बांकीपुर उपचुनाव: BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी का दावा — NDA उम्मीदवार की होगी जीत, 30 जुलाई को मतदान
सारांश
मुख्य बातें
बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने 6 जुलाई को दावा किया कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का उम्मीदवार भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगा। सरावगी के अनुसार, क्षेत्र में हुए विकास कार्यों और मजबूत संगठनात्मक तैयारी के बल पर पार्टी चुनावी मुकाबले में मज़बूत स्थिति में है। मतदान 30 जुलाई को निर्धारित है।
बांकीपुर में NDA की स्थिति
सरावगी ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में आम नागरिकों और मतदाताओं का व्यापक समर्थन BJP और उसके नेतृत्व वाले NDA उम्मीदवार को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पटना सहित बांकीपुर में पिछले वर्षों में तेज़ गति से विकास कार्य हुए हैं और जनता इन्हीं कार्यों के आधार पर आगामी उपचुनाव में पार्टी को समर्थन देगी। उनके अनुसार, मतदाता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए NDA को जिताएंगे।
उम्मीदवार की घोषणा और चुनावी तैयारी
सरावगी ने बताया कि BJP जल्द ही अपने NDA-समर्थित उम्मीदवार की घोषणा करेगी। अन्य राजनीतिक दल भी अपने-अपने उम्मीदवारों के साथ मैदान में उतरेंगे, जिससे चुनावी मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक हर महीने नियमित रूप से होती है, जिसमें पिछले कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी संगठनात्मक तैयारियों पर चर्चा की जाती है।
विपक्ष पर निशाना
विपक्ष पर हमला बोलते हुए सरावगी ने समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर आरोप लगाया कि उन्हें अयोध्या और भगवान श्रीराम की याद केवल चुनावी मौसम में आती है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता उन्हें आज भी नहीं भूली है। सरावगी के अनुसार, विपक्ष अब "मगरमच्छ के आँसू" बहाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती
सरावगी ने BJP के वरिष्ठ नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि वे राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रतीक थे। उन्होंने बताया कि पूरा देश उनकी 125वीं जयंती मना रहा है। सरावगी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के भारत के अभिन्न अंग बने रहने में मुखर्जी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले उपचुनाव को दोनों पक्षों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है। 30 जुलाई के मतदान से पहले NDA के उम्मीदवार की घोषणा और प्रचार अभियान की दिशा तय होगी, जो बिहार में पार्टी की ज़मीनी ताकत का पैमाना बनेगी।