4 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच ने कुपवाड़ा के आदतन ठग के खिलाफ दाखिल की दो चार्जशीट, ₹62 लाख की धोखाधड़ी का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच ने कुपवाड़ा के आदतन ठग के खिलाफ दाखिल की दो चार्जशीट, ₹62 लाख की धोखाधड़ी का आरोप

सारांश

जम्मू-कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा ने कुपवाड़ा के एक आदतन ठग अब्दुल मजीद मीर के खिलाफ दो चार्जशीट दाखिल की हैं। आरोप है कि उसने AAI और उपराज्यपाल कार्यालय के नाम पर फर्जी दस्तावेज़ देकर ₹62 लाख से अधिक की ठगी की। घाटी में उस पर 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर ईओडब्ल्यू ने अब्दुल मजीद मीर (निवासी कलारूस लिश्टियाल, कुपवाड़ा) के खिलाफ श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दो चार्जशीट दाखिल कीं।
पहले मामले में नकली AAI नियुक्ति पत्र देकर ₹2.10 लाख की ठगी का आरोप।
दूसरे मामले में उपराज्यपाल के ड्यूटी ऑफिसर बनकर सरकारी नौकरी व ज़मीन के बदले ₹60 लाख वसूलने का आरोप।
आरोपी कश्मीर घाटी में पहले से 15 आपराधिक मामलों में वांछित है।
मामले बीएनएस धाराओं 318(4), 336(3), 340(2) और 238 के तहत दर्ज हैं।

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने धोखाधड़ी और जालसाजी के दो अलग-अलग मामलों में कुपवाड़ा के आदतन अपराधी अब्दुल मजीद मीर के खिलाफ श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चार्जशीट दाखिल की हैं। 4 अक्टूबर 2026 को जारी क्राइम ब्रांच के बयान के अनुसार, आरोपी पर नौकरी दिलाने के बहाने पीड़ितों से लाखों रुपये ठगने और फर्जी सरकारी दस्तावेज़ जारी करने के आरोप हैं।

मुख्य घटनाक्रम

कुपवाड़ा जिले के कलारूस लिश्टियाल निवासी अब्दुल रहीम मीर के पुत्र अब्दुल मजीद मीर के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318(4), 336(3), 340(2) और 238 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जाँच पूरी होने के बाद ईओडब्ल्यू ने दोनों मामलों में न्यायालय के समक्ष चार्जशीट प्रस्तुत की।

पहले मामले में जाँच से आरोप साबित हुए कि आरोपी ने नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर एक पीड़ित से ₹2.10 लाख की ठगी की और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के नाम पर एक नकली एवं जाली नियुक्ति पत्र थमाया।

दूसरे मामले में बड़ी ठगी

दूसरे और अधिक गंभीर मामले में आरोपी ने कथित तौर पर खुद को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से जुड़े ड्यूटी ऑफिसर के रूप में प्रस्तुत किया। उसने पीड़ितों को सरकारी नौकरी और बेमिना स्थित एसडीए कॉलोनी में ज़मीन आवंटन का झूठा वादा किया।

जाँच के अनुसार, अब्दुल मजीद मीर ने इस फर्जीवाड़े में लगभग ₹60 लाख वसूले और फर्जी नियुक्ति पत्र तथा ज़मीन आवंटन दस्तावेज़ जारी किए। दोनों चार्जशीट अब न्यायिक फैसले के लिए अदालत के विचाराधीन हैं।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

अधिकारियों ने बताया कि अब्दुल मजीद मीर कश्मीर घाटी में दर्ज 15 अलग-अलग आपराधिक मामलों में पहले से संलिप्त है, जो उसे एक आदतन अपराधी की श्रेणी में रखता है। गौरतलब है कि इस प्रकार के 'नौकरी दिलाने' के नाम पर ठगी के मामले जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़े हैं, जहाँ रोज़गार की माँग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर है।

क्राइम ब्रांच की जनता से अपील

ईओडब्ल्यू ने आम नागरिकों को आर्थिक धोखाधड़ी करने वालों से सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की किसी भी घटना की जानकारी सीधे एसएसपी ईओडब्ल्यू श्रीनगर (क्राइम ब्रांच) अब्दुल वहीद शाह को दी जा सकती है अथवा आधिकारिक ईमेल पर शिकायत भेजी जा सकती है।

यह ऐसे समय में आया है जब ईओडब्ल्यू हाई-प्रोफाइल आर्थिक अपराधों की जाँच के लिए विशेष तकनीकी दल तैनात कर रही है। दोनों चार्जशीट का परिणाम अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा — जो भविष्य में इस तरह के मामलों में निरोधक संदेश देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि अदालत कितनी जल्दी फैसला सुनाती है — ताकि यह मामला भविष्य में निरोधक उदाहरण बन सके।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अब्दुल मजीद मीर पर क्या आरोप हैं?
अब्दुल मजीद मीर पर नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी AAI नियुक्ति पत्र देकर ₹2.10 लाख और उपराज्यपाल के ड्यूटी ऑफिसर बनकर ₹60 लाख ठगने के आरोप हैं। उन पर बीएनएस की धाराओं 318(4), 336(3), 340(2) और 238 के तहत मामले दर्ज हैं।
जम्मू-कश्मीर ईओडब्ल्यू ने कहाँ चार्जशीट दाखिल की?
ईओडब्ल्यू ने दोनों चार्जशीट श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल की हैं। मामला अब न्यायिक फैसले के लिए अदालत के विचाराधीन है।
आरोपी का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड क्या है?
अधिकारियों के अनुसार, अब्दुल मजीद मीर कश्मीर घाटी में 15 अलग-अलग आपराधिक मामलों में पहले से संलिप्त है। इसी कारण उसे आदतन अपराधी माना जा रहा है।
नागरिक आर्थिक धोखाधड़ी की शिकायत कैसे करें?
क्राइम ब्रांच ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे किसी भी आर्थिक धोखाधड़ी की सूचना एसएसपी ईओडब्ल्यू श्रीनगर (क्राइम ब्रांच) अब्दुल वहीद शाह को दें या आधिकारिक ईमेल पर शिकायत भेजें।
ईओडब्ल्यू क्या होती है और यह क्या काम करती है?
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की विशेष इकाई है जो हाई-प्रोफाइल वित्तीय अपराधों की जाँच करती है। इसमें तकनीकी सहायता और पूर्णकालिक जाँच दल होते हैं जो धोखाधड़ी, जालसाजी और बड़े पैमाने के आर्थिक अपराधों को सुलझाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले