इंदौर जीआरपी ने पकड़ा ट्रेन चोर जितेंद्र चावला, ₹15 लाख के सोने के गहने बरामद; 20+ मामले दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के इंदौर में गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने बुधवार, 24 जून 2026 को एक शातिर ट्रेन चोर को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की। आरोपी की पहचान जितेंद्र चावला के रूप में हुई है, जो उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर थाना क्षेत्र का निवासी है। गिरफ्तारी के समय उसके पास से ₹15 लाख मूल्य के 12 तोले सोने के आभूषण बरामद किए गए।
मामले की पृष्ठभूमि
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत 16 मार्च को हुई, जब एक शिकायतकर्ता ने जीआरपी इंदौर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, वह अहमदाबाद से इंदौर की ट्रेन यात्रा के दौरान अपना पर्स खो बैठे, जिसमें 12 तोले के सोने के गहने, नकद राशि और मोबाइल फोन रखे थे। शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर जाँच का काम शुरू किया।
500 कैमरों की जाँच, विशेष टीम गठित
जीआरपी इंदौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमंत चौहान ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष जाँच दल का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी और मानवीय दोनों पहलुओं से घटना की पड़ताल की। इस क्रम में विभिन्न रेलवे स्टेशनों और प्लेटफार्मों पर लगे लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण किया गया, जिसके बाद संदिग्ध की पहचान संभव हो सकी।
शातिर तरीके से बचता रहा आरोपी
चौहान ने बताया कि जितेंद्र चावला अत्यंत चालाक प्रवृत्ति का अपराधी है। वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था और लोकेशन ट्रैकिंग से बचने के लिए बार-बार नए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने उसकी तस्वीर अलग-अलग राज्यों की पुलिस को भेजी, और अंततः समन्वित प्रयासों से उसे दबोचने में कामयाबी मिली।
20 से अधिक राज्यों में चोरी के मामले
गिरफ्तारी के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध अलग-अलग राज्यों में 20 से अधिक चोरी के मामले दर्ज हैं, जिनमें अधिकांश वारदातें चलती ट्रेनों में की गई हैं। अतिरिक्त एसपी चौहान ने बताया कि चावला महँगी शराब पीने, नई-नई जगहें घूमने और हवाई यात्रा जैसे खर्चीले शौक पूरे करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी मात्र 8वीं कक्षा तक पढ़ा-लिखा है।
आगे की कार्रवाई
जीआरपी इंदौर ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। अन्य राज्यों में दर्ज मामलों के संदर्भ में संबंधित पुलिस बलों से समन्वय जारी है। यह गिरफ्तारी रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से एक अहम कदम है और दर्शाती है कि तकनीकी निगरानी तंत्र अंतरराज्यीय अपराधियों की धरपकड़ में कितना कारगर साबित हो सकता है।