क्या हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मनाली विंटर कार्निवल 2026 का उद्घाटन किया?
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री ने मनाली विंटर कार्निवल 2026 का उद्घाटन किया।
- 250 करोड़ रुपए का रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट लाया जाएगा।
- हिमाचल प्रदेश में इको-टूरिज्म नीति लागू की गई है।
- 245 ट्रेकिंग रूट्स की पहचान की गई है।
- होम स्टे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नियमों में बदलाव किया गया है।
मनाली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को कुल्लू जिले के पर्यटन स्थल मनाली में मनाली विंटर कार्निवल 2026 का औपचारिक उद्घाटन किया।
इस अवसर पर, सीएम सुक्खू ने विभिन्न विभागों की विकास गतिविधियों को प्रदर्शित करने वाली लगभग 300 रंग-बिरंगी झांकियों को हरी झंडी दिखाई।
सीएम ने मनाली में 250 करोड़ रुपए की लागत से एक रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट की घोषणा की, जिसका उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना है।
उन्होंने मनाली में सर्किट हाउस की नई बिल्डिंग में पाँच और कमरे बनाने, बाढ़ से सुरक्षा के लिए सात स्थानों पर दीवारें लगाने, ओल्ड मनाली में 2 करोड़ रुपए की लागत से पार्किंग की सुविधा स्थापित करने और भूस्खलन को रोकने हेतु सोलंग और कराल गांवों को 25-25 लाख रुपए की वित्तीय सहायता देने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक धरोहर और मेहमाननवाजी की परंपरा के कारण देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करता है। हर वर्ष भारी संख्या में पर्यटक इस राज्य की यात्रा करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार पर्यटकों के अनुभव को यादगार बनाने के लिए प्रमुख स्थानों पर विंटर कार्निवल जैसे आयोजनों को बढ़ावा दे रही है।
सीएम सुक्खू ने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। सरकार का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को प्रकृति, धार्मिक, एडवेंचर, आध्यात्मिक और वेलनेस पर्यटन के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में ग्रीन हिमाचल बायोडायवर्सिटी पार्क और रिवरसाइड पार्क का विकास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में एक नई इको-टूरिज्म नीति लागू की गई है। इस नीति के तहत नवंबर 2025 तक 11 इको-टूरिज्म साइट्स निर्धारित की गई हैं, और 27 और साइट्स के लिए आवंटन प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को भी सशक्त बना रही है।
ट्रेकिंग को बढ़ावा देने के लिए 245 ट्रेकिंग रूट्स की पहचान की गई है, और पर्यटकों की सुविधा के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से रोपवे प्रोजेक्ट्स को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि होम स्टे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नियमों में बदलाव किया गया है, और होम स्टे यूनिट्स के लिए एक इंटरेस्ट सब्सिडी योजना शुरू की गई है। नए होम स्टे स्थापित करने या मौजूदा होम स्टे का विस्तार और उन्नयन करने पर 5 करोड़ रुपए तक के निवेश पर इंटरेस्ट सब्सिडी दी जा रही है, शहरी क्षेत्रों में 3 प्रतिशत, ग्रामीण क्षेत्रों में 4 प्रतिशत और आदिवासी क्षेत्रों में 5 प्रतिशत।