क्या कांग्रेस में परिवारवाद है, जबकि भाजपा में लोकतांत्रिक तरीके से अध्यक्ष चुना जाता है?
सारांश
Key Takeaways
- परिवारवाद का आरोप कांग्रेस पर
- भाजपा में अध्यक्ष का लोकतांत्रिक चुनाव
- नितिन नबीन की नेतृत्व की प्रशंसा
- कार्यकर्ताओं का समर्पण और प्रतिभा
- राष्ट्र निर्माण की नई गाथा
रायपुर, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि इस पार्टी में केवल एक ही परिवार के लोग अध्यक्ष बने हैं। परिवारवाद का सबसे बड़ा उदाहरण कांग्रेस पार्टी में देखने को मिलता है। दूसरी ओर, भाजपा में अध्यक्ष का चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से किया जाता है और हर बार दायित्व बदलता है।
सीएम साय ने रायपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। हाल ही में पार्टी में संगठन महापर्व चल रहा था। यहां लोकतांत्रिक तरीके से स्थानीय समिति से लेकर मंडल और जिला स्तर तक चुनाव होते हैं, जिससे दायित्व बदलते रहते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव भी इसी प्रक्रिया में हुआ जिसमें छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम, मंत्री और सभी सांसद शामिल हुए थे। इस प्रक्रिया का संचालन नितिन नबीन के नेतृत्व में किया गया था, जिन्होंने विधानसभा, लोकसभा और पंचायती राज चुनावों में उपलब्धि प्राप्त की थी।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के 3 करोड़ लोगों की ओर से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। वे लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए हैं और जनप्रतिनिधि के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इससे देश और भाजपा को लाभ होगा।
सीएम ने लिखा कि कार्यकर्ताओं की प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण को वास्तविक पहचान केवल भारतीय जनता पार्टी में मिलती है। भाजपा किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि अनगिनत कार्यकर्ताओं के बलिदान और मेहनत से बनी पार्टी है। भाजपा में वंश नहीं, बल्कि विचार और संघर्ष का सम्मान होता है। यही भारतीय जनता पार्टी के संस्कार हैं, जो मेरे जैसे असंख्य कार्यकर्ताओं को देश और संगठन की सेवा में समर्पित रहने की प्रेरणा देते हैं। नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा एक अजेय शक्ति बनेगी।
उन्होंने कहा कि नितिन नबीन के नेतृत्व में राष्ट्रसेवा, सुशासन और विकसित भारत का संकल्प और अधिक मजबूत होगा। प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से भाजपा का यह नवयुग राष्ट्र निर्माण की नई गाथा रचे, यही मंगलकामना है।