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जम्मू-कश्मीर: भूमि रिकॉर्ड धोखाधड़ी में क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों के खिलाफ उधमपुर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की

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जम्मू-कश्मीर: भूमि रिकॉर्ड धोखाधड़ी में क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों के खिलाफ उधमपुर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की

सारांश

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की ईओडब्ल्यू ने उधमपुर की भ्रष्टाचार-रोधी अदालत में भूमि रिकॉर्ड धोखाधड़ी के एक मामले में चार्जशीट दाखिल की है — जिसमें एक आरोपी ने कथित तौर पर तत्कालीन तहसीलदार की मिलीभगत से राजस्व रिकॉर्ड में पिता का नाम बदलवाकर पैतृक संपत्ति हड़पने की कोशिश की।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच ईओडब्ल्यू ने उधमपुर की भ्रष्टाचार-रोधी अदालत में भूमि रिकॉर्ड धोखाधड़ी मामले में चार्जशीट दाखिल की।
आरोपी अल्लाह दीन (निवासी बट्टल बालियन, उधमपुर) पर राजस्व रिकॉर्ड में पिता का नाम 'दलमीर' से बदलकर 'बाघू' करवाने का आरोप है।
दूसरे आरोपी जोगिंदर कुमार साहनी (तत्कालीन उधमपुर तहसीलदार) का निधन हो चुका है; उन पर मिलीभगत का आरोप था।
मामले की जांच डीएसपी आकाश कोहली ने की; चार्जशीट में गवाहों की सूची और जब्त दस्तावेज शामिल।
एसएसपी फैसल कुरैशी ने जनता से आर्थिक धोखाधड़ी की सूचना ईओडब्ल्यू को देने की अपील की।

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) ने उधमपुर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (भ्रष्टाचार-रोधी अदालत) के समक्ष भूमि रिकॉर्ड में धोखाधड़ी के एक मामले में दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर के गंभीर आरोप हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला उधमपुर जिले की बट्टल तहसील के निवासी शमस दीन (पुत्र नूर जमाल) की लिखित शिकायत पर दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि आरोपी अल्लाह दीन (पुत्र दलमीर, निवासी बट्टल बालियन, उधमपुर) ने राजस्व रिकॉर्ड में अपने पिता का नाम धोखाधड़ी से बदलवाया और उसी आधार पर शिकायतकर्ता की पैतृक संपत्ति पर गैर-कानूनी दावा ठोक दिया।

मुख्य घटनाक्रम

जांच में सामने आया कि अल्लाह दीन ने कथित तौर पर तत्कालीन उधमपुर तहसीलदार जोगिंदर कुमार साहनी (अब मृत) की मिलीभगत से राजस्व रिकॉर्ड में अपने पिता का नाम 'दलमीर' से बदलकर 'बाघू' करवाया। इस हेरफेर के ज़रिये शिकायतकर्ता की ज़मीन पर अवैध कब्जे की कोशिश की गई।

गौरतलब है कि इस तरह के राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर के मामले जम्मू-कश्मीर में भूमि विवादों की जड़ में अक्सर पाए जाते हैं, जहाँ दस्तावेजी खामियों का फायदा उठाकर पैतृक संपत्तियाँ हड़पने की कोशिशें होती रही हैं।

जांच और सबूत

इस मामले की जांच डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस आकाश कोहली ने की। जांच के दौरान संबंधित राजस्व रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की गई। जांच में मिले साक्ष्यों और सामग्री के आधार पर आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।

अदालत में दाखिल चार्जशीट में गवाहों की सूची और जब्त दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं, जो अभियोजन पक्ष की दलीलों को पुख्ता आधार देते हैं।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

जम्मू क्राइम ब्रांच ईओडब्ल्यू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फैसल कुरैशी ने आम जनता को सलाह दी है कि वे ऐसे आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों के प्रति सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी घटना की सूचना तत्काल ईओडब्ल्यू के एसएसपी कार्यालय को दी जाए।

आगे की कार्रवाई

अब मामला उधमपुर की भ्रष्टाचार-रोधी अदालत में विचाराधीन है। चूँकि एक आरोपी जोगिंदर कुमार साहनी का निधन हो चुका है, इसलिए मुकदमे का मुख्य फोकस अल्लाह दीन पर रहेगा। अदालत का फैसला भूमि धोखाधड़ी के ऐसे मामलों में एक मिसाल कायम कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ तहसीलदार स्तर पर रिकॉर्ड में हेरफेर की गुंजाइश दशकों से बनी हुई है। एक मृत सरकारी अधिकारी को आरोपी बनाना अभियोजन की सीमा को भी दर्शाता है — असली जवाबदेही तब आती जब वह जीवित होते। ईओडब्ल्यू की यह कार्रवाई स्वागतयोग्य है, लेकिन सवाल यह है कि ऐसे रिकॉर्ड-हेरफेर के कितने मामले अब भी अनसुलझे पड़े हैं जहाँ पीड़ित शिकायत दर्ज करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर भूमि रिकॉर्ड धोखाधड़ी मामले में किन पर चार्जशीट दाखिल हुई है?
उधमपुर के बट्टल बालियन निवासी अल्लाह दीन और तत्कालीन उधमपुर तहसीलदार जोगिंदर कुमार साहनी (अब मृत) के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। दोनों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर के आरोप हैं।
इस मामले में धोखाधड़ी कैसे की गई?
आरोप है कि अल्लाह दीन ने तत्कालीन तहसीलदार की मिलीभगत से राजस्व रिकॉर्ड में अपने पिता का नाम 'दलमीर' से बदलकर 'बाघू' करवाया। इस बदले हुए नाम के आधार पर उसने शिकायतकर्ता शमस दीन की पैतृक संपत्ति पर अवैध दावा किया।
इस मामले की जांच किसने की और अदालत में क्या दाखिल किया गया?
मामले की जांच डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस आकाश कोहली ने की। उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जाँच की। उधमपुर की भ्रष्टाचार-रोधी अदालत में दाखिल चार्जशीट में गवाहों की सूची और जब्त दस्तावेज शामिल हैं।
ईओडब्ल्यू जम्मू ने आम जनता को क्या सलाह दी है?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फैसल कुरैशी ने जनता से अपील की है कि वे आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों के प्रति सतर्क रहें और किसी भी ऐसी घटना की सूचना तत्काल ईओडब्ल्यू के एसएसपी कार्यालय को दें।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
मामला अब उधमपुर की भ्रष्टाचार-रोधी अदालत में विचाराधीन है। चूँकि एक आरोपी जोगिंदर कुमार साहनी का निधन हो चुका है, इसलिए मुकदमा मुख्य रूप से अल्लाह दीन के खिलाफ आगे बढ़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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