25 अगस्त 2026
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कैंसर की सस्ती दवाओं के नाम पर लाखों की ठगी, श्रीनगर कोर्ट में अफाक अहमद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

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कैंसर की सस्ती दवाओं के नाम पर लाखों की ठगी, श्रीनगर कोर्ट में अफाक अहमद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

सारांश

कैंसर पीड़ित की पत्नी के लिए सस्ती दवाएं दिलाने का वादा कर लाखों रुपये ऐंठने वाले अफाक अहमद के खिलाफ जम्मू-कश्मीर ईओडब्ल्यू ने श्रीनगर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। आरोपी और पीड़ित 40 साल पहले एक ही बोर्डिंग स्कूल में पढ़े थे — पुरानी दोस्ती को हथियार बनाकर किया गया यह विश्वासघात मामले को और गंभीर बनाता है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर ईओडब्ल्यू (क्राइम ब्रांच) ने श्रीनगर के सब-जज की अदालत में आरोपी अफाक अहमद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
आरोपी ने कैंसर पीड़ित महिला के परिजन से सस्ती दवाएं दिलाने का वादा कर लाखों रुपये की ठगी की।
जांच में पुष्टि हुई कि आरोपी और पीड़ित 40 वर्ष से अधिक पहले एक बोर्डिंग स्कूल में सहपाठी थे।
आरोपी वर्तमान में जम्मू के सुंजवान स्थित 10-ग्रीन एन्क्लेव में रह रहा है।
क्राइम ब्रांच ने जनता को असामान्य रूप से कम कीमत पर दवाओं या वित्तीय प्रलोभनों से सावधान रहने की सलाह दी।

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने श्रीनगर के सब-जज की अदालत में आरोपी अफाक अहमद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि अफाक अहमद ने एक कैंसर पीड़ित महिला के परिजनों को सस्ती दरों पर दवाएं दिलाने का झाँसा देकर लाखों रुपये की ठगी की। यह मामला 25 अगस्त को सामने आया जब जांच पूरी होने के बाद विधिक कार्यवाही के लिए अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।

मामले का पूरा घटनाक्रम

शिकायत के अनुसार, आरोपी अफाक अहमद — जो मूल रूप से अनंतनाग के हजरतबल स्थित न्यू कॉलोनी का निवासी है और वर्तमान में जम्मू के सुंजवान क्षेत्र के बरमुनी रोड पर 10-ग्रीन एन्क्लेव में रह रहा है — ने शिकायतकर्ता की कैंसर से पीड़ित पत्नी के लिए रियायती दरों पर दवाएं उपलब्ध कराने का वादा किया था। इस वादे के आधार पर शिकायतकर्ता से लाखों रुपये ले लिए गए, लेकिन बाद में न तो दवाएं दी गईं और न ही रकम वापस की गई।

जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया — आरोपी और पीड़ित 40 वर्ष से भी अधिक पहले एक बोर्डिंग स्कूल में सहपाठी रहे थे। यानी पुरानी जान-पहचान का फायदा उठाकर विश्वासघात किया गया।

जांच में क्या सामने आया

ईओडब्ल्यू को मिली लिखित शिकायत के आधार पर जांच के आदेश दिए गए। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए सभी प्रमुख आरोपों की पुष्टि हुई। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने बेईमानी से धन हासिल किया और वादे के अनुसार दवाएं उपलब्ध नहीं कराईं। जांच पूरी होने के बाद कानून की प्रक्रिया के तहत श्रीनगर के सब-जज की अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी गई।

क्राइम ब्रांच की जनता से अपील

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच ने इस मामले के बाद आम जनता को आगाह किया है कि वे असामान्य रूप से कम कीमत पर दवाएं या अन्य वित्तीय प्रलोभन देने वाले प्रस्तावों से सावधान रहें। एजेंसी ने लोगों से आग्रह किया है कि कोई भी भुगतान करने से पहले ऐसे दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि या धोखाधड़ी की सूचना तत्काल एसएसपी, आर्थिक अपराध शाखा कश्मीर को दी जाए।

ईओडब्ल्यू की हालिया कार्रवाइयाँ

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब ईओडब्ल्यू ने बड़े आर्थिक अपराध मामलों में चार्जशीट दाखिल की हो। इससे पहले एजेंसी ने सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, बारामूला में ₹3.11 करोड़ के गबन मामले में भी आरोप पत्र दाखिल किया था। उस मामले में धारा 420, 468, 471 और 120-बी आरपीसी के तहत कार्रवाई की गई थी — जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश के आरोप शामिल थे।

उस जांच में यह सामने आया था कि लंगेट शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी ऋण स्वीकृत किए और अपने अधिकार क्षेत्र से परे ओवरड्राफ्ट की अनुमति दी, जिससे बैंक को लगभग ₹3.11 करोड़ का नुकसान हुआ।

आगे क्या होगा

अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। आरोपी अफाक अहमद को अदालत में अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। ईओडब्ल्यू की बढ़ती सक्रियता यह संकेत देती है कि जम्मू-कश्मीर में आर्थिक अपराधों पर शिकंजा कसा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और दशकों पुरानी दोस्ती का दुरुपयोग इस अपराध को और जघन्य बनाता है। ईओडब्ल्यू की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की व्यवस्था है। जब तक दोषसिद्धि दर नहीं बढ़ती और सज़ा कड़ी नहीं होती, चार्जशीट दाखिल करना भर पर्याप्त निवारक नहीं बनेगा।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अफाक अहमद पर क्या आरोप हैं?
अफाक अहमद पर आरोप है कि उसने एक कैंसर पीड़ित महिला के परिजन को सस्ती दरों पर दवाएं दिलाने का झाँसा देकर लाखों रुपये ठग लिए और बाद में न दवाएं दीं और न ही रकम लौटाई। जम्मू-कश्मीर ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद श्रीनगर कोर्ट में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
इस मामले की जांच किसने की?
इस मामले की जांच जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने की। शिकायत मिलने के बाद जांच के आदेश दिए गए और जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर अदालत में चार्जशीट प्रस्तुत की गई।
आरोपी और पीड़ित के बीच क्या संबंध था?
जांच में सामने आया कि आरोपी अफाक अहमद और शिकायतकर्ता 40 वर्ष से भी अधिक पहले एक बोर्डिंग स्कूल में एक साथ पढ़े थे। आरोपी ने इसी पुरानी जान-पहचान का फायदा उठाकर शिकायतकर्ता का विश्वास जीता और फिर उसे ठगा।
क्राइम ब्रांच ने जनता को क्या सावधानी बरतने की सलाह दी है?
क्राइम ब्रांच ने लोगों से कहा है कि असामान्य रूप से कम कीमत पर दवाएं या अन्य वित्तीय प्रलोभन देने वाले किसी भी प्रस्ताव पर भुगतान से पहले स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। किसी भी संदिग्ध धोखाधड़ी की सूचना एसएसपी, आर्थिक अपराध शाखा कश्मीर को दें।
जम्मू-कश्मीर ईओडब्ल्यू ने हाल ही में और कौन-से बड़े मामलों में कार्रवाई की है?
इससे पहले ईओडब्ल्यू ने बारामूला स्थित सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में ₹3.11 करोड़ के गबन मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। उस मामले में लंगेट शाखा के तत्कालीन प्रबंधक पर फर्जी ऋण स्वीकृत करने और अनधिकृत ओवरड्राफ्ट देने का आरोप था।
राष्ट्र प्रेस
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