मोहाली–चंडीगढ़ में ईडी की छापेमारी: सनटेक सिटी प्रोजेक्ट समेत 12 ठिकानों पर कार्रवाई, GMADA लाइसेंस घोटाले की जांच
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 7 मई 2026 को मोहाली और चंडीगढ़ में रियल एस्टेट घोटाले से जुड़े 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई सनटेक सिटी प्रोजेक्ट और उससे संबद्ध कई बिल्डरों व कंपनियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर आर्थिक धोखाधड़ी की जांच के तहत की गई है। ईडी की टीमों ने संबंधित दफ्तरों और आवासीय ठिकानों पर दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और फाइलें खंगाली हैं।
जांच के दायरे में कौन-कौन
ईडी की जांच के घेरे में एबीएस टाउनशिप्स प्राइवेट लिमिटेड, अल्टस बिल्डर्स, धीर कंस्ट्रक्शंस और अन्य सहयोगी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा कारोबारी अजय सहगल का नाम भी इस मामले में सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, इन सभी पर आम नागरिकों से प्लॉट और प्रोजेक्ट के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपए जुटाने का आरोप है।
GMADA लाइसेंस में कथित अनियमितताएँ
सूत्रों के अनुसार, यह मामला ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) से जुड़े सीएलयू (भूमि उपयोग में परिवर्तन) लाइसेंस में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ बिल्डरों ने नियमों को दरकिनार कर गलत तरीके से लाइसेंस हासिल किए और फिर इनका उपयोग आम जनता से धन जुटाने के लिए किया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
नितिन गोहल और CMO से कथित संपर्क
इस मामले में नितिन गोहल का नाम भी सामने आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कथित तौर पर वह उन बिल्डरों की मदद करता था जो GMADA की फीस जमा करने में डिफॉल्ट कर चुके थे और उन्हें प्रशासनिक व राजनीतिक स्तर पर राहत दिलाने में भूमिका निभाता था। सूत्रों के अनुसार, नितिन गोहल का नाम मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर गुहमन के करीबी सहयोगी के रूप में सामने आया है और उन पर पंजाब सीएमओ की ओर से एक संपर्क-सूत्र (लायजनर) के तौर पर काम करने का संदेह है।
मनी ट्रेल की जांच जारी
जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर आर्थिक धोखाधड़ी की गई और सरकारी नियमों की अनदेखी करते हुए प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया गया। ईडी अब मनी ट्रेल यानी पैसे के लेन-देन की पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई है। यह जांच आने वाले दिनों में और गहरी होने की संभावना है।