क्या कुर्सी पर लंबे समय तक बैठना आपकी सेहत को कर रहा है प्रभावित?
सारांश
Key Takeaways
- लंबे समय तक बैठने से पाचन समस्याएं हो सकती हैं।
- आयुर्वेद के अनुसार, अच्छी आदतें अपनाना आवश्यक है।
- भोजन को शांति से करना चाहिए।
- खाने के बाद टहलना महत्वपूर्ण है।
- पानी की उचित मात्रा का सेवन करें।
नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आज के युग में कार्यालय में सभी कार्य कंप्यूटर के माध्यम से कुर्सी पर बैठकर किए जाते हैं और निरंतर 8-9 घंटे कुर्सी पर बैठने से कई समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। आपने अक्सर देखा होगा कि जो लोग कार्यालय में बैठकर काम करते हैं, उनका पाचन अन्य लोगों की तुलना में अधिक खराब होता है। इसके पीछे कई कारण हैं, लेकिन आयुर्वेद में इसका समाधान भी मौजूद है।
ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर कार्य करने के कारण चलने-फिरने की गतिविधि कम हो गई है। लोग तुरंत खाकर कुर्सी पर बैठ जाते हैं या फिर डेस्क पर ही भोजन कर लेते हैं। इस प्रकार की आदतें शारीरिक गतिविधियों को कम कर देती हैं, जिससे गैस, पेट का बढ़ना, ब्लोटिंग, वजन बढ़ने और भूख में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यदि यह जीवनशैली लंबे समय तक जारी रहती है, तो पाचन की क्रिया धीमी हो जाती है और भोजन पचने के बजाय पेट में ही सड़ने लगता है, जिससे शरीर बीमारियों का शिकार हो जाता है।
आयुर्वेद के अनुसार, केवल अच्छा भोजन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भोजन के साथ अच्छी आदतों को अपनाना भी आवश्यक है। यदि भोजन को शांत मन और खुशी से किया जाए, तो यह शारीरिक शक्ति के साथ-साथ मानसिक विकारों को भी कम करता है। अगर आप भी ऑफिस में इसी प्रकार की जीवनशैली जी रहे हैं, तो आज ही सावधान हो जाएं। भोजन को शांति से करें और धीरे-धीरे चबाकर खाएं। भोजन को जल्दी खत्म करने की कोई जल्दी न करें।
दूसरे, खाना खाते समय मोबाइल से दूरी बनाएं और भोजन के बाद तुरंत कुर्सी पर न बैठें, बल्कि कुछ मिनटों के लिए टहलें। भले ही 10 मिनट का समय निकालें, लेकिन टहलना न भूलें। पूरे दिन कुर्सी पर लगातार न बैठें। 1-2 घंटे के बीच थोड़ा पैदल चलें और भरपूर मात्रा में पानी पिएं। गर्मियों में शरीर को अधिक पानी की आवश्यकता होती है, इसलिए पर्याप्त पानी अवश्य पिएं। इसके अलावा, दोपहर में तला-भुना कम खाएं और हल्का व पौष्टिक भोजन लें। हल्का भोजन पचाने में आसान होता है।