ईडी की पंजाब-चंडीगढ़ में बड़ी छापेमारी: रॉयल एस्टेट ग्रुप पर ₹32.67 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत पंजाब और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड (सीआरसीपीएल), रॉयल एस्टेट ग्रुप और उनसे संबद्ध व्यक्तियों व कंपनियों के विरुद्ध की गई। जीरकपुर स्थित चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर रॉयल एस्टेट ग्रुप का मुख्यालय भी इस छापेमारी की जद में आया।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी ने यह जांच पंजाब पुलिस के एसएएस नगर थाने में 19 जुलाई 2025 को दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की। उक्त एफआईआर सीआरसीपीएल के निदेशकों और संबद्ध व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420 और 120-बी के अंतर्गत दर्ज की गई थी। आरोपों में आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र शामिल हैं।
मुख्य आरोप: बाउंस चेक और जीएमएडीए को देय रकम
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमएडीए) को देय रकम का जानबूझकर भुगतान न करने और करोड़ों रुपए के बाउंस चेक से जुड़ा है। आरोप है कि एसएएस नगर, पंजाब के कराला गांव में विकसित की जा रही एक आवासीय कॉलोनी परियोजना के दौरान कंपनी ने कथित तौर पर लगभग ₹32.67 करोड़ के चेक जारी किए, जो बाद में बाउंस हो गए।
ईडी की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सीआरसीपीएल पर जीएमएडीए की बड़ी देनदारियां बकाया थीं। इसके बावजूद परियोजना से जुड़े फंड को कथित तौर पर अन्य कंपनियों और संबंधित पक्षों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया। जांच में कई संदिग्ध अंतर-कंपनी लेनदेन भी उजागर हुए हैं।
धन शोधन की आशंका
ईडी को संदेह है कि रॉयल एस्टेट ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के माध्यम से धनराशि को घुमाकर उसकी वास्तविक प्रकृति और स्रोत को छिपाने का प्रयास किया गया। एजेंसी अब यह स्थापित करने में जुटी है कि परियोजना के फंड का उपयोग किन माध्यमों से और किन व्यक्तियों के जरिए किया गया। गौरतलब है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पीएमएलए के तहत इस तरह की जांचें हाल के वर्षों में उत्तर भारत में बढ़ी हैं।
छापेमारी में मिले सबूत
छापेमारी के दौरान ईडी के अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से संबंधित साक्ष्य जब्त किए हैं। एजेंसी के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है।
आगे क्या होगा
ईडी अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे संभव हैं। जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच के बाद एजेंसी संपत्ति कुर्की समेत आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार कर सकती है।