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क्या न्यूजीलैंड के पीएम ने भारत के साथ एफटीए के प्रभावों के बारे में बताया?

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क्या न्यूजीलैंड के पीएम ने भारत के साथ एफटीए के प्रभावों के बारे में बताया?

सारांश

क्या न्यूजीलैंड के पीएम ने भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के प्रभावों को समझाया? जानिए इस समझौते से रोजगार, निर्यात और आय में वृद्धि की संभावना के बारे में।

मुख्य बातें

न्यूजीलैंड और भारत के बीच एफटीए से रोजगार में वृद्धि होगी।
15 वर्षों में 20 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा।
कई श्रमिक-प्रधान क्षेत्रों को समर्थन मिलेगा।
भारतीय निर्यात पर ड्यूटी खत्म होगी।
द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

नई दिल्ली, 27 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शनिवार को कहा कि भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से रोजगार में वृद्धि होगी। इसके अलावा, निर्यात और आय में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

यह टिप्पणी उन्होंने तब की जब भारत और न्यूजीलैंड ने एक व्यापक और लंबे समय से प्रतीक्षित एफटीए पर हस्ताक्षर किए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लक्सन ने कहा, "हमने कहा था कि हम अपने पहले कार्यकाल में भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता करेंगे और हमने इसे पूरा किया। इस ऐतिहासिक समझौते के माध्यम से 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं के लिए दरवाजे खोलकर अधिक नौकरियां, अधिक आय और अधिक निर्यात किया जाएगा।"

एफटीए पर बातचीत औपचारिक रूप से 16 मार्च को शुरू हुई थी। नौ महीनों में इस समझौते का स्वागत करते हुए लक्सन ने कहा, "बेसिक्स को ठीक करो। भविष्य का निर्माण करो।"

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया था।

उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण, द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को मजबूत बढ़ावा। मेरे दोस्त पीएम क्रिस्टोफर लक्सन और मैंने ऐतिहासिक भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के पूरा होने के बाद कुछ समय पहले बहुत अच्छी बातचीत की।"

एफटीए भारतीय निर्यात पर ड्यूटी खत्म करता है। साथ ही दीर्घकालिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के लिए 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता भी है।

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, यह भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों तक बाजार पहुंच को बढ़ाता है। इन क्षेत्रों में कपड़ा, परिधान, चमड़ा, जूते, समुद्री उत्पाद, रत्न और आभूषण, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग सामान और ऑटोमोबाइल शामिल हैं, जो सीधे भारतीय श्रमिकों, कारीगरों, महिलाओं, युवाओं और एमएसएमई का समर्थन करते हैं और उन्हें ग्लोबल वैल्यू चेन में गहराई से एकीकृत करते हैं।

इस बीच, वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, भारत ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अच्छी सफलता हासिल की है। इनमें आईटी और आईटी-सक्षम सेवाएं (जैसे सॉफ्टवेयर और कंप्यूटर सेवाएं), पेशेवर सेवाएं (जैसे वकील, इंजीनियरिंग, लेखा), शिक्षा (ऑनलाइन कोर्स, ट्रेनिंग), वित्तीय सेवाएं (बैंकिंग, बीमा), पर्यटन, निर्माण (बिल्डिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर) और अन्य बिजनेस सेवाएं शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा। यह एफटीए कई क्षेत्रों में रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा देगा, जो कि भारतीय श्रमिकों और उद्यमियों के लिए फायदेमंद साबित होगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और न्यूजीलैंड के बीच एफटीए का मुख्य उद्देश्य क्या है?
एफटीए का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना और दोनों देशों के लिए आर्थिक अवसरों का विस्तार करना है।
इस समझौते से भारत को क्या लाभ होगा?
इस समझौते से भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे कपड़ा, इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल में रोजगार और निर्यात में वृद्धि होगी।
क्या एफटीए से भारतीय उपभोक्ताओं को कोई लाभ मिलेगा?
हाँ, इस एफटीए से भारतीय उपभोक्ताओं के लिए नए उत्पादों की उपलब्धता में वृद्धि होगी और कीमतों में भी कमी आ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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