7 अगस्त 2026
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मणिपुर में बंद और नाकेबंदी से अर्थव्यवस्था पर गहरी चोट: मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह

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मणिपुर में बंद और नाकेबंदी से अर्थव्यवस्था पर गहरी चोट: मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह

सारांश

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने साफ कहा — बंद और नाकेबंदी सिर्फ राज्य नहीं, पूरी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचा रही है। दिहाड़ी मजदूर और ट्रक चालक सबसे बुरी तरह प्रभावित हैं। साथ ही गृह मंत्री ने NRC के लिए राज्य की तैयारी का संकेत दिया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 7 अगस्त 2026 को कहा कि हाईवे पर बंद और नाकेबंदी से मणिपुर व राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था दोनों गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
इन विरोध-प्रदर्शनों की सबसे बड़ी मार दिहाड़ी मजदूरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर फँसे ट्रक चालकों पर पड़ रही है।
गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह ने बताया कि राज्य सरकार संवैधानिक ढाँचे के तहत NRC प्रक्रिया शुरू करने के लिए केंद्र को सूचित कर चुकी है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश में जनसांख्यिकीय बदलावों के अध्ययन हेतु एक उच्च-स्तरीय समिति गठित की है।
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि सभी आंदोलन भारत के संविधान के दायरे में हों और नागरिक जीवन बाधित न हो।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 7 अगस्त 2026 को इंफाल में स्पष्ट रूप से कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर जारी बंद, नाकेबंदी और विरोध-प्रदर्शनों ने मणिपुर के साथ-साथ राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों और जरूरी सामान की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना अब सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सेमिनार का संदर्भ और मुख्यमंत्री का संबोधन

मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह राज्य के गृह विभाग और मणिपुर राज्य जनसंख्या आयोग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित दो दिवसीय सलाह-मशविरा बैठक एवं सेमिनार का उद्घाटन कर रहे थे। यह सेमिनार मणिपुर की जनसांख्यिकीय प्रोफाइल पर केंद्रित था। उन्होंने कहा कि चल रही नाकेबंदी से राज्य में जरूरी सामान पहुँचाने वाले ट्रक चालक राष्ट्रीय राजमार्गों पर फँसे हुए हैं और गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

दिहाड़ी मजदूरों पर सबसे गहरी मार

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि इन विरोध-प्रदर्शनों की सबसे बड़ी कीमत दिहाड़ी मजदूर चुका रहे हैं, जिनकी आजीविका सीधे तौर पर रोज़ की आवाजाही और व्यापार पर निर्भर करती है। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर पहले से ही लंबे समय से जारी जातीय तनाव के कारण आर्थिक दबाव में है। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से भरोसा दिलाया कि सरकार आम जनता के हित में उठाए जाने वाले हर कदम में सहयोग के लिए तत्पर है।

एनआरसी और जनसांख्यिकीय बदलाव पर गृह मंत्री की बात

सेमिनार में गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि मणिपुर सरकार केंद्र सरकार को पहले ही सूचित कर चुकी है कि वह राज्य में संवैधानिक एवं कानूनी ढाँचे के अंतर्गत राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश में जनसांख्यिकीय बदलावों का अध्ययन करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति पहले ही गठित कर दी है।

संविधान के दायरे में रहने की अपील

मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने जनता से आग्रह किया कि सभी सुझाव और प्रस्ताव भारत के संविधान के नियमों के दायरे में ही होने चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे किसी भी आंदोलन से बचें जो नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी में व्यवधान उत्पन्न करे। गृह मंत्री गोविंदस सिंह ने भी कहा कि राजनीतिक या वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी को राज्य के मूल निवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होना चाहिए।

सेमिनार में प्रमुख उपस्थिति

उद्घाटन समारोह में कमिश्नर (गृह) एन. अशोक कुमार, राज्य जनसंख्या कमिश्नर एम. मणिमोहन मेइतेई, मणिपुर राज्य जनसंख्या आयोग के सचिव डॉ. एम. वेटो सिंह, विभिन्न सिविल सोसाइटी संगठनों के प्रतिनिधि, सामुदायिक नेता, महिला नेता, बुद्धिजीवी, शिक्षाविद और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सेमिनार के निष्कर्ष और सुझाव आने वाले समय में राज्य की जनसांख्यिकीय नीति को दिशा देने में अहम भूमिका निभाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल खुला है कि क्या केंद्र इसे प्राथमिकता देगा और किस समयसीमा में। जनसांख्यिकीय सेमिनार का आयोजन सही दिशा में है, पर असली परीक्षा यह होगी कि इसके सुझाव नीति में कब और कैसे तब्दील होते हैं — खासकर तब जब राज्य में राजनीतिक विभाजन गहरा हो।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में बंद और नाकेबंदी से अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा है?
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों पर जारी बंद और नाकेबंदी ने मणिपुर के साथ-साथ राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भी गंभीर नुकसान पहुँचाया है। दिहाड़ी मजदूर और जरूरी सामान पहुँचाने वाले ट्रक चालक सबसे बुरी तरह प्रभावित हैं।
मणिपुर में NRC प्रक्रिया को लेकर सरकार का क्या रुख है?
गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह ने बताया कि मणिपुर सरकार केंद्र को पहले ही सूचित कर चुकी है कि वह संवैधानिक और कानूनी ढाँचे के तहत NRC प्रक्रिया शुरू करने के लिए तैयार है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनसांख्यिकीय बदलावों के अध्ययन के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति भी गठित की है।
मणिपुर जनसांख्यिकीय सेमिनार का उद्देश्य क्या था?
यह दो दिवसीय सेमिनार राज्य के गृह विभाग और मणिपुर राज्य जनसंख्या आयोग ने संयुक्त रूप से आयोजित किया, जिसका उद्देश्य मणिपुर की जनसांख्यिकीय प्रोफाइल पर विशेषज्ञों से सुझाव और प्रस्ताव प्राप्त करना था। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इन सुझावों का उपयोग लोगों की भलाई के लिए होगा।
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने जनता से क्या अपील की?
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि सभी आंदोलन और सुझाव भारत के संविधान के दायरे में हों। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि ऐसे किसी आंदोलन से बचें जो नागरिकों के रोजमर्रा के जीवन में बाधा उत्पन्न करे।
मणिपुर में नाकेबंदी से सबसे ज्यादा कौन प्रभावित हो रहा है?
मुख्यमंत्री के अनुसार, दिहाड़ी मजदूर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर फँसे ट्रक चालक सबसे अधिक प्रभावित हैं। जरूरी सामान की आपूर्ति बाधित होने से आम जनता की परेशानियाँ भी बढ़ी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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