क्या एनएचएआई के 4 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भारत की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को दर्शाते हैं?

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क्या एनएचएआई के 4 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भारत की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को दर्शाते हैं?

सारांश

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा स्थापित चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की सराहना की। ये रिकॉर्ड भारत की बढ़ती इंजीनियरिंग क्षमता और कार्यकुशलता को दर्शाते हैं। जानिए कैसे ये रिकॉर्ड आधुनिक तकनीक का उपयोग कर बनाए गए और भारतीय सड़क निर्माण में नया मानक स्थापित कर रहे हैं।

Key Takeaways

  • एनएचएआई ने चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए।
  • ये रिकॉर्ड आधुनिक तकनीक का उपयोग कर बनाए गए हैं।
  • भारत की इंजीनियरिंग क्षमता में वृद्धि को दर्शाते हैं।
  • प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ये उपलब्धियां हुई हैं।
  • यह कॉरिडोर सुरक्षित और तेज यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है।

नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा स्थापित चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और कार्य करने की शक्ति में तेज वृद्धि को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि ये रिकॉर्ड आधुनिक तकनीक और सख्त गुणवत्ता मानकों की सहायता से बनाए गए हैं।

हाल ही में एनएचएआई ने बेंगलुरु–कडपा–विजयवाड़ा आर्थिक कॉरिडोर पर निर्माण कार्य के दौरान चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड सफलतापूर्वक स्थापित किए। यह सड़क नेशनल हाईवे-544जी का हिस्सा है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत विश्वस्तरीय सड़कें बनाकर आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नए वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है।

उन्होंने एनएचएआई और राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को बधाई दी, जिन्होंने इस 6-लेन कॉरिडोर के पैकेज-2 और पैकेज-3 में लगातार बिटुमिनस कंक्रीट (डामर की सड़क) बिछाने के लिए चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए।

इस महीने की शुरुआत में आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी के निकट एनएचएआई ने दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किए थे। पहला रिकॉर्ड 24 घंटे में सबसे लंबी लगातार बिटुमिनस कंक्रीट सड़क बिछाने का था, जिसमें 3 लेन वाली 9.63 किलोमीटर लंबी सड़क (28.89 लेन किलोमीटर) बनाई गई।

दूसरा रिकॉर्ड 24 घंटे में सबसे अधिक 10,655 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट बिछाने का था। ये दोनों रिकॉर्ड इस 6-लेन नेशनल हाईवे परियोजना के तहत विश्व में पहली बार बनाए गए।

इसके बाद 11 जनवरी को दो और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किए गए, जिनमें 57,500 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट लगातार बिछाने का रिकॉर्ड और 156 लेन किलोमीटर या 3 लेन चौड़े 52 किलोमीटर लंबे सड़क का लगातार बनाने का रिकॉर्ड शामिल है, जिसने पुराने विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

यह 343 किलोमीटर लंबा, पूरी तरह नियंत्रित पहुंच वाला 6-लेन bengaluru–kadapa–vijayawada आर्थिक कॉरिडोर सुरक्षित, तेज और सुंदर यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है।

इस कॉरिडोर में 17 इंटरचेंज, 10 वे-साइड सुविधाएं, 5.3 किलोमीटर लंबी सुरंग शामिल है। इसके अलावा, लगभग 21 किलोमीटर लंबा हिस्सा जंगल क्षेत्र से होकर गुजरता है।

Point of View

मैं मानता हूँ कि एनएचएआई के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भारत की बढ़ती इंजीनियरिंग क्षमता का प्रमाण हैं। यह न केवल हमारी तकनीकी प्रगति को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि हम वैश्विक मानकों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

एनएचएआई ने कितने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं?
एनएचएआई ने इस महीने चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं।
ये रिकॉर्ड किस क्षेत्र में बनाए गए हैं?
ये रिकॉर्ड सड़क निर्माण में बनाए गए हैं।
इन रिकॉर्ड्स का महत्व क्या है?
ये रिकॉर्ड भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और कार्यकुशलता को दर्शाते हैं।
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