6 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मणिपुर CM खेमचंद सिंह का आह्वान: विकसित भारत 2047 के लिए शांति और सामूहिक योगदान ज़रूरी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मणिपुर CM खेमचंद सिंह का आह्वान: विकसित भारत 2047 के लिए शांति और सामूहिक योगदान ज़रूरी

सारांश

मणिपुर के मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने विकसित भारत 2047 के लिए शांति और सामूहिक प्रयास को अनिवार्य बताया — साथ ही स्वीकार किया कि जातीय हिंसा ने राज्य का ₹1,200 करोड़ से अधिक का जीएसटी राजस्व चौपट किया है। एक दिन का बंद ₹25 करोड़ तक का नुकसान पहुँचाता है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 6 अक्टूबर 2026 को इंफाल के याओरंग सबल कम्युनिटी हॉल में सेवा संकल्प अभियान को संबोधित किया।
जातीय संघर्ष ( 3 मई 2023 से) के कारण मणिपुर के जीएसटी राजस्व में ₹1,200 करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।
एक दिन के बंद से ₹20-25 करोड़ का आर्थिक नुकसान होता है, जिसका सबसे अधिक असर दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ता है।
CM ने नागरिक समाज संगठनों से बंद और नाकाबंदी से परहेज़ करने की अपील की।
कार्यक्रम में 30 से अधिक सेवा स्टॉल के ज़रिये नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
CM ने कहा कि भारत अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में 11वें से चौथे स्थान पर पहुँच चुका है।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 6 अक्टूबर 2026 को इंफाल के याओरंग सबल कम्युनिटी हॉल में आयोजित सेवा संकल्प अभियान में राज्य की जनता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मणिपुर को इस राष्ट्रीय विकास यात्रा में न केवल योगदान देना है, बल्कि इससे लाभ भी उठाना है — और इसके लिए राज्य में शांति, आपसी विश्वास और सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पटसोई विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा को रेखांकित किया — मुख्यमंत्री पद से लेकर प्रधानमंत्री पद तक की यात्रा। उन्होंने कहा कि इस कार्यकाल में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था की रैंकिंग में 11वें स्थान से उठकर चौथे स्थान पर पहुँचा है।

कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा 30 से अधिक सेवा स्टॉल और काउंटर स्थापित किए गए, जिनके माध्यम से आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं, सेवाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई।

जातीय संघर्ष का आर्थिक असर

मुख्यमंत्री ने 3 मई 2023 से शुरू हुए जातीय संघर्ष के बाद मणिपुर को हुए नुकसान का खुलकर उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस हिंसा ने राज्य के जीएसटी राजस्व को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसके परिणामस्वरूप ₹1,200 करोड़ से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य की अर्थव्यवस्था पुनर्निर्माण की कोशिश में है। खेमचंद सिंह ने बताया कि एक दिन के बंद से ₹20-25 करोड़ का आर्थिक नुकसान होता है, जिसका सबसे अधिक खामियाजा दिहाड़ी मजदूरों और समाज के कमज़ोर वर्गों को उठाना पड़ता है।

बंद और नाकाबंदी पर सरकार की अपील

मुख्यमंत्री ने नागरिक समाज संगठनों और सभी संबंधित पक्षों से सीधी अपील की कि वे बंद और नाकाबंदी का सहारा न लें। उन्होंने कहा कि ऐसी बाधाएँ न केवल आम लोगों की आजीविका छीनती हैं, बल्कि राज्य की समग्र आर्थिक गति को भी अवरुद्ध करती हैं।

गौरतलब है कि मणिपुर में जातीय संघर्ष के बाद से समय-समय पर बंद और नाकाबंदी की घटनाएँ सामने आती रही हैं, जो पहले से ही दबाव में चल रही अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डालती हैं।

विकसित भारत 2047 और मणिपुर की भूमिका

खेमचंद सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता के 100 वर्ष — यानी 2047 तक — भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति में मणिपुर की भागीदारी अनिवार्य है, लेकिन इसके लिए समुदायों के बीच आपसी समझ, विश्वास और सहयोग की नींव मज़बूत करनी होगी।

उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाएँ और सेवाएँ लक्षित लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुँचें।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग

इस अवसर पर पटसोई विधानसभा क्षेत्र के विधायक सपाम कुंजकेश्वर (केबा) सिंह, इम्फाल पश्चिम के उपायुक्त मयांगलांबम राजकुमार सिंह, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि और निर्वाचन क्षेत्र के बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

आने वाले समय में देखना होगा कि क्या यह अपील विभिन्न समुदायों के बीच संवाद की नई शुरुआत का आधार बन पाती है — और मणिपुर विकसित भारत के नक्शे पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तीन साल से अधिक समय से जातीय हिंसा की आग में जल रहा है। ₹1,200 करोड़ के राजस्व नुकसान का आँकड़ा बताता है कि संघर्ष की कीमत केवल मानवीय नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक भी है। असली सवाल यह है कि विकसित भारत 2047 की इमारत तब तक नहीं खड़ी होगी जब तक उसकी नींव — यानी सामुदायिक विश्वास और स्थायी शांति — नहीं बनती। अपील करना ज़रूरी है, लेकिन अपर्याप्त; मणिपुर को ठोस संवाद तंत्र और जवाबदेही की ज़रूरत है, न केवल मंच से की गई पुकार की।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेवा संकल्प अभियान क्या है और इंफाल में यह कार्यक्रम क्यों आयोजित हुआ?
सेवा संकल्प अभियान एक सरकारी पहल है जिसके तहत विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं को एक ही स्थान पर नागरिकों तक पहुँचाया जाता है। 6 अक्टूबर 2026 को इंफाल के याओरंग सबल कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में 30 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए गए।
मणिपुर में जातीय संघर्ष से कितना आर्थिक नुकसान हुआ है?
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह के अनुसार, 3 मई 2023 से शुरू हुए जातीय संघर्ष के कारण राज्य के जीएसटी राजस्व में ₹1,200 करोड़ से अधिक की गिरावट आई है। इसके अलावा एक दिन के बंद से ₹20-25 करोड़ तक का अतिरिक्त नुकसान होता है।
विकसित भारत 2047 में मणिपुर की क्या भूमिका बताई गई?
CM खेमचंद सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य 2047 तक — स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर — भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है, और मणिपुर को इस यात्रा में सक्रिय भागीदार बनना होगा। इसके लिए राज्य में शांति और सामुदायिक विश्वास को पहली प्राथमिकता बताया गया।
मुख्यमंत्री ने बंद और नाकाबंदी पर क्या कहा?
खेमचंद सिंह ने नागरिक समाज संगठनों और सभी पक्षों से अपील की कि वे बंद और नाकाबंदी का सहारा न लें, क्योंकि इससे दिहाड़ी मजदूरों और आम जनता की आजीविका प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि एक दिन के बंद से ₹20-25 करोड़ का आर्थिक नुकसान होता है।
भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में रैंकिंग को लेकर CM ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था की रैंकिंग में 11वें स्थान से उठकर चौथे स्थान पर पहुँच गया है। उन्होंने इसे मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा की उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले