बारामूला में प्रवासी जमीन धोखाधड़ी: क्राइम ब्रांच की रडार पर पाँच आरोपी, बडगाम में तलाशी
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने बारामूला जिले में प्रवासी भूमि की कथित धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले की जाँच के तहत बडगाम जिले के बनित, बीरवाह क्षेत्र में एक आवासीय परिसर की तलाशी ली। यह कार्रवाई ईओडब्ल्यू कश्मीर थाने में दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) के आधार पर की गई। मामले में पाँच आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला बारामूला जिले के गोशबुग पट्टन में स्थित 14 कनाल और 3 मरला प्रवासी भूमि की कथित फर्जी बिक्री से जुड़ा है। आरोप है कि भूमि के वास्तविक मालिक की सहमति लिए बिना जाली दस्तावेज, फर्जी समझौते और आपराधिक साजिश के जरिए इस जमीन को बेचने का प्रयास किया गया।
जाँच में सामने आया है कि कथित आरोपियों ने जमीन बेचने का झाँसा देकर शिकायतकर्ता से करोड़ों रुपये की ठगी की। पुलिस के अनुसार, वास्तविक स्वामी की अनुमति के बिना सौदे का भ्रम फैलाकर इस धोखाधड़ी को अंजाम देने की कोशिश की गई।
जाँच की स्थिति
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि मामले की जाँच जारी है और संबंधित तथ्यों की गहन पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जाँच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एनआईए की अलग कार्रवाई: आतंकी संपत्तियाँ जब्त
इसी बीच, राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने बारामूला में पाकिस्तान समर्थित आतंकी साजिश से जुड़े एक अलग मामले में 17 जून को बड़ी कार्रवाई की। एनआईए ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े मुख्य आरोपी शाहीन अहमद लोन की दो संपत्तियाँ जब्त कीं।
जाँच में सामने आया कि शाहीन अहमद लोन नियंत्रण रेखा (एलओसी) के रास्ते पाकिस्तान से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटकों की तस्करी में कथित तौर पर शामिल था। इन हथियारों को कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकवादियों को सप्लाई किया जाता था।
एनआईए की विशेष अदालत, जम्मू के आदेश के बाद यूएपीए अधिनियम के तहत बारामूला जिले के कनिस्पोरा गाँव में स्थित उसकी दो संपत्तियाँ जब्त की गईं — जिनमें 7.5 मरला भूमि पर बना एक आवासीय घर और 6 मरला भूमि पर निर्मित एक शेड शामिल है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में प्रवासी भूमि को लेकर धोखाधड़ी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। प्रवासी कश्मीरी पंडितों की संपत्तियाँ वर्षों से अनधिकृत कब्जे और फर्जी बिक्री के निशाने पर रही हैं। ईओडब्ल्यू की यह कार्रवाई ऐसे मामलों में सख्ती का संकेत देती है।
आगे क्या होगा
क्राइम ब्रांच की जाँच के पूरा होने के बाद पाँचों आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किए जाने की संभावना है। वहीं, एनआईए का आतंकवाद-विरोधी अभियान बारामूला में जारी है और आगे और कार्रवाइयों से इनकार नहीं किया जा सकता।