29 अक्टूबर 2026
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ईओडब्ल्यू कश्मीर की बड़ी कार्रवाई: प्रवासी संपत्ति धोखाधड़ी में पाँच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

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ईओडब्ल्यू कश्मीर की बड़ी कार्रवाई: प्रवासी संपत्ति धोखाधड़ी में पाँच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

सारांश

जम्मू-कश्मीर की ईओडब्ल्यू ने बारामूला में प्रवासी की ज़मीन की फर्जी बिक्री कर ₹1 करोड़ से अधिक की ठगी के मामले में पाँच आरोपियों के खिलाफ सोपोर अदालत में चार्जशीट दाखिल की। दो आरोपियों के खिलाफ यह दूसरी चार्जशीट है।

मुख्य बातें

ईओडब्ल्यू कश्मीर ने सोपोर सीजेएम अदालत में पाँच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
मामला वूसन, गोशबुघ पट्टन में 14 कनाल 3 मरला प्रवासी भूमि की फर्जी बिक्री से जुड़ा है; पीड़ित को ₹1 करोड़ से अधिक का नुकसान।
आरोपियों ने गलत पहचान, फर्जी दस्तावेज और कथित पावर ऑफ अटॉर्नी के दुरुपयोग से ठगी की।
बृज नाथ (जम्मू) और गुलाम मोहिउद्दीन डार (बडगाम) को सितंबर 2026 में गिरफ्तार किया गया; बृज नाथ अभी सेंट्रल जेल में बंद।
बृज नाथ और गुलाम मोहम्मद शेख के खिलाफ यह दूसरी चार्जशीट; पहली अगस्त 2023 में दाखिल हुई थी।
ईओडब्ल्यू ने नागरिकों को संपत्ति खरीद से पहले राजस्व रिकॉर्ड की पूरी जाँच करने की सलाह दी।

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने बारामूला में एक व्यक्ति से ₹1 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में पाँच आरोपियों के खिलाफ सोपोर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। अधिकारियों ने 29 अक्टूबर 2026 को बताया कि आरोपियों ने बारामूला जिले में प्रवासियों की संपत्ति की फर्जी बिक्री के ज़रिए शिकायतकर्ता के साथ यह ठगी की थी।

मामले का मूल घटनाक्रम

यह मामला वूसन, गोशबुघ पट्टन में स्थित 14 कनाल और 3 मरला भूमि की कथित फर्जी बिक्री से जुड़ा है। यह ज़मीन जवाहर लाल भट्ट की बताई गई है, जो एक प्रवासी हैं। जाँच के अनुसार, शिकायतकर्ता ने इस ज़मीन के लिए ₹1 करोड़ से अधिक का भुगतान किया, लेकिन न तो उसे ज़मीन का कब्ज़ा मिला और न ही उसके पैसे वापस किए गए।

अधिकारियों ने बताया कि यह मामला रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था, जिनमें धोखाधड़ी, गलत पहचान बताना, जालसाज़ी, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल और आपराधिक साजिश शामिल हैं।

आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी

जाँच में सामने आए पाँचों आरोपियों की पहचान इस प्रकार है: बृज नाथ (निवासी अमित नगर, मुथी, जम्मू), गुलाम मोहिउद्दीन डार (निवासी सैमसन, बडगाम), गुलाम मोहम्मद शेख (निवासी साचेन बनेट, बीरवाह, बडगाम), जहूर अहमद डार (निवासी मार्गीपोरा, पट्टन) और रियाज अहमद राथर (निवासी मार्गीपोरा, पट्टन)।

अधिकारियों ने बताया कि इनमें से बृज नाथ और गुलाम मोहिउद्दीन डार को सितंबर 2026 के आखिर में गिरफ्तार किया गया था। डार को जमानत मिल चुकी है, जबकि बृज नाथ अभी भी सेंट्रल जेल में बंद है।

