इम्फाल-दीमापुर-गुवाहाटी NH-2 पर बस सेवा दूसरे दिन भी सुचारू, 200 से अधिक यात्रियों ने की यात्रा
सारांश
मुख्य बातें
इम्फाल-दीमापुर-गुवाहाटी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-2) पर अंतरराज्यीय यात्री बस सेवाएं 22 अगस्त 2026, शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी बिना किसी बाधा के संचालित रहीं और कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। मणिपुर परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 200 से अधिक यात्रियों ने इम्फाल से अपनी यात्रा पूरी की।
यात्रा का विवरण और मार्ग
शनिवार सुबह इम्फाल के खुमान लम्पक स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) से चार बसें और छह विंगर वाहन रवाना हुए। ये वाहन मुख्य रूप से कुकी-आबादी वाले जिले कांगपोकपी और नागा-आबादी वाले जिले सेनापति से बिना किसी अवरोध के गुज़रे। इससे एक दिन पहले, शुक्रवार को रवाना हुए 125 यात्री शनिवार को सुरक्षित रूप से गुवाहाटी पहुँच गए, जिससे सेवा बहाली की सुखद शुरुआत की पुष्टि हुई।
सेवा बहाली की पृष्ठभूमि
यह सेवा 8 अगस्त को मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह, उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन और स्थानीय विधायक हाओखोलेट किपगेन की संयुक्त घोषणा के बाद कांगपोकपी जिले में पुनः आरंभ हुई थी। तीनों नेताओं ने सभी समुदायों के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों को निर्बाध आवाजाही हेतु फिर से खोलने का संकल्प लिया था। गौरतलब है कि 3 मई 2023 को मैतेई और कुकी-जो आदिवासी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़कने के बाद से यह सेवा निलंबित थी — यानी तीन वर्षों से अधिक के अंतराल के बाद यह बहाली हुई है।
NH-2 का रणनीतिक महत्व
इम्फाल-दीमापुर-गुवाहाटी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-2) और इम्फाल-जिरिबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) मणिपुर की दो प्रमुख जीवनरेखाएं हैं, जो राज्य को शेष भारत से जोड़ती हैं। 2023 में हिंसा भड़कने के बाद से NH-2 पर बार-बार होने वाले अवरोधों के कारण मणिपुर, असम और नागालैंड के बीच लोगों और आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित रही।
सरकार की प्रतिक्रिया और प्रयास
परिवहन विभाग के अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार के शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के निरंतर प्रयासों के तहत मणिपुर, असम और नागालैंड के बीच अंतरराज्यीय यात्री बस सेवाएं शुक्रवार से पुनः संचालित हो गई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में जातीय तनाव के बाद सामान्य जनजीवन बहाल करने की दिशा में सरकार कई मोर्चों पर काम कर रही है।
आगे की राह
लगातार दो दिनों की निर्बाध सेवा को प्रशासन एक सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहा है। यदि यह क्रम जारी रहा, तो तीन वर्षों से अधिक समय से अलग-थलग पड़े समुदायों के बीच आर्थिक और सामाजिक संपर्क के धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद बढ़ेगी।