27 सितंबर 2026
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अशोक सिंघल जन्म शताब्दी: अयोध्या में दिव्यांगजनों के लिए पाँच दिवसीय सेवा शिविर, कृत्रिम अंग वितरित

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अशोक सिंघल जन्म शताब्दी: अयोध्या में दिव्यांगजनों के लिए पाँच दिवसीय सेवा शिविर, कृत्रिम अंग वितरित

सारांश

अयोध्या के राजघाट आश्रम में अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी पर पाँच दिवसीय दिव्यांग सेवा शिविर शुरू हुआ है, जहाँ महावीर कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण संस्थान, जयपुर के सहयोग से जरूरतमंदों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण दिए जा रहे हैं — सिंघल की सेवा भावना को जीवंत करने का प्रयास।

मुख्य बातें

अशोक सिंघल फाउंडेशन और महावीर कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण संस्थान, जयपुर के तत्वावधान में अयोध्या के राजघाट आश्रम में पाँच दिवसीय दिव्यांग सेवा शिविर आयोजित।
शिविर में पैर, कान और आँखों की दिव्यांगता से पीड़ित लोगों को कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
महंत राजकुमार दास ने अशोक सिंघल को सनातन धर्म, हिंदू संस्कृति और राम मंदिर आंदोलन में उनके योगदान के लिए श्रद्धांजलि दी।
शिविर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है।
महंत राजकुमार दास ने उम्मीद जताई कि ऐसे आयोजन समाज में सेवा-भाव को प्रेरित करेंगे और अन्य लोग भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएंगे।

अयोध्या के राजघाट आश्रम में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के अवसर पर 27 सितंबर 2026 को दिव्यांगजनों के लिए एक पाँच दिवसीय सेवा शिविर का आयोजन किया गया। अशोक सिंघल फाउंडेशन और महावीर कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण संस्थान, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में श्रवण, दृष्टि और गतिशीलता से संबंधित दिव्यांगता का सामना कर रहे लोगों को कृत्रिम अंग व अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

शिविर का उद्देश्य और आयोजन

शिविर में पैरों, कानों और आँखों से जुड़ी दिव्यांगता से पीड़ित लोगों को आवश्यक चिकित्सा उपकरण देकर उनके जीवन को सामान्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। महंत राजकुमार दास ने बताया कि इस प्रकार के शिविर पिछले कई वर्षों से निरंतर चलाए जा रहे हैं, जिनका एकमात्र लक्ष्य जरूरतमंद दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाना है।

उन्होंने कहा, 'जिन लोगों को पैरों, कानों और आँखों से संबंधित समस्याएँ हैं, उनकी सहायता कर उनके जीवन में नई दिशा, उत्साह और आत्मविश्वास लाने का प्रयास किया जा रहा है।'

अशोक सिंघल का जीवन और योगदान

महंत राजकुमार दास ने अशोक सिंघल के जीवन को याद करते हुए कहा, 'माननीय अशोक सिंघल जी का पूरा जीवन सनातन धर्म, हिंदू संस्कृति और वेद के लिए समर्पित था। उनकी जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम के सभी पदाधिकारियों के साथ मैं उन्हें शत-शत नमन करता हूँ।'

उन्होंने कबीर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि दूसरों की पीड़ा को समझना और उसे दूर करने के लिए कार्य करना ही सच्ची सेवा है — और अशोक सिंघल के जीवन में यही भावना रची-बसी थी।

राम मंदिर आंदोलन में भूमिका

इस अवसर पर महंत राजकुमार दास ने अयोध्या राम मंदिर आंदोलन में अशोक सिंघल की केंद्रीय भूमिका का भी स्मरण किया। उनके अनुसार, आंदोलन के दौरान सिंघल ने देश और विदेश में सनातन धर्म के अनुयायियों को एकजुट कर एक मंच पर लाने में निर्णायक भूमिका निभाई। अयोध्या में आज दृश्यमान भव्य राम मंदिर तक पहुँचने की लंबी यात्रा में उनका योगदान ऐतिहासिक माना जाता है।

आम जनता पर असर

सेवा शिविर से सीधे लाभ उठाने वाले दिव्यांगजनों के लिए यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन बदलने का अवसर है। महंत राजकुमार दास ने उम्मीद जताई कि इस तरह के सेवा कार्यक्रमों से प्रेरणा लेकर समाज के अन्य लोग भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएंगे।

आगे की राह

जन्म शताब्दी वर्ष के दौरान इस प्रकार के सेवा कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहने की उम्मीद है। अशोक सिंघल फाउंडेशन का लक्ष्य इन शिविरों को और अधिक स्थानों तक विस्तारित करना है, ताकि दूरदराज के दिव्यांगजन भी इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि ऐसे सेवा शिविर उनकी गतिविधियों का एक अलग आयाम प्रस्तुत करते हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या ये शिविर केवल शताब्दी वर्ष तक सीमित रहते हैं, या इनकी निरंतरता और विस्तार सुनिश्चित होता है। दिव्यांगजन सेवा की यह परंपरा तब और अर्थपूर्ण बनेगी जब इसे संस्थागत रूप दिया जाए और लाभार्थियों की संख्या सार्वजनिक की जाए।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अशोक सिंघल जन्म शताब्दी सेवा शिविर क्या है?
यह अयोध्या के राजघाट आश्रम में विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित पाँच दिवसीय दिव्यांग सेवा शिविर है। इसमें महावीर कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण संस्थान, जयपुर के सहयोग से कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरित किए जा रहे हैं।
इस शिविर में किन दिव्यांगजनों को सहायता मिल रही है?
शिविर में मुख्यतः पैरों, कानों और आँखों से संबंधित दिव्यांगता से पीड़ित लोगों को कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य उन्हें सामान्य जीवन जीने में सहयोग देना और आत्मविश्वास बहाल करना है।
शिविर का आयोजन किसने किया?
इस शिविर का संयुक्त आयोजन अशोक सिंघल फाउंडेशन और महावीर कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण संस्थान, जयपुर ने किया है। अयोध्या के राजघाट आश्रम को इसके लिए स्थल के रूप में चुना गया।
राम मंदिर आंदोलन में अशोक सिंघल की क्या भूमिका थी?
महंत राजकुमार दास के अनुसार, अशोक सिंघल ने राम मंदिर आंदोलन के दौरान देश-विदेश में सनातन धर्म के अनुयायियों को एकजुट कर एक मंच पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की दिशा में उनके योगदान को ऐतिहासिक माना जाता है।
क्या यह पहली बार ऐसा शिविर आयोजित हुआ है?
नहीं, महंत राजकुमार दास ने बताया कि इस प्रकार के दिव्यांग सेवा शिविर पिछले कई वर्षों से निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष का शिविर विशेष रूप से अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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