12 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात में मेथला बंधारा प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, 10 गांवों को होगा सिंचाई का लाभ

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात में मेथला बंधारा प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, 10 गांवों को होगा सिंचाई का लाभ

सारांश

गुजरात में मेथला बंधारा प्रोजेक्ट को 285 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल गई है, जिससे 10 गांवों की 6,550 हेक्टेयर भूमि सिंचाई के लिए तैयार होगी। यह योजना तटीय क्षेत्र में खारेपन को भी नियंत्रित करेगी।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार ने मेथला बंधारा प्रोजेक्ट को 285 करोड़ रुपये की मंजूरी दी।
10 गांवों की 6,550 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई मिलेगी।
प्रोजेक्ट खारेपन को नियंत्रित करने में मदद करेगा।
टेंडर प्रक्रिया के बाद प्रोजेक्ट लगभग दो साल में पूरा होगा।
वन और पर्यावरण मंत्री ने लंबित मुद्दों का समाधान निकाला।

गांधीनगर, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात सरकार ने भावनगर जिले में लंबे समय से रुका हुआ मेथला बंधारा प्रोजेक्ट के लिए 285 करोड़ रुपए की मंजूरी प्रदान की है। इस योजना से 10 गांवों की लगभग 6,550 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और तटीय क्षेत्र में खारेपन को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

जल संसाधन मंत्री ईश्वरसिंह पटेल ने कहा कि तलाजा तालुका में मेथला बंधारा योजना को स्वीकृति मिल गई है और इसे क्षेत्र में खारेपन को कम करने के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बताया कि यह योजना क्षेत्र में खारेपन को नियंत्रित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

पटेल ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से लगभग 655 मिलियन क्यूबिक फीट बारिश का पानी संचित किया जा सकेगा, जिससे 10 गांवों में लगभग 6,550 हेक्टेयर फसल की भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। यह योजना भूजल को पुनर्भरण करने और आसपास के क्षेत्रों में कुओं और बोरवेल का जल स्तर बढ़ाने में भी सहायक होगी।

मंत्री ने यह भी कहा कि बंधारा समुद्र के पानी को आगे बढ़ने से रोकने में मदद करेगा, जिससे क्षेत्र में खारेपन को बढ़ने से रोका जा सकेगा। यह प्रोजेक्ट किसानों के लिए एक वरदान सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद, इस प्रोजेक्ट के लगभग दो साल में पूरा होने की संभावना है।

वन और पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि सरकार ने प्रोजेक्ट से संबंधित लंबे समय से लम्बित मुद्दों का समाधान किया है, जिसमें जंगल की भूमि भी शामिल है।

मोढवाडिया ने बताया कि मेथला बंधारा को भावनगर जिले के तलाजा तालुका में मेथला गांव के पास बागड़ नदी पर बनाने का प्रस्ताव है, जहां 598.2427 हेक्टेयर जंगल की भूमि जलमग्न हो जाएगी और इसके बदले में वल्लभीपुर तालुका के मोनपुर गांव में उतनी ही गैर-जंगल भूमि फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को दी गई भूमि वेलावदर में ब्लैकबक नेशनल पार्क के पास है, जो इसे ब्लैकबक और अन्य जंगली प्रजातियों के निवास स्थान के रूप में उपयोगी हो सकती है। मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने आवश्यक वन मंजूरी प्रक्रिया के तहत 15 मार्च, 2024 को प्रोजेक्ट के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी।

मोढवाडिया ने दावा किया कि राज्य सरकार के इस निर्णय से प्रोजेक्ट के चालू होने के बाद किसानों और आसपास के गांवों के लोगों को लाभ होगा।

--आईएएनएल

पीएसके

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों ही इस प्रोजेक्ट के मुख्य उद्देश्य हैं। सरकार का यह कदम क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेथला बंधारा प्रोजेक्ट की लागत क्या है?
मेथला बंधारा प्रोजेक्ट की लागत 285 करोड़ रुपये है।
इस प्रोजेक्ट से कितनी भूमि को सिंचाई मिलेगी?
इस प्रोजेक्ट से लगभग 10 गांवों की 6,550 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य खारेपन को नियंत्रित करना और कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा प्रदान करना है।
प्रोजेक्ट की मंजूरी कब मिली?
प्रोजेक्ट को हाल ही में मंजूरी दी गई है।
इस प्रोजेक्ट का पूरा होने का अनुमानित समय क्या है?
प्रोजेक्ट लगभग दो साल में पूरा होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले