कनाडाई पीएम मार्क कार्नी का भारत दौरा: पीएम मोदी से 2 मार्च को महत्वपूर्ण चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- मार्क कार्नी का यह भारत दौरा उनके प्रधानमंत्री के रूप में पहला है।
- वे पीएम मोदी से 2 मार्च को मिलेंगे।
- दौरे का उद्देश्य भारत-कनाडा संबंधों को मजबूत करना है।
- व्यापार, ऊर्जा, और रक्षा जैसे क्षेत्रों में नई साझेदारियों पर चर्चा होगी।
- भारत-कनाडा का द्विपक्षीय व्यापार 30.8 बिलियन डॉलर है।
नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और उनकी पत्नी डायना फॉक्स कार्नी चार दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंच चुके हैं। यह मार्क कार्नी का प्रधानमंत्री के रूप में पहला भारत दौरा है। वे 2 मार्च को पीएम मोदी से देश की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में मुलाकात करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का भारत के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर मुंबई पहुंचने पर स्वागत किया गया है। यह दौरा भारत-कनाडा संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण है। महाराष्ट्र सरकार के प्रोटोकॉल और मार्केटिंग मंत्री जय कुमार रावल ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। भारत-कनाडा साझेदारी साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, लोगों के बीच मजबूत संबंध और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर आधारित है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी को पीएम कार्नी मुंबई में एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद वे 1 मार्च को नई दिल्ली आएंगे। नई दिल्ली में वे 2 मार्च को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से सुबह 9 बजे होटल लीला पैलेस में मिलेंगे। इसके बाद सुबह 10:30 बजे PM मोदी के साथ मुलाकात करेंगे।
11:40 बजे दोनों देशों के बीच एमओयू का आदान-प्रदान होगा और उसके बाद प्रेस स्टेटमेंट जारी किए जाएंगे। एक बजकर 50 मिनट पर भारत मंडपम में भारत-कनाडा सीईओ फोरम की शुरुआत होगी, जिसमें दोनों देशों के प्रधानमंत्री शामिल होंगे। शाम 6 बजे पीएम कार्नी अपने देश के लिए रवाना होंगे।
वे व्यापार और निवेश, ऊर्जा, आवश्यक खनिज, कृषि, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार तथा लोगों के बीच संबंध जैसे विशेष क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर भी अपने विचार साझा करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पीएम कार्नी का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब भारत-कनाडा के आपसी संबंध सामान्य होने के महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। दोनों प्रधानमंत्री एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति आपसी सम्मान, लोगों के बीच मजबूत संबंध और बढ़ती आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
आने वाली मीटिंग, भारत और कनाडा के बीच सकारात्मक मोमेंटम और साझा दृष्टिकोण को फिर से प्रमाणित करने का एक अवसर प्रदान करेगी।
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा सोमवार को जारी बयान में कहा गया था कि दोनों नेता कनाडा-भारत संबंधों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जिसमें व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, एआई, प्रतिभा, संस्कृति और रक्षा के क्षेत्र में नई साझेदारियां शामिल हैं। कार्नी व्यापारिक नेताओं से मिलकर कनाडा में निवेश के अवसरों की पहचान करेंगे और दोनों देशों के व्यवसायों के बीच नई साझेदारियां बनाएंगे।
कार्नी के कार्यालय ने कहा, "कनाडा के तीन सबसे मजबूत इंडो-पैसिफिक साझेदार देशों के इन दौरों के माध्यम से प्रधानमंत्री क्षेत्रीय संबंधों को और गहरा करेंगे, जो हमारी सुरक्षा और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण हैं।"
इसमें यह भी कहा गया, "एक अनिश्चित दुनिया में कनाडा इस बात पर ध्यान दे रहा है कि हम क्या नियंत्रित कर सकते हैं। हम अपने व्यापार को विविधता प्रदान कर रहे हैं और अपने श्रमिकों और व्यवसायों के लिए नए अवसरों को सृजित करने के लिए बड़े पैमाने पर नए निवेश ला रहे हैं।"
कनाडा सरकार ने यह भी कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और वैश्विक वाणिज्य और प्रौद्योगिकी में एक शक्ति केंद्र है। 2024 में भारत कनाडा का सातवां सबसे बड़ा वस्त्र और सेवा व्यापारिक साझेदार बन गया और द्विपक्षीय व्यापार 30.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।