14 जुलाई 2026
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गुना में ट्रेन चोरी गैंग का भंडाफोड़: 9 अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार, ₹15 लाख के सोने के गहने बरामद

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गुना में ट्रेन चोरी गैंग का भंडाफोड़: 9 अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार, ₹15 लाख के सोने के गहने बरामद

सारांश

गुना जीआरपी ने 250 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तीन राज्यों में सक्रिय ट्रेन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया। 9 आरोपी गिरफ्तार, ₹15 लाख के सोने के गहने बरामद — सरगना राजकुमार सिंह यादव की गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

मुख्य बातें

गुना जीआरपी ने 14 जुलाई को ट्रेन चोरी के अंतरराज्यीय गिरोह के 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के कब्जे से लगभग 100 ग्राम सोने के आभूषण बरामद, अनुमानित कीमत ₹15 लाख ।
गिरोह मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की ट्रेनों में सक्रिय था; सरगना राजकुमार सिंह यादव को म्याना से पकड़ा गया।
250 से अधिक सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और मुखबिर की सूचना से गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।
रेलवे स्टेशन लूट के मामले में भी शुभम वाल्मीकी और लाखन वाल्मीकी गिरफ्तार; ₹36 हजार की लूट में ₹18 हजार बरामद।
दोनों मामलों का खुलासा विशेष टीम, साइबर सेल और डिटेक्टिव टीम की संयुक्त कार्रवाई से हुआ।

मध्य प्रदेश के गुना में जीआरपी (Government Railway Police) ने 14 जुलाई को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने गिरोह के 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से लगभग 100 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹15 लाख बताई गई है। सभी गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी हैं।

मामले की शुरुआत कैसे हुई

13 जून को अशोकनगर जिले के ग्राम नरखेड़ा निवासी आविद खान अपने परिवार के साथ मुंगावली स्टेशन से बीना-ग्वालियर पैसेंजर ट्रेन में सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान अज्ञात बदमाशों ने उनके ट्रॉली बैग की चेन खोलकर उसमें रखे सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल एक विशेष एसआईटी का गठन किया।

जांच और गिरफ्तारी का घटनाक्रम

जांच दल ने गुना, अशोकनगर, शाढ़ौरा, बीना, शिवपुरी और ग्वालियर सहित कई रेलवे स्टेशनों, होटलों और लॉजों की गहन जांच की। 250 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर गिरोह के सदस्यों की पहचान की गई, जिसके बाद पुलिस टीमों ने उत्तर प्रदेश के कई शहरों में छापेमारी की।

मुखबिर की सूचना पर गिरोह के सरगना राजकुमार सिंह यादव को म्याना से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर गिरोह के शेष सदस्यों को भी पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपी हाथरस, अलीगढ़, एटा, फिरोजाबाद, मथुरा, आगरा और कासगंज जिलों के निवासी हैं।

बरामद माल और खुलासे

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सोने का हार, पेंडल सहित सोने की चेन, दो प्लेन चेन, चार कंगन और दो अंगूठियाँ — कुल लगभग 100 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि कुछ आभूषण उत्तर प्रदेश के हाथरस में बेचे जा चुके हैं, जिनकी बरामदगी के प्रयास जारी हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के दो सदस्यों ने इससे पहले ग्वालियर-बीना पैसेंजर ट्रेन में एक महिला का पर्स चुराने की वारदात भी कबूल की है। उनकी निशानदेही पर ₹25 हजार कीमत का मंगलसूत्र और सोने के मोती भी बरामद किए गए।

गिरोह का कार्यक्षेत्र और आपराधिक इतिहास

प्रारंभिक जांच के अनुसार यह गिरोह मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य ट्रेनों में यात्रियों के पास बैठकर उनके बैग की चेन खोलकर चोरी करते थे। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।

रेलवे स्टेशन लूट का भी खुलासा

इसी कार्रवाई के दौरान जीआरपी गुना ने रेलवे स्टेशन क्षेत्र में हुई एक लूट का भी पर्दाफाश किया। 11 जुलाई को ग्राम रामगीर कला निवासी रबजीत यादव गुना आए थे। शराब दुकान पर रुपए निकालते समय दो युवकों ने उन्हें देख लिया और बाद में रेलवे स्टेशन के ओवरब्रिज के पास रोककर ₹36 हजार लूट लिए।

सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने शुभम वाल्मीकी और लाखन वाल्मीकी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने वारदात स्वीकार की और बताया कि लूटी रकम आपस में बाँट ली थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹18 हजार बरामद किए; शेष राशि शराब और जुए में खर्च होने की बात सामने आई। दोनों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

जीआरपी गुना ने बताया कि दोनों मामलों का खुलासा विशेष टीम, साइबर सेल और डिटेक्टिव टीम की संयुक्त कार्रवाई से संभव हुआ। पुलिस अब आरोपियों के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड और दूसरे राज्यों में दर्ज मामलों की भी जांच कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल उठता है कि जब आरोपियों के खिलाफ कई राज्यों में पहले से मामले दर्ज थे, तो उन्हें इतने लंबे समय तक सक्रिय रहने का मौका कैसे मिला। अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क से निपटने के लिए राज्य पुलिस बलों के बीच रियल-टाइम डेटा साझाकरण की कमी एक पुरानी समस्या है। जब तक यह खामी नहीं भरती, ऐसे गिरोह एक राज्य में पकड़े जाने के बाद दूसरे में सक्रिय होते रहेंगे।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुना में पकड़े गए ट्रेन चोरी गिरोह में कौन-कौन शामिल थे?
गिरफ्तार 9 आरोपी उत्तर प्रदेश के हाथरस, अलीगढ़, एटा, फिरोजाबाद, मथुरा, आगरा और कासगंज जिलों के निवासी हैं। गिरोह का सरगना राजकुमार सिंह यादव था, जिसे म्याना से गिरफ्तार किया गया।
गुना जीआरपी ने यह गिरोह कैसे पकड़ा?
पुलिस ने 250 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर सरगना को पकड़ा गया और उसकी निशानदेही पर बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने का हार, चेन, दो प्लेन चेन, चार कंगन और दो अंगूठियाँ — कुल लगभग 100 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए, जिनकी कीमत करीब ₹15 लाख बताई गई है। इसके अलावा एक महिला के पर्स चोरी मामले में ₹25 हजार का मंगलसूत्र और सोने के मोती भी बरामद हुए।
यह गिरोह किन-किन राज्यों में सक्रिय था?
प्रारंभिक जांच के अनुसार यह गिरोह मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाता था। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गुना रेलवे स्टेशन लूट मामले में क्या हुआ?
11 जुलाई को रबजीत यादव से रेलवे स्टेशन के ओवरब्रिज के पास ₹36 हजार की लूट हुई थी। सीसीटीवी फुटेज से शुभम वाल्मीकी और लाखन वाल्मीकी की पहचान कर गिरफ्तार किया गया; ₹18 हजार बरामद हुए और दोनों को जेल भेज दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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