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मणिपुर-असम-नागालैंड बस सेवा फिर शुरू: ३ साल बाद इंफाल-दीमापुर-गुवाहाटी रूट पर १२५ यात्रियों ने की पहली यात्रा

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मणिपुर-असम-नागालैंड बस सेवा फिर शुरू: ३ साल बाद इंफाल-दीमापुर-गुवाहाटी रूट पर १२५ यात्रियों ने की पहली यात्रा

सारांश

तीन साल से अधिक की जातीय हिंसा और अनिश्चितता के बाद मणिपुर ने एक अहम मोड़ लिया — इंफाल-दीमापुर-गुवाहाटी रूट पर बस सेवा फिर से शुरू हुई। 125 यात्रियों की यह पहली यात्रा सिर्फ एक बस का चलना नहीं, बल्कि तीन राज्यों के बीच उम्मीद और सामान्य जीवन की वापसी का प्रतीक है।

मुख्य बातें

21 अगस्त 2026 को मणिपुर, असम और नागालैंड के बीच अंतर-राज्यीय बस सेवा तीन साल से अधिक बाद बहाल हुई।
इंफाल-दीमापुर-गुवाहाटी रूट पर 2 बसों और 5 विंगर गाड़ियों में 125 यात्रियों ने पहली यात्रा की।
बसें कांगपोकपी और सेनापति जिलों से बिना किसी बाधा के गुज़रीं।
सेवा 3 मई 2023 को मैतेई-कुकी-जो जातीय हिंसा भड़कने के बाद बंद की गई थी।
यात्रियों और स्थानीय निवासियों ने इस बहाली का स्वागत करते हुए शांति और सामान्य जीवन की उम्मीद जताई।

मणिपुर, असम और नागालैंड के बीच अंतर-राज्यीय यात्री बस सेवा 21 अगस्त 2026 को तीन साल से अधिक के लंबे अंतराल के बाद फिर से बहाल हो गई। इंफाल-दीमापुर-गुवाहाटी रूट पर यह सेवा उस समय बंद की गई थी जब 3 मई 2023 को मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो आदिवासी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़की थी। राज्य सरकार की शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिशों के तहत इस सेवा को पुनः आरंभ किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, शुक्रवार को इंफाल-दीमापुर-गुवाहाटी रूट पर दो बसों और पाँच विंगर गाड़ियों के ज़रिये कुल 125 यात्रियों ने यात्रा की। बसें बिना किसी बाधा के कांगपोकपी (मुख्यतः कुकी आबादी वाला जिला) और सेनापति (नागा आबादी वाला जिला) से होकर गुज़रीं, इसके बाद नागालैंड में दाखिल होकर असम के प्रमुख शहर गुवाहाटी की ओर बढ़ीं।

सामान्य जीवन पर असर

यह सेवा बहाली मणिपुर में सामान्य जीवन की वापसी की दिशा में एक अहम संकेत मानी जा रही है। तीन राज्यों के बीच अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी के टूटने से व्यापार, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच और परिजनों से मिलने-जुलने पर गंभीर असर पड़ा था। बस सेवा की बहाली से अब यात्रियों, व्यापारियों और छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।

यात्रियों की प्रतिक्रिया

पहाड़ी थौबल जिले के यात्री कियाम कुमारजीत सिंह ने इस पहल के लिए राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा, 'आइए हम सब अतीत को माफ कर दें और भूल जाएं। आइए मणिपुर में शांति और विकास के लिए आगे बढ़ें।' इंफाल पूर्वी जिले के खुंड्रकपम गाँव की महिला यात्री निवेदिता ने भी उम्मीद जताई कि इस सेवा के पुनः शुरू होने से राज्य में शांति और सामान्य स्थिति लौटेगी। उन्होंने कहा, 'यह यात्रा राज्य में शांति लाए और भगवान सरकार का भला करे।'

पृष्ठभूमि: तीन साल का जातीय संकट

गौरतलब है कि 3 मई 2023 को भड़की जातीय हिंसा मणिपुर के इतिहास के सबसे लंबे और गहरे संकटों में से एक रही। इस हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान गई, हज़ारों विस्थापित हुए और राज्य की आंतरिक व बाहरी कनेक्टिविटी बुरी तरह प्रभावित हुई। अंतर-राज्यीय बस सेवाओं का बंद होना इसी संकट का एक परिणाम था। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए कई मोर्चों पर काम कर रही हैं।

आगे की राह

अधिकारियों के अनुसार, बस सेवा के फिर से शुरू होने से तीनों राज्यों के बीच यात्रियों की आवाजाही सुगम होने की उम्मीद है। परिवहन विभाग ने बताया कि लोगों ने इस बहाली का व्यापक स्वागत किया है। यह कदम आने वाले समय में मणिपुर की सामाजिक और आर्थिक पुनर्बहाली की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब राज्य के भीतर विस्थापित समुदाय अभी भी राहत शिविरों में हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या यह कनेक्टिविटी टिकाऊ होगी और क्या यह घाटी व पहाड़ी क्षेत्रों के बीच विश्वास बहाली में भी योगदान देगी — जो अब तक सबसे कठिन काम बना हुआ है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर-असम-नागालैंड बस सेवा कब और क्यों बंद हुई थी?
यह बस सेवा 3 मई 2023 को मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो आदिवासी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़कने के बाद बंद कर दी गई थी। इस हिंसा ने राज्य की आंतरिक और बाहरी कनेक्टिविटी को बुरी तरह प्रभावित किया था।
बस सेवा फिर से कब शुरू हुई और किस रूट पर?
21 अगस्त 2026 को इंफाल-दीमापुर (नागालैंड)-गुवाहाटी (असम) रूट पर बस सेवा फिर से शुरू हुई। पहले दिन 2 बसों और 5 विंगर गाड़ियों में कुल 125 यात्रियों ने यात्रा की।
बसें किन जिलों से होकर गुज़रीं?
बसें कांगपोकपी (मुख्यतः कुकी आबादी वाला जिला) और सेनापति (नागा आबादी वाला जिला) से बिना किसी बाधा के गुज़रीं, इसके बाद नागालैंड होते हुए गुवाहाटी पहुँचीं।
इस बस सेवा की बहाली का क्या महत्व है?
यह बहाली मणिपुर में सामान्य जीवन की वापसी और तीन राज्यों के बीच अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। जातीय संकट के कारण व्यापार, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच और पारिवारिक संपर्क बाधित हुए थे, जिनके अब बहाल होने की उम्मीद है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
पहाड़ी थौबल जिले के यात्री कियाम कुमारजीत सिंह ने सरकार का आभार जताते हुए शांति और विकास की अपील की। इंफाल पूर्वी जिले की महिला यात्री निवेदिता ने उम्मीद जताई कि यह सेवा राज्य में शांति बहाल करने में सहायक होगी।
राष्ट्र प्रेस
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