मिजोरम CM लालदुहोमा का निर्देश: भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए कानूनी प्रावधानों का सख्त इस्तेमाल करें
सारांश
मुख्य बातें
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने 4 सितंबर 2026 को आइजोल में राज्य के भ्रष्टाचार-रोधी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत उपलब्ध कानूनी प्रावधानों का पूरी कठोरता से उपयोग करें। यह निर्देश सतर्कता विभाग द्वारा मिजोरम लोकायुक्त, भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) और मिजोरम पुलिस के लिए आयोजित प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर दिए गए।
कार्यशाला का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
सतर्कता विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का केंद्रीय उद्देश्य भ्रष्टाचार-रोधी कर्मियों की जाँच क्षमता को निखारना था। मुख्य सचिव एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी खिल्ली राम मीना ने अपने संबोधन में कहा कि कर्मियों के कौशल को उन्नत करने से त्वरित कार्रवाई संभव होगी और टीम वर्क को बल मिलेगा। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकार पारदर्शी प्रशासन की दिशा में ठोस कदम उठाने पर ज़ोर दे रही है।
मुख्यमंत्री की मुख्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने बताया कि एसीबी के लिए नए वाहनों की खरीद को मंजूरी दी जा चुकी है और लोकायुक्त जाँच अधिकारियों को वाहन भत्ते भी प्रदान किए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोविड-19 महामारी के दौरान वित्तीय कठिनाइयों के कारण रोके गए विशेष प्रोत्साहन भत्ते — जो पहले केवल एसीबी कर्मियों को मिलते थे — अब लोकायुक्त जाँच अधिकारियों को भी दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, भ्रष्टाचार-रोधी अभियानों के संचालन हेतु आवश्यक धनराशि भी उपलब्ध कराई गई है।
अधिकारियों को स्पष्ट संदेश
लालदुहोमा ने अधिकारियों से आग्रह किया कि प्रत्येक जाँच बिना किसी भय या पक्षपात के की जाए। उन्होंने रेखांकित किया कि कानून जाँच अधिकारियों को व्यापक अधिकार प्रदान करता है, जिनका उपयोग कानूनी सीमाओं के भीतर ही भ्रष्टाचार और कदाचार को उजागर करने के लिए किया जाना चाहिए। अंतर-विभागीय समन्वय पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि सभी सरकारी विभागों को भ्रष्टाचार-रोधी एजेंसियों को पूर्ण सहयोग देने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
लंबित मामले और आगे की राह
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के अब तक के कार्यों की सराहना करते हुए यह भी स्वीकार किया कि अभी कई जाँचें और मामले लंबित हैं। उन्होंने कर्मियों से अपने सर्वोत्तम प्रयास जारी रखने का आह्वान किया और कहा कि अवसंरचनात्मक सहायता के साथ-साथ कर्मियों का कौशल, बुद्धिमत्ता और समर्पण ही इस अभियान की असली ताकत है। राज्य सरकार का इरादा स्पष्ट है — मिजोरम में एक पारदर्शी और स्वच्छ प्रशासन की नींव रखना।