ईओडब्ल्यू कश्मीर ने क्राइम ब्रांच जांच प्रभावित करने के आरोप में गुलाम अहमद गनी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
सारांश
मुख्य बातें
इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने 18 अगस्त 2026 को श्रीनगर स्थित एंटी-करप्शन स्पेशल जज की अदालत में बडगाम जिले के मिरगुंड निवासी गुलाम अहमद गनी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला क्राइम ब्रांच की जांच को कथित तौर पर रिश्वत देकर प्रभावित करने की कोशिश से जुड़ा है।
मामले की पृष्ठभूमि
जांच एजेंसी को मिली एक लिखित शिकायत के अनुसार, आरोपी गुलाम अहमद गनी ने एक जांच अधिकारी के बैंक खाते में ₹10,000 ट्रांसफर किए थे। कथित तौर पर यह राशि रिश्वत के रूप में दी गई थी, जिसका उद्देश्य क्राइम ब्रांच में चल रही एक जांच को प्रभावित करना था। शिकायत मिलते ही ईओडब्ल्यू ने जांच के आदेश दिए।
जांच और आरोप
जांच के दौरान अधिकारियों ने आरोपों की बारीकी से पड़ताल की और संबंधित साक्ष्य एकत्र किए। जांच में गुलाम अहमद गनी की कथित घटना में संलिप्तता सामने आई, जिसके आधार पर चार्जशीट तैयार की गई। आरोपी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 228 और 229 के तहत संज्ञेय अपराध करने का आरोप लगाया गया है।
अदालत में चार्जशीट पेश
तैयार की गई चार्जशीट को कानूनी प्रक्रिया के अनुसार श्रीनगर के एंटी-करप्शन स्पेशल जज की अदालत के समक्ष न्यायिक निर्णय के लिए प्रस्तुत कर दिया गया है। गौरतलब है कि यह ईओडब्ल्यू की हालिया सक्रियता का हिस्सा है — इससे पहले 8 अगस्त को ईओडब्ल्यू जम्मू ने एक अलग मामले में कार्रवाई की थी, जिसमें डोडा जिले के निवासियों की संयुक्त शिकायत पर किश्तवाड़ के दच्छन क्षेत्र के निवासी बिलाल अहमद — जो वर्तमान में दुबई में रह रहे हैं — पर दुबई में वीजा और नौकरी दिलाने का झांसा देने का आरोप लगाया गया था।
ईओडब्ल्यू की जनता से अपील
ईओडब्ल्यू ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को कोई सुविधा या सेवा प्राप्त करने के लिए रिश्वत न दें और न ही उसकी पेशकश करें। एजेंसी के अनुसार, रिश्वत की किसी भी मांग या भ्रष्ट गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दी जानी चाहिए। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जनता की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।