साजिश का तरीका

जाँच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को ठगने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची। इसके तहत उन्होंने गलत पहचान बताई, फर्जी पहचान दस्तावेज तैयार किए और एक कथित 'पावर ऑफ अटॉर्नी' का दुरुपयोग किया। प्रवासियों की अनुपस्थिति में उनकी ज़मीन को निशाना बनाने का यह तरीका जम्मू-कश्मीर में संपत्ति धोखाधड़ी का एक चिंताजनक पैटर्न है।

गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू ने इससे पहले अगस्त 2023 में भी एक अन्य मामले में बृज नाथ और गुलाम मोहम्मद शेख के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। ताज़ा चार्जशीट इन दोनों आरोपियों के खिलाफ दाखिल दूसरी चार्जशीट है, जो यह संकेत देती है कि ये आरोपी कथित तौर पर आदतन अपराधियों की श्रेणी में आ सकते हैं।

ईओडब्ल्यू की सलाह और आगे की जाँच

ईओडब्ल्यू कश्मीर के एसएसपी ने आम जनता को सलाह दी है कि किसी भी संपत्ति की खरीद से पहले ज़मीन के मालिकाना हक के राजस्व रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की भली-भाँति जाँच करें, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अन्य मामलों की जाँच अभी भी जारी है।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर में प्रवासी कश्मीरी पंडितों की संपत्तियों की सुरक्षा एक संवेदनशील और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। ईओडब्ल्यू की यह कार्रवाई संपत्ति-संबंधी धोखाधड़ी पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजस्व विभाग की निगरानी की विफलता भी दर्शाता है। फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और नकली दस्तावेजों पर आधारित लेन-देन को रोकने के लिए महज चार्जशीट पर्याप्त नहीं — ज़मीन-रजिस्ट्री प्रक्रिया में डिजिटल सत्यापन अनिवार्य होना चाहिए।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईओडब्ल्यू कश्मीर ने किस मामले में चार्जशीट दाखिल की है?
ईओडब्ल्यू कश्मीर ने बारामूला के वूसन, गोशबुघ पट्टन में प्रवासी जवाहर लाल भट्ट की 14 कनाल 3 मरला ज़मीन की फर्जी बिक्री कर एक व्यक्ति से ₹1 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में पाँच आरोपियों के खिलाफ सोपोर सीजेएम अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।
इस धोखाधड़ी मामले में कौन-कौन आरोपी हैं?
पाँच आरोपी हैं — बृज नाथ (मुथी, जम्मू), गुलाम मोहिउद्दीन डार (सैमसन, बडगाम), गुलाम मोहम्मद शेख (बीरवाह, बडगाम), जहूर अहमद डार और रियाज अहमद राथर (दोनों मार्गीपोरा, पट्टन)। इनमें से बृज नाथ फिलहाल सेंट्रल जेल में बंद है, जबकि गुलाम मोहिउद्दीन डार को जमानत मिल चुकी है।
आरोपियों ने धोखाधड़ी किस तरह की?
आरोपियों ने गलत पहचान बताकर, फर्जी पहचान दस्तावेज बनाकर और एक कथित 'पावर ऑफ अटॉर्नी' का दुरुपयोग कर शिकायतकर्ता से ज़मीन की कीमत के रूप में ₹1 करोड़ से अधिक वसूले। न तो ज़मीन का कब्ज़ा दिया गया और न ही पैसे वापस किए गए।
क्या इन आरोपियों के खिलाफ पहले भी मामला दर्ज है?
हाँ, ईओडब्ल्यू ने अगस्त 2023 में एक अन्य मामले में बृज नाथ और गुलाम मोहम्मद शेख के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। ताज़ा चार्जशीट इन दोनों के खिलाफ दूसरी चार्जशीट है और दोनों के खिलाफ अन्य मामलों की जाँच भी जारी है।
संपत्ति धोखाधड़ी से बचने के लिए ईओडब्ल्यू ने क्या सलाह दी है?
ईओडब्ल्यू कश्मीर के एसएसपी ने नागरिकों को सलाह दी है कि कोई भी संपत्ति खरीदने से पहले राजस्व रिकॉर्ड में मालिकाना हक की जाँच करें और संबंधित दस्तावेजों को अच्छी तरह सत्यापित करें, ताकि फर्जी बिक्री और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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