मणिपुर CM खेमचंद सिंह का आह्वान: विकसित भारत 2047 के लिए शांति और सामूहिक योगदान ज़रूरी
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 6 अक्टूबर 2026 को इंफाल के याओरंग सबल कम्युनिटी हॉल में आयोजित सेवा संकल्प अभियान में राज्य की जनता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मणिपुर को इस राष्ट्रीय विकास यात्रा में न केवल योगदान देना है, बल्कि इससे लाभ भी उठाना है — और इसके लिए राज्य में शांति, आपसी विश्वास और सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पटसोई विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा को रेखांकित किया — मुख्यमंत्री पद से लेकर प्रधानमंत्री पद तक की यात्रा। उन्होंने कहा कि इस कार्यकाल में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था की रैंकिंग में 11वें स्थान से उठकर चौथे स्थान पर पहुँचा है।
कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा 30 से अधिक सेवा स्टॉल और काउंटर स्थापित किए गए, जिनके माध्यम से आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं, सेवाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई।
जातीय संघर्ष का आर्थिक असर
मुख्यमंत्री ने 3 मई 2023 से शुरू हुए जातीय संघर्ष के बाद मणिपुर को हुए नुकसान का खुलकर उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस हिंसा ने राज्य के जीएसटी राजस्व को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसके परिणामस्वरूप ₹1,200 करोड़ से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य की अर्थव्यवस्था पुनर्निर्माण की कोशिश में है। खेमचंद सिंह ने बताया कि एक दिन के बंद से ₹20-25 करोड़ का आर्थिक नुकसान होता है, जिसका सबसे अधिक खामियाजा दिहाड़ी मजदूरों और समाज के कमज़ोर वर्गों को उठाना पड़ता है।
बंद और नाकाबंदी पर सरकार की अपील
मुख्यमंत्री ने नागरिक समाज संगठनों और सभी संबंधित पक्षों से सीधी अपील की कि वे बंद और नाकाबंदी का सहारा न लें। उन्होंने कहा कि ऐसी बाधाएँ न केवल आम लोगों की आजीविका छीनती हैं, बल्कि राज्य की समग्र आर्थिक गति को भी अवरुद्ध करती हैं।
गौरतलब है कि मणिपुर में जातीय संघर्ष के बाद से समय-समय पर बंद और नाकाबंदी की घटनाएँ सामने आती रही हैं, जो पहले से ही दबाव में चल रही अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डालती हैं।
विकसित भारत 2047 और मणिपुर की भूमिका
खेमचंद सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता के 100 वर्ष — यानी 2047 तक — भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति में मणिपुर की भागीदारी अनिवार्य है, लेकिन इसके लिए समुदायों के बीच आपसी समझ, विश्वास और सहयोग की नींव मज़बूत करनी होगी।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाएँ और सेवाएँ लक्षित लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुँचें।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग
इस अवसर पर पटसोई विधानसभा क्षेत्र के विधायक सपाम कुंजकेश्वर (केबा) सिंह, इम्फाल पश्चिम के उपायुक्त मयांगलांबम राजकुमार सिंह, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि और निर्वाचन क्षेत्र के बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
आने वाले समय में देखना होगा कि क्या यह अपील विभिन्न समुदायों के बीच संवाद की नई शुरुआत का आधार बन पाती है — और मणिपुर विकसित भारत के नक्शे पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा पाता है।