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मिजोरम CM लालदुहोमा का निर्देश: भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए कानूनी प्रावधानों का सख्त इस्तेमाल करें

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मिजोरम CM लालदुहोमा का निर्देश: भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए कानूनी प्रावधानों का सख्त इस्तेमाल करें

सारांश

मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने आइजोल में भ्रष्टाचार-रोधी एजेंसियों को कड़ा संदेश दिया — कानूनी शक्तियों का पूरा उपयोग करो, बिना भय या पक्षपात के। ACB को नए वाहन, अधिकारियों को रुके हुए प्रोत्साहन भत्ते और जाँच के लिए अलग बजट — यह राज्य में स्वच्छ प्रशासन की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्य बातें

मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने आइजोल में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 पर प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का उद्घाटन किया।
एसीबी (ACB) के लिए नए वाहनों की खरीद मंजूर; लोकायुक्त जाँच अधिकारियों को वाहन भत्ते दिए गए।
कोविड-19 के दौरान रुका विशेष प्रोत्साहन भत्ता अब लोकायुक्त जाँच अधिकारियों को भी मिलेगा।
भ्रष्टाचार-रोधी अभियानों के लिए अलग से धनराशि आवंटित की गई है।
मुख्य सतर्कता अधिकारी खिल्ली राम मीना ने कहा — कर्मियों के कौशल में सुधार से त्वरित कार्रवाई और बेहतर टीम वर्क सुनिश्चित होगा।

मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने 4 सितंबर 2026 को आइजोल में राज्य के भ्रष्टाचार-रोधी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत उपलब्ध कानूनी प्रावधानों का पूरी कठोरता से उपयोग करें। यह निर्देश सतर्कता विभाग द्वारा मिजोरम लोकायुक्त, भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) और मिजोरम पुलिस के लिए आयोजित प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर दिए गए।

कार्यशाला का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

सतर्कता विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का केंद्रीय उद्देश्य भ्रष्टाचार-रोधी कर्मियों की जाँच क्षमता को निखारना था। मुख्य सचिव एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी खिल्ली राम मीना ने अपने संबोधन में कहा कि कर्मियों के कौशल को उन्नत करने से त्वरित कार्रवाई संभव होगी और टीम वर्क को बल मिलेगा। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकार पारदर्शी प्रशासन की दिशा में ठोस कदम उठाने पर ज़ोर दे रही है।

मुख्यमंत्री की मुख्य घोषणाएँ

मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने बताया कि एसीबी के लिए नए वाहनों की खरीद को मंजूरी दी जा चुकी है और लोकायुक्त जाँच अधिकारियों को वाहन भत्ते भी प्रदान किए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोविड-19 महामारी के दौरान वित्तीय कठिनाइयों के कारण रोके गए विशेष प्रोत्साहन भत्ते — जो पहले केवल एसीबी कर्मियों को मिलते थे — अब लोकायुक्त जाँच अधिकारियों को भी दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, भ्रष्टाचार-रोधी अभियानों के संचालन हेतु आवश्यक धनराशि भी उपलब्ध कराई गई है।

अधिकारियों को स्पष्ट संदेश

लालदुहोमा ने अधिकारियों से आग्रह किया कि प्रत्येक जाँच बिना किसी भय या पक्षपात के की जाए। उन्होंने रेखांकित किया कि कानून जाँच अधिकारियों को व्यापक अधिकार प्रदान करता है, जिनका उपयोग कानूनी सीमाओं के भीतर ही भ्रष्टाचार और कदाचार को उजागर करने के लिए किया जाना चाहिए। अंतर-विभागीय समन्वय पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि सभी सरकारी विभागों को भ्रष्टाचार-रोधी एजेंसियों को पूर्ण सहयोग देने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

लंबित मामले और आगे की राह

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के अब तक के कार्यों की सराहना करते हुए यह भी स्वीकार किया कि अभी कई जाँचें और मामले लंबित हैं। उन्होंने कर्मियों से अपने सर्वोत्तम प्रयास जारी रखने का आह्वान किया और कहा कि अवसंरचनात्मक सहायता के साथ-साथ कर्मियों का कौशल, बुद्धिमत्ता और समर्पण ही इस अभियान की असली ताकत है। राज्य सरकार का इरादा स्पष्ट है — मिजोरम में एक पारदर्शी और स्वच्छ प्रशासन की नींव रखना।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि लंबित मामले कितनी तेज़ी से निपटते हैं। लालदुहोमा की 'बिना भय या पक्षपात' वाली भाषा राजनीतिक रूप से साहसी है, पर जब तक जाँच के नतीजे सार्वजनिक नहीं होते, यह महज़ इरादे की घोषणा बनी रहेगी। यह भी ध्यान देने योग्य है कि ACB और लोकायुक्त को वाहन और भत्ते तो मिले, लेकिन स्वतंत्र जाँच की संस्थागत गारंटी — यानी कार्यपालिका के हस्तक्षेप से सुरक्षा — पर कोई ठोस घोषणा नहीं हुई।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिजोरम CM लालदुहोमा ने भ्रष्टाचार के बारे में क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने एसीबी, लोकायुक्त और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत उपलब्ध कानूनी प्रावधानों का पूरी कठोरता से उपयोग करें। उन्होंने कहा कि हर जाँच बिना किसी भय या पक्षपात के की जाए और सभी विभाग पूर्ण सहयोग दें।
मिजोरम में ACB और लोकायुक्त को क्या नई सुविधाएँ मिली हैं?
एसीबी के लिए नए वाहनों की खरीद को मंजूरी दी गई है और लोकायुक्त जाँच अधिकारियों को वाहन भत्ते प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा, कोविड-19 के दौरान रुका विशेष प्रोत्साहन भत्ता अब लोकायुक्त अधिकारियों को भी दिया जाएगा और भ्रष्टाचार-रोधी अभियानों के लिए अलग धनराशि भी आवंटित की गई है।
यह प्रशिक्षण कार्यशाला किसने और क्यों आयोजित की?
यह कार्यशाला मिजोरम के सतर्कता विभाग ने आयोजित की, जिसमें लोकायुक्त, एसीबी और मिजोरम पुलिस के अधिकारी शामिल थे। उद्देश्य था भ्रष्टाचार-रोधी कर्मियों के कौशल को निखारना ताकि वे तेज़ और प्रभावी जाँच कर सकें।
मुख्य सतर्कता अधिकारी खिल्ली राम मीना ने क्या कहा?
मुख्य सचिव एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी खिल्ली राम मीना ने कहा कि कर्मियों के कौशल को उन्नत करने से उनकी क्षमता बढ़ेगी, त्वरित कार्रवाई संभव होगी और टीम वर्क को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्य को विस्तार से रेखांकित किया।
मिजोरम में अभी भी कितने भ्रष्टाचार के मामले लंबित हैं?
मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने स्वयं स्वीकार किया कि अभी कई जाँचें और मामले लंबित हैं, हालाँकि उन्होंने कोई सटीक संख्या नहीं बताई। उन्होंने अधिकारियों से इन मामलों को प्राथमिकता के साथ निपटाने का आग्रह किया।
राष्ट्र प्रेस
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