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नीतीश कुमार ने लिया महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय, निशांत बिहार में करेंगे सक्रिय राजनीति की शुरुआत: मंत्री श्रवण कुमार

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नीतीश कुमार ने लिया महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय, निशांत बिहार में करेंगे सक्रिय राजनीति की शुरुआत: मंत्री श्रवण कुमार

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय के बाद जदयू में भारी असंतोष देखने को मिला। इस पर चर्चा के लिए आयोजित बैठक में उनके बेटे निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में लाने की सहमति बनी है। जानिए इस बैठक के महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में विस्तार से।

मुख्य बातें

नीतीश कुमार का राज्यसभा में जाना जदयू कार्यकर्ताओं में असंतोष का कारण है।
निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में लाने पर सहमति बनी है।
राजनीतिक निर्णयों पर कार्यकर्ताओं का साथ बनाए रखना जरूरी है।
मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया कि निर्णय बिना दबाव के लिया गया है।
निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री से युवा पीढ़ी को उम्मीदें हैं।

पटना, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय और नामांकन दाखिल करने के बाद जदयू कार्यकर्ताओं एवं जनता में भारी असंतोष उत्पन्न होने के बाद शुक्रवार को विधानमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में लाने की सहमति बनी है। इस बैठक के दौरान हुई चर्चाओं के बारे में बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में जानकारी साझा की।

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, "मुख्यमंत्री के निर्देश पर जनता दल (यूनाइटेड) के विधायकों की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने स्थिति को स्पष्ट किया और पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं, विधायकों, सांसदों और मंत्रियों से धैर्य बनाए रखने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि वे हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे और सुख-दुख दोनों में उनका साथ देंगे।"

श्रवण कुमार ने कहा, "नीतीश कुमार ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय लिया है। जनता, कार्यकर्ता, सांसद-विधायक और शुभचिंतक इस निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं, फिर भी इसे एक राजनीतिक निर्णय के रूप में देखा जा सकता है। ऐसे में यदि कोई नेता राजनीतिक निर्णय ले रहा है, तो कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे उनके साथ खड़े रहें।"

श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री ने बैठक में यह बताया है कि उन्होंने यह निर्णय बिना किसी दबाव के लिया है। उनकी इच्छा थी कि वे राज्यसभा में जाएं। अगर कोई दबाव होता, तो नीतीश कुमार इसे जरूर साझा करते। इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को आश्वासन दिया है कि यदि कोई समस्या होगी, उसका समाधान किया जाएगा।

श्रवण कुमार ने निशांत कुमार के बारे में कहा कि युवा पीढ़ी लंबे समय से उन्हें सक्रिय राजनीति में लाने की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार शिक्षित और सौम्य हैं, और उन्हें राजनीति में आना चाहिए। पार्टी के नेता भी लगातार निशांत को राजनीति में लाने की अपील कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही निशांत कुमार जनता दल में शामिल होंगे और बिहार में नई ऊर्जा के साथ नई पारी की शुरुआत करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह दोनों घटनाएँ जदयू कार्यकर्ताओं और जनता के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। क्या यह कदम पार्टी के लिए फायदेमंद होगा? यह देखना बाकी है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना क्यों महत्वपूर्ण है?
यह निर्णय जदयू के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच असंतोष का कारण बना है, और राजनीतिक समीक्षकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
निशांत कुमार को राजनीति में लाने का क्या उद्देश्य है?
युवा पीढ़ी की मांग को देखते हुए, पार्टी के नेताओं का मानना है कि निशांत कुमार नई ऊर्जा के साथ राजनीतिक क्षेत्र में कदम रख सकते हैं।
मंत्री श्रवण कुमार का इस पर क्या कहना है?
उन्होंने कहा है कि यह निर्णय बिना किसी दबाव के लिया गया है और सभी को धैर्य बनाए रखने का अनुरोध किया गया है।
जदयू कार्यकर्ताओं में असंतोष का क्या कारण है?
मुख्यमंत्री के निर्णय पर कार्यकर्ताओं का संतोष न होना, उनके भविष्य की राजनीति को लेकर चिंता का विषय बना हुआ है।
क्या यह निर्णय बिहार की राजनीति में बदलाव लाएगा?
यह निर्णय राजनीतिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन इसके प्रभाव का आकलन समय के साथ ही होगा।
राष्ट्र प्रेस
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