एक योजना है जिसके तहत प्रतिवर्ष ₹2.8 करोड़ का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत सिविल सेवा परीक्षाओं के शीर्ष 200 उम्मीदवारों को उनकी तैयारी के लिए पूर्ण छात्रवृत्ति दी जाएगी।
MPSC 2022 के चयनित उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया के बारे में क्या कहा?
अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री द्वारा सीधे पूछे जाने पर सभी सफल उम्मीदवारों ने सर्वसम्मति से पुष्टि की कि उन्हें भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को लेकर कोई संदेह नहीं है।
मणिपुर में निजी कोचिंग केंद्रों की भूमिका को लेकर CM ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री सिंह ने कोविड-19 महामारी और राज्य में कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के बावजूद सिविल सेवा उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए निजी कोचिंग केंद्रों की सराहना की। उन्होंने इसे अटूट प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया।
पारदर्शी भर्ती प्रणाली से मणिपुर को क्या फायदा होगा?
CM खेमचंद सिंह के अनुसार, योग्यता-आधारित और पारदर्शी भर्ती प्रणाली से शासन एवं सरकारी संस्थाओं में जनता का विश्वास मज़बूत होता है। यह विशेष रूप से मणिपुर जैसे राज्य के लिए महत्त्वपूर्ण है जहाँ हाल के वर्षों में प्रशासनिक विश्वसनीयता पर दबाव रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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