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तरुण चुघ ने 'मन की बात' के बाद कहा: पंजाब की पहचान लस्सी है, नशा नहीं

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तरुण चुघ ने 'मन की बात' के बाद कहा: पंजाब की पहचान लस्सी है, नशा नहीं

सारांश

'मन की बात' के 134वें एपिसोड के बाद BJP महासचिव तरुण चुघ ने अमृतसर में लस्सी पीकर संदेश दिया — पंजाब की पहचान नशा नहीं, परंपरा है। साथ ही महाराष्ट्र में हापुस आम की तारीफ पर शिवसेना ने भी प्रधानमंत्री का आभार जताया।

मुख्य बातें

BJP राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने 31 मई को अमृतसर में 'मन की बात' के 134वें एपिसोड के बाद लस्सी पीकर पंजाब की पारंपरिक पहचान को रेखांकित किया।
चुघ ने हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम सुना और युवाओं को नशे से दूर रखने के अभियान को दोहराया।
अभियान में पंजाब के खिलाड़ी, कलाकार और प्रसिद्ध हस्तियाँ भी सक्रिय रूप से जुड़ी हैं।
शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने PM मोदी द्वारा हापुस आम की सराहना पर प्रसन्नता जताई और कोकण के किसानों का मनोबल बढ़ने की बात कही।
हापुस आम दुनिया के कई देशों में निर्यात होता है; PM के उल्लेख से इसे नई पहचान मिली।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने 31 मई को अमृतसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 134वें एपिसोड के बाद स्पष्ट कहा कि पंजाब की असली पहचान नशे से नहीं, बल्कि दूध, दही, घी और लस्सी जैसी पारंपरिक खाद्य संस्कृति से है। उन्होंने इस अवसर पर पंजाब की प्रसिद्ध लस्सी पीकर अपनी बात को प्रतीकात्मक रूप से रेखांकित किया।

मुख्य घटनाक्रम

चुघ ने बताया कि उन्होंने हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर 'मन की बात' का यह एपिसोड सुना। उनके अनुसार, भाजपा का अभियान पंजाब के युवाओं को नशे की लत से दूर कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित है। यह अभियान राज्य के गाँवों और शहरों दोनों में सक्रिय रूप से चलाया जा रहा है।

अभियान में कौन शामिल

चुघ के अनुसार, इस मुहिम में पंजाब के कई प्रसिद्ध खिलाड़ी, कलाकार और जानी-मानी हस्तियाँ भी सहभागिता कर रही हैं। ये सभी युवाओं को यह समझाने में जुटे हैं कि नशा जीवन को बर्बाद करता है, जबकि स्वस्थ खानपान और सकारात्मक सोच उन्हें बेहतर भविष्य की ओर ले जा सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या एक प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है।

हापुस आम पर महाराष्ट्र की प्रतिक्रिया

इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा महाराष्ट्र के प्रसिद्ध हापुस आम की सराहना किए जाने पर शिवसेना के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने प्रसन्नता व्यक्त की। वाघमारे ने कहा कि प्रधानमंत्री के शब्दों ने पूरे महाराष्ट्र का सम्मान बढ़ाया है और कोकण क्षेत्र के किसानों का मनोबल ऊँचा किया है।

हापुस आम का वैश्विक महत्त्व

वाघमारे ने बताया कि हापुस आम न केवल महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश और दुनिया में अपनी विशेष पहचान रखता है। कोकण के किसान वर्षों की मेहनत से इस आम को तैयार करते हैं और आज यह दुनिया के कई देशों में निर्यात किया जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 'मन की बात' में इस फल का उल्लेख करके उन्होंने इसे एक बार फिर पूरे देश में चर्चा का विषय बना दिया।

आगे की दिशा

भाजपा का नशा-विरोधी अभियान पंजाब में आगामी समय में और विस्तार पाने की संभावना है, जिसमें खेल और सांस्कृतिक जगत की हस्तियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। गौरतलब है कि 'मन की बात' जैसे राष्ट्रीय मंच से स्थानीय मुद्दों और उत्पादों को उठाने की परंपरा क्षेत्रीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों के लिए राजनीतिक अवसर भी बनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और लस्सी जैसे सांस्कृतिक प्रतीक का उपयोग करना इस मुद्दे को भावनात्मक धरातल पर ले जाने का प्रयास है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि प्रतीकात्मक बयानों और ज़मीनी नीतिगत कार्रवाई के बीच की खाई अभी भी चौड़ी है। महाराष्ट्र में हापुस आम प्रसंग यह भी दर्शाता है कि 'मन की बात' क्षेत्रीय दलों के लिए केंद्र सरकार से जुड़ाव दिखाने का एक सुविधाजनक मंच बन चुका है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तरुण चुघ ने 'मन की बात' के बाद क्या कहा?
BJP राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने 31 मई को अमृतसर में कहा कि पंजाब की असली पहचान नशे से नहीं, बल्कि दूध, दही, घी और लस्सी जैसी पारंपरिक खाद्य संस्कृति से है। उन्होंने इस बात को रेखांकित करने के लिए पंजाब की प्रसिद्ध लस्सी भी पी।
'मन की बात' का 134वाँ एपिसोड किस बारे में था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस एपिसोड में महाराष्ट्र के हापुस आम सहित विभिन्न स्थानीय विषयों का उल्लेख किया गया। इस कार्यक्रम के बाद देशभर के राजनीतिक नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ दीं।
पंजाब में भाजपा का नशा-विरोधी अभियान कैसे चल रहा है?
चुघ के अनुसार यह अभियान पंजाब के गाँवों और शहरों दोनों में सक्रिय है, जिसमें खिलाड़ी, कलाकार और जानी-मानी हस्तियाँ युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
हापुस आम पर महाराष्ट्र की क्या प्रतिक्रिया रही?
शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि PM मोदी के शब्दों ने कोकण क्षेत्र के किसानों का मनोबल बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि हापुस आम दुनिया के कई देशों में निर्यात होता है और प्रधानमंत्री के उल्लेख से इसे नई पहचान मिली।
'मन की बात' में स्थानीय उत्पादों का उल्लेख क्यों महत्त्वपूर्ण माना जाता है?
वाघमारे के अनुसार, जब देश के प्रधानमंत्री किसी स्थानीय उत्पाद की तारीफ करते हैं तो उस क्षेत्र के किसानों और उत्पादकों का मनोबल बढ़ता है और उत्पाद को राष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा मिलती है।
राष्ट्र प्रेस
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