क्या लंबे समय तक बैठने से पीठ दर्द और अकड़न की समस्या होती है? 'छोटा ब्रेक' देगा बड़ी राहत
सारांश
Key Takeaways
- लंबे समय तक बैठने से पीठ दर्द हो सकता है।
- छोटे ब्रेक और एक्सरसाइज से आराम मिलता है।
- हर 45-60 मिनट में 2-5 मिनट का ब्रेक लें।
- सही मुद्रा बनाए रखने से थकान कम होती है।
- साधारण मूवमेंट्स से लचीलापन बढ़ता है।
नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान में ऑफिस, घर या लैपटॉप के सामने घंटों बैठना आम हो गया है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना पीठ में खिंचाव, अकड़न और दर्द की समस्याओं को बढ़ा सकता है। ऐसे में छोटा ब्रेक इन समस्याओं से निजात दिलाने में अत्यंत सहायक होता है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की सलाह है कि लंबे कार्यदिवस को अपने ऊपर हावी न होने दें। छोटे-छोटे ब्रेक और आसान एक्सरसाइज पीठ को स्वस्थ, लचीला और दर्द-मुक्त रखने में मदद कर सकते हैं। दिन में हर 45-60 मिनट में 2-5 मिनट का ब्रेक लेना फायदेमंद होता है। ये छोटे ब्रेक न केवल आराम देते हैं, बल्कि पीठ की मांसपेशियों को रिलैक्स करते हैं, रक्त संचार में वृद्धि करते हैं और जोड़ों में लचीलापन लाते हैं। इससे बेहतर पोस्चर बनता है, थकान कम होती है और पूरा दिन तरोताजा महसूस होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ सरल स्टेप्स हैं, जिन्हें काम के दौरान या ऑफिस में भी किया जा सकता है। सीधे खड़े होकर स्ट्रेच करें। कुर्सी से उठकर, दोनों हाथ ऊपर उठाकर अच्छी तरह खिंचाव लें। 10-15 सेकंड तक उसी स्थिति में रहें और फिर धीरे-धीरे नीचे आएं।
कंधों को भी आराम देने के लिए उपाय बताए गए हैं। पहले कंधों को आगे-पीछे गोल-गोल घुमाएं। यह हर दिशा में 10 बार करें। इससे कंधे और ऊपरी पीठ की अकड़न कम होती है।
विशेषज्ञ अन्य मूवमेंट्स के बारे में भी जानकारी प्रदान करते हैं। इनमें से एक में पीठ को आगे-पीछे मोड़ना शामिल है। कुर्सी पर बैठकर धीरे से कमर को आगे झुकाएं (हाथ घुटनों पर) और फिर पीछे झुककर पीठ को आराम दें। गर्दन के लिए, सिर को धीरे से बाएं-दाएं, आगे-पीछे और कंधों की दिशा में झुकाएं। हर दिशा में 10 सेकंड रुकें। कुर्सी पर बैठकर कमर को बाएं-दाएं घुमाएं। इससे कमर के जोड़ लचीले रहते हैं। पैरों के लिए भी आसान व्यायाम हैं। बैठे-बैठे टखनों को घुमाएं और पैरों को आगे-पीछे हिलाएं। इससे पैरों में रक्त संचार में सुधार होता है।
ये छोटी-छोटी मूवमेंट्स पीठ की अकड़न को कम करते हैं, लचीलापन बढ़ाते हैं, बेहतर बैठने की मुद्रा बनाए रखते हैं और दर्द की समस्या को काफी हद तक समाप्त कर देते हैं।