मणिपुर सीएम खेमचंद सिंह का ऐलान: विस्थापित लोगों की घर वापसी के लिए सरकार प्रतिबद्ध, ₹2.19 करोड़ बांटे
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 5 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि 4 फरवरी 2026 को नई सरकार के गठन के बाद से राज्य प्रशासन हिंसा से विस्थापित लोगों (आईडीपी) को उनके घरों और गाँवों में सुरक्षित वापस लाने के लिए अनवरत प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह बात इंफाल के पैलेस कंपाउंड स्थित सिटी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'सेवा संकल्प अभियान' कार्यक्रम में कही, जहाँ पात्र श्रमिक कार्ड धारकों — विशेषतः विस्थापितों — को ₹2,19,25,000 के लाभ वितरित किए गए।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री ने बताया कि संकट के कारण उपजी अविश्वास की खाई को पाटने के लिए सरकार ने कई नागरिक समाज संगठनों (CSO) के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित किया है। उन्होंने माना कि राहत शिविरों में जीवन न तो आरामदायक है और न ही सम्मानजनक, तथा घाटी और पहाड़ी — दोनों क्षेत्रों के निर्दोष लोग इस संकट की मार झेल रहे हैं।
'सेवा संकल्प अभियान' के तहत वितरित लाभ दो श्रेणियों में दिए गए — राहत शिविरों में रह रहे बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष योजना और मणिपुर बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड (MBOCWWB) की अन्य कल्याण योजनाएँ।
विस्थापितों के लिए सरकारी सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी तक लगभग 2,531 विस्थापितों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधी आर्थिक सहायता दी जा रही है। जिन विस्थापितों का अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है, उन्हें संबंधित अधिकारियों के पास तत्काल पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
'मिशन पाठशाला' के अंतर्गत राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि विस्थापित छात्रों तक शैक्षिक लाभ निर्बाध रूप से पहुँचे। इसके साथ ही विस्थापितों की शिकायतों के निवारण हेतु उनके प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
बस सेवा की बहाली और कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने एक महत्त्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि 21 अगस्त 2026 को तीन साल से अधिक के अंतराल के बाद मणिपुर, असम और नागालैंड के बीच अंतर-राज्यीय यात्री बस सेवा पुनः शुरू हुई। दीमापुर (नागालैंड) होते हुए इंफाल-गुवाहाटी बस सेवा के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं — प्रतिदिन लगभग 450 से 500 यात्री इस सार्वजनिक परिवहन सेवा का उपयोग कर रहे हैं।
खेमचंद सिंह ने कहा कि इस सेवा से राज्य के बाहर खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों और मणिपुर से बाहर पढ़ने वाले छात्रों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है, क्योंकि हवाई किराया उनकी पहुँच से बाहर होता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सामान्य जनजीवन बहाल करने की कोशिशें तेज हो रही हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक संदेश
राज्यसभा सांसद अधिकारिमयुम शारदा देवी ने कार्यक्रम में कहा कि जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के विजन की सराहना की और मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के सड़क मार्ग से जिरीबाम जिले का दौरा करने के फैसले को साहसी कदम बताया।
आगे की राह
मणिपुर में हिंसा का यह दौर मई 2023 से जारी है, जिसने राज्य की जातीय एकता को गहरी चोट पहुँचाई है। विस्थापितों की सुरक्षित घर-वापसी और पुनर्वास की प्रक्रिया न केवल प्रशासनिक, बल्कि सामाजिक और मनोवैज्ञानिक चुनौती भी है। सरकार के अनुसार CSO के साथ संवाद और DBT सहायता इस दिशा में पहला कदम है — असली परीक्षा तब होगी जब विस्थापित परिवार वास्तव में अपने गाँव लौट सकेंगे।