क्या हरियाणा सरकार ने परीक्षाओं में कृपाण और मंगलसूत्र पहनने की अनुमति दी?

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क्या हरियाणा सरकार ने परीक्षाओं में कृपाण और मंगलसूत्र पहनने की अनुमति दी?

सारांश

हरियाणा सरकार ने परीक्षा के दौरान सिख विद्यार्थियों और विवाहित महिलाओं के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह कदम उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों का सम्मान करते हुए परीक्षा प्रक्रिया को सहज बनाने के लिए उठाया गया है। जानें इस फैसले के पीछे की वजह और इसके महत्व को।

Key Takeaways

  • हरियाणा सरकार ने सिख विद्यार्थियों को कृपाण पहनने की अनुमति दी।
  • विवाहित महिलाओं को मंगलसूत्र पहनने की अनुमति है।
  • निर्धारित समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई।
  • यह निर्णय न्यायालय के फैसलों के आधार पर लिया गया।
  • सुरक्षा जांच के लिए समय पर पहुंचना अनिवार्य।

चंडीगढ़, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा सरकार ने राज्य में स्कूलों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं के दौरान सिख विद्यार्थियों और विवाहित महिला अभ्यर्थियों को होने वाली समस्याओं को सुलझाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों का सम्मान करते हुए परीक्षाओं के निष्पक्ष, सुव्यवस्थित और सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना है।

मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, विभिन्न परीक्षाओं में भाग लेने वाले सिख विद्यार्थियों एवं अभ्यर्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप कृपाण पहनने और साथ ले जाने की अनुमति दी गई है। अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि कृपाण की कुल लंबाई 9 इंच से अधिक नहीं होनी चाहिए, और उसकी धार की लंबाई अधिकतम 6 इंच तक सीमित रहेगी। इसके साथ ही इन अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम एक घंटा पहले रिपोर्ट करें, ताकि सुरक्षा जांच और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी की जा सकें।

दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि विवाहित महिला अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान मंगलसूत्र पहनने की अनुमति होगी। सरकार ने ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचने का निर्देश दिया है, जिससे प्रवेश से संबंधित प्रक्रियाएं और जांच सुचारू रूप से पूरी की जा सकें और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

यह निर्णय दिल्ली उच्च न्यायालय और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों के आलोक में लिया गया है। इन न्यायिक निर्णयों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों के संरक्षण के साथ-साथ परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।

हरियाणा सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और भर्ती एजेंसियों के प्रमुखों को आवश्यक आदेश जारी करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा ड्यूटी पर तैनात अधिकारी, पर्यवेक्षक और सुरक्षा कर्मी इन दिशा-निर्देशों से पूरी तरह अवगत हों, ताकि किसी भी स्तर पर अभ्यर्थियों को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े और परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके।

Point of View

क्योंकि यह न केवल धार्मिक अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया को भी सुचारू बनाता है। यह कदम हरियाणा सरकार की ओर से एक सकारात्मक पहल है, जो सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर देने की दिशा में बढ़ रहा है।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

हरियाणा सरकार के नए दिशा-निर्देश क्या हैं?
हरियाणा सरकार ने सिख विद्यार्थियों को परीक्षा में कृपाण पहनने और विवाहित महिलाओं को मंगलसूत्र पहनने की अनुमति दी है।
कृपाण की लंबाई कितनी होनी चाहिए?
कृपाण की कुल लंबाई 9 इंच से अधिक नहीं होनी चाहिए और धार की लंबाई 6 इंच तक सीमित रहनी चाहिए।
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर कब पहुंचना चाहिए?
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से एक घंटा पहले पहुंचना चाहिए।
विवाहित महिलाओं को क्या अनुमति है?
विवाहित महिलाओं को परीक्षा के दौरान मंगलसूत्र पहनने की अनुमति दी गई है।
यह निर्णय किसके आधार पर लिया गया है?
यह निर्णय दिल्ली उच्च न्यायालय और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसलों के आधार पर लिया गया है।
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