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श्रीनगर जमीन धोखाधड़ी: क्राइम ब्रांच ने खुशीपोरा मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

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श्रीनगर जमीन धोखाधड़ी: क्राइम ब्रांच ने खुशीपोरा मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

सारांश

श्रीनगर के खुशीपोरा में एक ही जमीन को कई खरीदारों को बेचने के मामले में क्राइम ब्रांच ने दो भाइयों समेत तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। फर्जी राजस्व रिकॉर्ड और जाली सेल डीड के जरिए की गई इस धोखाधड़ी में एक तत्कालीन पटवारी की भी कथित संलिप्तता रही।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच EOW ने 1 जून 2026 को श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
आरोपी मेराजउद्दीन खांडे और शब्बीर अहमद खांडे ने खुशीपोरा, एचएमटी श्रीनगर में एक ही भूखंड को कई खरीदारों को धोखे से बेचा।
मामले में धारा 420, 468, 167 और 120-बी आरपीसी के तहत आरोप दर्ज हैं।
आरोपियों ने फर्जी और परिवर्तित राजस्व रिकॉर्ड तथा जाली सेल डीड का इस्तेमाल किया।
क्राइम ब्रांच ने नागरिकों से आर्थिक धोखाधड़ी की सूचना एसएसपी ईओडब्ल्यू अब्दुल वहीद शाह को देने की अपील की।

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने श्रीनगर के खुशीपोरा, एचएमटी इलाके में एक ही जमीन के टुकड़े को कई खरीदारों को कथित तौर पर धोखे से बेचने के मामले में तीन आरोपियों के विरुद्ध श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। यह कार्रवाई सोमवार, 1 जून 2026 को सामने आई, जब क्राइम ब्रांच ने जाँच पूरी होने के बाद आरोप-पत्र न्यायिक निर्णय के लिए अदालत में पेश किया।

मामले का पूरा घटनाक्रम

जाँच में सामने आया कि आरोपी मेराजउद्दीन खांडे (पुत्र गुलाम अहमद खांडे) और शब्बीर अहमद खांडे — दोनों खुशीपोरा अबानशाह, श्रीनगर के निवासी — ने तत्कालीन पटवारी (जो अब जीवित नहीं हैं) के साथ मिलीभगत कर एक ही भूखंड के लिए कई फर्जी बिक्री दस्तावेज (सेल डीड) तैयार किए। इन दस्तावेजों के आधार पर वही जमीन अलग-अलग खरीदारों को बेची गई, जो स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।

आरोपियों पर धारा 420 (धोखाधड़ी), धारा 468 (जालसाजी), धारा 167 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना) और धारा 120-बी आरपीसी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज है।

कैसे हुई धोखाधड़ी

क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपियों ने खरीदारों को गुमराह करने और अवैध आर्थिक लाभ कमाने के लिए फर्जी एवं परिवर्तित राजस्व रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया। एक ही भूखंड के लिए अलग-अलग पंजीकृत बिक्री दस्तावेज तैयार कर उन्हें वैध दिखाने की कोशिश की गई। यह मामला भूमि रिकॉर्ड में हेराफेरी के उस व्यापक पैटर्न का हिस्सा है जो जम्मू-कश्मीर में समय-समय पर सामने आता रहा है।

आम जनता को सावधानी की सलाह

क्राइम ब्रांच कश्मीर ने अपने बयान में आम नागरिकों को आर्थिक जालसाजों से सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध भूमि लेनदेन की जानकारी सीधे एसएसपी ईओडब्ल्यू श्रीनगर, अब्दुल वहीद शाह को दी जा सकती है। इसके अलावा, पीड़ित आधिकारिक ईमेल के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

आगे की कार्यवाही

चार्जशीट दाखिल होने के साथ अब मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीनगर की अदालत में विचाराधीन है। अदालत अगले चरण में आरोप तय करेगी और सुनवाई की तारीख निर्धारित होगी। क्राइम ब्रांच की EOW शाखा ऐसे आर्थिक अपराधों की जाँच के लिए विशेष रूप से गठित इकाई है, और यह मामला उसके बढ़ते कार्यभार का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अदालत में दोषसिद्धि दर होगी — जो ऐसे आर्थिक अपराध मामलों में ऐतिहासिक रूप से निराशाजनक रही है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर खुशीपोरा जमीन धोखाधड़ी मामला क्या है?
यह मामला एचएमटी श्रीनगर के खुशीपोरा इलाके में स्थित एक ही भूखंड को फर्जी सेल डीड और जाली राजस्व रिकॉर्ड के जरिए कई खरीदारों को बेचने से संबंधित है। आरोपियों ने तत्कालीन पटवारी के साथ मिलकर यह धोखाधड़ी की बताई जाती है।
इस मामले में किन-किन पर चार्जशीट दाखिल हुई है?
चार्जशीट में तीन आरोपियों के नाम हैं — मेराजउद्दीन खांडे, शब्बीर अहमद खांडे (दोनों खुशीपोरा अबानशाह, श्रीनगर निवासी) और एक तत्कालीन पटवारी, जो अब जीवित नहीं हैं। उन पर धारा 420, 468, 167 और 120-बी आरपीसी के तहत आरोप हैं।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
चार्जशीट श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल हो चुकी है। अदालत अब आरोप तय करेगी और सुनवाई की तारीख निर्धारित करेगी। मामला न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में है।
जमीन धोखाधड़ी के शिकार लोग शिकायत कहाँ दर्ज कराएँ?
क्राइम ब्रांच कश्मीर के अनुसार, पीड़ित अपनी शिकायत सीधे एसएसपी ईओडब्ल्यू श्रीनगर, अब्दुल वहीद शाह को दे सकते हैं या आधिकारिक ईमेल के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच EOW क्या है?
EOW यानी आर्थिक अपराध शाखा, क्राइम ब्रांच जम्मू-कश्मीर की विशेष इकाई है जो भूमि धोखाधड़ी, वित्तीय जालसाजी और अन्य गंभीर आर्थिक अपराधों की जाँच करती है। यह शाखा जटिल मामलों में साक्ष्य जुटाकर अदालत में चार्जशीट दाखिल करती है।
राष्ट्र प्रेस
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