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भारत-न्यूजीलैंड एफटीए: पहले दिन से 57% निर्यात टैरिफ मुक्त, पीएम लक्सन ने बताया 'पीढ़ी में एक बार का मौका'

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भारत-न्यूजीलैंड एफटीए: पहले दिन से 57% निर्यात टैरिफ मुक्त, पीएम लक्सन ने बताया 'पीढ़ी में एक बार का मौका'

सारांश

40 साल में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड जा रहा है — और इस बार खाली हाथ नहीं। 27 अप्रैल को फाइनल हुए एफटीए के साथ, न्यूजीलैंड का 57% निर्यात पहले दिन से टैरिफ मुक्त होगा। लक्सन इसे 'पीढ़ी में एक बार का मौका' कह रहे हैं।

मुख्य बातें

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने 9 जुलाई को एक्स पर घोषणा की कि भारत-न्यूजीलैंड एफटीए के तहत 57% निर्यात पहले दिन से टैरिफ मुक्त होगा।
भारत और न्यूजीलैंड ने 27 अप्रैल 2025 को मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10-11 जुलाई को न्यूजीलैंड के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर जाएंगे — लगभग 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा।
लक्सन ने इस एफटीए को 'पीढ़ी में एक बार मिलने वाला अवसर' बताया।
मोदी का यह दौरा मार्च 2025 में लक्सन की भारत यात्रा के बाद द्विपक्षीय संबंधों की अगली कड़ी है।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने गुरुवार, 9 जुलाई को घोषणा की कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लागू होते ही न्यूजीलैंड का भारत को होने वाला 57% निर्यात पहले दिन से टैरिफ मुक्त हो जाएगा। यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड के ऐतिहासिक दो दिवसीय दौरे पर जाने वाले हैं — लगभग 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला आधिकारिक न्यूजीलैंड दौरा है।

एफटीए की मुख्य विशेषताएँ

एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लक्सन ने लिखा, 'हमारे व्यापार समझौते से न्यूजीलैंड के बिजनेस में तेजी आने वाली है और हम भारत को जो कुछ भी निर्यात करते हैं, उसका 57 फीसदी पहले दिन से ही टैरिफ मुक्त होगा।' इस समझौते को दोनों देशों ने 27 अप्रैल 2025 को अंतिम रूप दिया था, जिसे द्विपक्षीय संबंधों में एक निर्णायक पड़ाव माना जा रहा है।

लक्सन ने इस एफटीए को 'पीढ़ी में एक बार मिलने वाला अवसर' करार दिया और भारत को दुनिया की सबसे बड़ी उभरती उपभोक्ता अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताया। उनके अनुसार यह समझौता न्यूजीलैंड को भारत की आर्थिक विकास यात्रा से सीधे जोड़ने का माध्यम बनेगा।

मोदी का ऐतिहासिक न्यूजीलैंड दौरा

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा मार्च 2025 में लक्सन की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक गर्मजोशी की अगली कड़ी है। मोदी ने एक्स पर लिखा, 'अपने दौरे पर मैं प्रधानमंत्री लक्सन के साथ इस बारे में चर्चा करूंगा कि आर्थिक, व्यापारिक और कमर्शियल संबंधों को और कैसे बढ़ाया जाए।' उन्होंने यह भी कहा कि यह दौरा मार्च 2025 के बाद से आपसी संबंधों में आई 'मजबूत रफ्तार को और अधिक मजबूत करेगा।'

प्रवासी भारतीय समुदाय की भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में न्यूजीलैंड में बसे प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वह जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भारतीय समुदाय के एक बड़े समूह को संबोधित करने के लिए उत्सुक हैं। गौरतलब है कि न्यूजीलैंड में भारतीय मूल के लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है और वे वहाँ की अर्थव्यवस्था व सामाजिक ताने-बाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आगे क्या होगा

मोदी के 10-11 जुलाई के दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और वाणिज्यिक साझेदारी को और गहरा करने पर बातचीत होने की उम्मीद है। लक्सन ने स्पष्ट किया कि यह एफटीए न्यूजीलैंड को भारत की आर्थिक प्रक्षेपवक्र के साथ निकटता से जोड़ने की स्थिति में रखता है, क्योंकि भारत वैश्विक स्तर पर अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह मजबूत करता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बाकी 43% पर टैरिफ कटौती की समयसीमा और शर्तें क्या हैं — जो अभी सार्वजनिक नहीं हुई हैं। न्यूजीलैंड के लिए भारत एक विशाल उपभोक्ता बाजार है, लेकिन भारतीय कृषि और डेयरी क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए एफटीए की बारीकियाँ राजनीतिक रूप से नाजुक हो सकती हैं। 40 साल बाद हो रहा यह दौरा दिखाता है कि भारत की बढ़ती वैश्विक आर्थिक ताकत ने उसे कूटनीतिक प्राथमिकताओं की सूची में ऊपर ला दिया है — लेकिन क्रियान्वयन की कसौटी पर यह समझौता कितना खरा उतरता है, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) क्या है?
यह दोनों देशों के बीच 27 अप्रैल 2025 को अंतिम रूप दिया गया व्यापार समझौता है, जिसके तहत न्यूजीलैंड का भारत को होने वाला 57% निर्यात पहले दिन से टैरिफ मुक्त होगा। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करना है।
पीएम मोदी न्यूजीलैंड दौरे पर कब जाएंगे?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 11 जुलाई को न्यूजीलैंड के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। यह लगभग 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला आधिकारिक न्यूजीलैंड दौरा है।
पीएम लक्सन ने एफटीए को 'पीढ़ी में एक बार का मौका' क्यों कहा?
लक्सन के अनुसार भारत तेजी से दुनिया की सबसे बड़ी उपभोक्ता अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन रहा है। उनका मानना है कि यह एफटीए न्यूजीलैंड को भारत की आर्थिक विकास यात्रा से सीधे जोड़ने का एक दुर्लभ अवसर है, जो इस पैमाने पर बार-बार नहीं मिलता।
इस दौरे में प्रवासी भारतीय समुदाय की क्या भूमिका है?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि वह न्यूजीलैंड में बसे प्रवासी भारतीय समुदाय के एक बड़े समूह को संबोधित करेंगे। न्यूजीलैंड में भारतीय मूल के लोग वहाँ की अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए की पृष्ठभूमि क्या है?
दोनों देशों के बीच इस समझौते की नींव मार्च 2025 में लक्सन की भारत यात्रा के दौरान पड़ी थी। इसके बाद 27 अप्रैल 2025 को एफटीए को अंतिम रूप दिया गया, और अब मोदी का न्यूजीलैंड दौरा इस साझेदारी को और गहरा करने का अगला कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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