क्या उपराष्ट्रपति सीपी रामकृष्णन ने बेंगलुरु में महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया?
सारांश
Key Takeaways
- उपराष्ट्रपति सीपी रामकृष्णन का बेंगलुरु दौरा महत्वपूर्ण स्मृति कार्यक्रमों से भरा था।
- राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने उनका स्वागत किया।
- उपराष्ट्रपति ने सिद्धगंगा मठ में भाग लिया।
- उन्होंने दिल्ली में गांधी आश्रम का दौरा भी किया।
- यह यात्रा भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को रेखांकित करती है।
बेंगलुरु, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उपराष्ट्रपति सीपी रामकृष्णन बुधवार को वायु सेना के विशेष विमान से बेंगलुरु पहुंचे। यहाँ उनका स्वागत राज्यपाल थावर चंद गहलोत और अन्य अधिकारियों ने किया। उपराष्ट्रपति सिद्धगंगा मठ के दासोही श्री शिवकुमार स्वामीजी के स्मृति कार्यक्रम और सीएमआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सिल्वर जुबली समारोह में भाग लेने के लिए आए हैं।
एचएएल हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने वालों में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री वीसोमन्ना, स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडूराव, मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश, कर्नाटक पुलिस के महानिदेशक एमए सलीम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
उपराष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, "बेंगलुरु के एनएएल एयरपोर्ट पर कर्नाटक के राज्यपाल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया।" इसके बाद वे विशेष हेलीकॉप्टर से तुमकुर के लिए रवाना हुए।
उपराष्ट्रपति का यह दौरा बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके बाद वे बेंगलुरु में सीएमआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रजत जयंती समारोह में भी शामिल होंगे।
उपराष्ट्रपति ने हाल ही में दिल्ली में गांधी आश्रम के कस्तूरबा संग्रहालय का दौरा किया था, जहाँ उन्होंने महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी से जुड़ी यादों को साझा किया।
उन्हें यह यात्रा बेहद भावुक बताई और कहा कि यह सादगी त्याग और दृढ़ संकल्प के मूल्यों को दर्शाती है।