मणिपुर CM खेमचंद सिंह का खुलासा: जातीय संघर्ष से ₹1,200 करोड़ से अधिक GST राजस्व का नुकसान
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को स्वीकार किया कि राज्य में 2023 से 2026 के बीच जारी जातीय संघर्ष के चलते जीएसटी राजस्व में ₹1,200 करोड़ से अधिक की क्षति हुई है, जिसने मणिपुर की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। यह खुलासा इंफाल के मणिपुर प्रेस क्लब में 'ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन' (AMWJU) के 52वें स्थापना दिवस समारोह में हुआ।
जातीय संघर्ष की आर्थिक कीमत
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने कहा कि लगातार बंद और नाकेबंदी ने राज्य की व्यावसायिक गतिविधियों को गंभीर रूप से बाधित किया है। उन्होंने राज्य के सभी नागरिक समाज संगठनों (CSO) से सीधी अपील की कि वे इस तरह के विरोध के तरीकों से बाज आएं, क्योंकि इनका खामियाजा अंततः आम नागरिकों और विकास को भुगतना पड़ता है। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर तीन वर्षों से अधिक समय से जातीय हिंसा की आग में झुलस रहा है और राज्य के पुनर्निर्माण की जरूरत सबसे ज़रूरी बन गई है।
पत्रकारों के लिए बड़ी राहत
समारोह में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के हित में कई अहम घोषणाएँ कीं। उन्होंने बताया कि पत्रकारों की मासिक पेंशन ₹8,000 से बढ़ाकर ₹10,000 की जाएगी, जबकि पारिवारिक पेंशन ₹5,000 से ₹7,000 प्रति माह कर दी जाएगी। इसके अलावा, संघर्ष काल में जो पत्रकार सूचना और जनसंपर्क निदेशालय (DIPR) की पेंशन योजना में अंशदान नहीं कर पाए, उन्हें अपने खाते पुनः सक्रिय करने के लिए एकमुश्त छूट दी जाएगी।
लंबित विज्ञापन बिलों का निपटारा
खेमचंद सिंह ने बताया कि मीडिया संस्थानों के लगभग ₹1 करोड़ के लंबित विज्ञापन बिल चुका दिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले पर विस्तृत चर्चा के लिए 25 सितंबर 2026 को सभी विभागों के प्रमुखों के साथ एक फॉलो-अप बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पेंशन वृद्धि और छूट के प्रस्तावों को कैबिनेट बैठक में विचारार्थ रखा जाएगा।
समारोह में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व
इस अवसर पर विधायक खोंगबंतबम इबोमचा, सचिव (आईपीआर) नीता आरामबम, निदेशक चरणजीत सिंह, एडिटर्स गिल्ड मणिपुर के अध्यक्ष खोगेंद्र खोमद्रम और AMWJU के अध्यक्ष असेम भक्ता सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारी और पत्रकार उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने दिवंगत पत्रकारों की स्मृति में AMWJU के स्मारक पत्थर पर पुष्पांजलि भी अर्पित की।
आगे की राह
गौरतलब है कि मणिपुर में मई 2023 से भड़की जातीय हिंसा ने राज्य के सामाजिक ताने-बाने के साथ-साथ आर्थिक ढाँचे को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। ₹1,200 करोड़ से अधिक के GST नुकसान का यह आँकड़ा बताता है कि शांति बहाली केवल मानवीय दायित्व नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक बाध्यता भी है। मुख्यमंत्री का यह संबोधन राज्य सरकार की उस कोशिश का हिस्सा लगता है जिसमें नागरिक समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।