क्या नीतीश कुमार की सुशासन की पहचान आज भी जनता के दिलों में कायम है?

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क्या नीतीश कुमार की सुशासन की पहचान आज भी जनता के दिलों में कायम है?

सारांश

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की शानदार जीत को नीतीश कुमार के सुशासन का परिणाम बताते हुए संजय झा ने विपक्ष के सभी दावों को खारिज किया। जानें किस प्रकार नीतीश कुमार का नेतृत्व बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण रहा है।

मुख्य बातें

नीतीश कुमार का सुशासन आज भी मजबूत है।
संजय झा ने चुनाव में विकास की राजनीति पर जोर दिया।
बिहार की जनता ने स्थिरता का समर्थन किया।

पटना, 15 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की महान जीत को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और उनके लंबे सुशासन का परिणाम बताया। उन्होंने विपक्ष की उन सभी दलीलों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें नीतीश कुमार की सेहत, एंटी-इंकम्बेंसी या लोकप्रियता में गिरावट का दावा किया गया था।

संजय झा ने स्पष्ट कहा कि नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री थे, हैं और रहेंगे।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से कहा कि पिछले दो दशकों में नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति में भरोसे, विकास और सुशासन की जो पहचान बनाई है, वह आज भी जनता के दिलों में कायम है।

उन्होंने बताया कि पिछले 20 सालों से नीतीश कुमार का सुशासन लोगों को पसंद आया है। पिछले दो साल में केंद्र में एनडीए की सरकार बनी और बिहार के बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा सहयोग मिला। लोगों को भरोसा था कि डबल इंजन की सरकार बिहार को देश के टॉप 10 राज्यों में ले जाएगी और यही विश्वास चुनाव परिणामों में दिखा।

चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री की मेहनत और समर्पण का जिक्र करते हुए सांसद झा ने कहा कि नीतीश कुमार ने हर परिस्थिति में जनता तक पहुंचने का प्रयास किया। प्रचार के दौरान दो दिन बारिश हुई, हेलीकॉप्टर उड़ नहीं सका, तो मुख्यमंत्री ने 600-700 किलोमीटर बाय रोड यात्रा कर जनसभाओं में हिस्सा लिया। वहीं कुछ लोग टी-शर्ट पहनकर मोबाइल से लोगों को संबोधित कर रहे थे। आप इससे अंतर साफ समझ सकते हैं।

उनके मुताबिक, नीतीश कुमार हमेशा जमीन से जुड़े नेता रहे हैं और इस चुनाव में भी उन्होंने इसी परंपरा को निभाया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पूरे चुनाव प्रक्रिया के दौरान लोगों के बीच थे और यह जीत उसी जनसमर्थन का परिणाम है। जनता ने विकास की राजनीति के पक्ष में वोट किया।

संजय झा ने जदयू के चुनाव प्रदर्शन पर भी खुशी जताई। उन्होंने याद दिलाया कि 2020 के चुनाव में पार्टी ने 115 सीटों पर लड़कर 43 सीटें जीती थीं, जबकि इस बार 101 सीटों पर लड़कर 85 सीटों पर शानदार जीत मिली। यह हमारे कार्यकर्ताओं की मेहनत, दृढ़ता और संगठन की मजबूती का नतीजा है। नेतृत्व नीतीश कुमार का था और हम सब सहयोगी के रूप में लगातार उनके साथ रहे।

उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की जनता ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि उन्हें स्थिरता, विकास और सुशासन चाहिए और इसके लिए नीतीश कुमार पर उनका भरोसा बरकरार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि नीतीश कुमार की राजनीति ने बिहार में स्थिरता और विकास का माहौल तैयार किया है। उनका सुशासन और जनसंपर्क की शैली ने उन्हें जनता में लोकप्रिय बना दिया है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीतीश कुमार का नेतृत्व कैसे महत्वपूर्ण है?
नीतीश कुमार का नेतृत्व बिहार में स्थिरता और विकास का प्रतीक है, जिससे जनता का विश्वास बढ़ा है।
संजय झा का क्या कहना है?
संजय झा ने नीतीश कुमार के सुशासन की पहचान को आज भी कायम बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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