खड़गपुर स्टेशन पर जीआरपी ने पकड़े ₹14 करोड़, टाटानगर से हावड़ा ले जाई जा रही थी नकदी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर 4 नवंबर 2026 को सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने ₹14 करोड़ की भारी नकदी बरामद की। यह रकम झारखंड के टाटानगर से पश्चिम बंगाल के हावड़ा ले जाई जा रही थी और गंतव्य तक पहुँचने से पहले ही जीआरपी ने संदिग्ध यात्री को रंगे हाथ पकड़ लिया। इस मामले में एक यात्री को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है और आयकर विभाग को सूचित कर दिया गया है।
घटनाक्रम कैसे हुआ
जीआरपी अधिकारियों के अनुसार, घटना सुबह के समय हुई जब जन शताब्दी एक्सप्रेस खड़गपुर स्टेशन पर रुकी। संदिग्ध यात्री राहुल सोनी प्लेटफार्म नंबर सात पर पीठ पर एक बैग और दोनों हाथों में दो और बैग लिए खड़ा था। ड्यूटी पर तैनात जीआरपी कर्मियों को उसकी हरकतें संदिग्ध लगीं और जैसे ही वे उसकी ओर बढ़े, राहुल ने भागने की कोशिश की।
हालाँकि, जीआरपी कर्मियों ने उसे दबोच लिया। पूछताछ के दौरान राहुल के जवाब अस्पष्ट और असंतोषजनक रहे, जिससे संदेह और गहरा हो गया। इसके बाद बैग की तलाशी ली गई तो उसमें ₹500 के नोटों के कुल 280 बंडल भरे मिले।
गिरफ्तारी और जाँच
रेलवे पुलिस अधीक्षक (खड़गपुर) जयंत मुखर्जी ने बताया कि इतनी बड़ी रकम के स्रोत का पता लगाने के लिए यात्री से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार व्यक्ति का घर हावड़ा में बताया गया है। पूछताछ में राहुल ने स्वीकार किया कि वह टाटानगर से यह नकदी हावड़ा ले जा रहा था, लेकिन यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह रकम किससे और किस उद्देश्य के लिए ली गई थी।
खड़गपुर जीआरपी ने राहुल को हिरासत में लेकर तत्काल आयकर विभाग को सूचित किया, जिसके बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
व्यापक संदर्भ: बंगाल में बेहिसाब नकदी की बढ़ती घटनाएँ
गौरतलब है कि हावड़ा स्टेशन परिसर और उससे जुड़े रेल मार्गों पर समय-समय पर बड़ी मात्रा में बेहिसाब नकदी पकड़े जाने की घटनाएँ सामने आती रही हैं। यह ऐसे समय में हुआ है जब डायमंड हार्बर पुलिस ने दक्षिण 24 परगना जिले के सरिशा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यालय से ₹1 करोड़ से अधिक की नकदी बरामद की थी।
दोनों घटनाएँ एक ही समयावधि में सामने आने से जाँच एजेंसियों और राजनीतिक हलकों में इन बरामदगियों के परस्पर संबंध को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालाँकि, अभी तक किसी भी आधिकारिक सूत्र ने दोनों मामलों को आपस में जोड़ने का दावा नहीं किया है।
आगे की कार्रवाई
आयकर विभाग मामले की जाँच में सक्रिय हो गया है और नकदी के स्रोत तथा उसके वास्तविक गंतव्य का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जाँच एजेंसियाँ यह भी स्थापित करने का प्रयास कर रही हैं कि क्या यह रकम किसी चुनावी या वित्तीय अनियमितता से जुड़ी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।