3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारतीय रेलवे में एआई और नई तकनीकों से सुरक्षा में सुधार: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारतीय रेलवे में एआई और नई तकनीकों से सुरक्षा में सुधार: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

सारांश

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे ने सुरक्षा और कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए एआई आधारित निरीक्षण सिस्टम और ड्रोन तकनीकें लागू की हैं। ये नई तकनीकें रेलवे नेटवर्क में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

मुख्य बातें

भारतीय रेलवे ने एआई और ड्रोन तकनीक लागू की हैं।
सुरक्षा को बढ़ाने के लिए नई प्रणाली स्थापित की जा रही हैं।
एमवीआईएस से ट्रेन के घटकों की निगरानी होती है।
आरडीएसओ नई तकनीकों के विकास में सहयोग कर रहा है।
नई रेल टेक पॉलिसी से नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में जानकारी दी कि भारतीय रेलवे अपने सम्पूर्ण नेटवर्क में सुरक्षा और संचालन को सुधारने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निरीक्षण सिस्टम, ड्रोन निगरानी और अन्य नई तकनीकों का उपयोग कर रहा है।

लोकसभा में लिखित उत्तर में रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे में तकनीकी सुधार एक सतत प्रक्रिया है और कई नई प्रणालियों का परीक्षण किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि रेलवे में मशीन विजन इंस्पेक्शन सिस्टम (एमवीआईएस), व्हील इम्पैक्ट लोड डिटेक्टर (डब्ल्यूआईएलडी), ऑनलाइन मॉनिटरिंग ऑफ रोलिंग स्टॉक (ओएमआरएस), इंटीग्रेटेड ट्रैक मॉनिटरिंग सिस्टम्स (आईटीएमएस) और ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) जैसे सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं।

मंत्री के अनुसार, एमवीआईएस एक एआई और मशीन लर्निंग पर आधारित सिस्टम है, जो चलती ट्रेन में लटके, ढीले या गायब हिस्सों का पता लगाने में सहायक होता है। इस सिस्टम की तीन यूनिट नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे में, दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में और एक साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में स्थापित की गई हैं। रेलवे ने डीएफसीसीआईएल के साथ समझौता किया है, जिसके तहत मालगाड़ियों के लिए नेटवर्क में चार और एमवीआईएस यूनिट लगाई जाएंगी।

मंत्री ने बताया कि रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) भी उद्योगों के साथ मिलकर इस तकनीक को विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि व्हील इम्पैक्ट लोड डिटेक्टर सिस्टम ट्रैक पर पहियों के प्रभाव को मापकर खराब पहियों की पहचान करता है और ऐसे 24 सिस्टम पूरे रेलवे नेटवर्क में लगाए जा चुके हैं।

इसके अलावा, ओएमआरएस सिस्टम ट्रेन के बेयरिंग और पहियों की स्थिति पर नजर रखता है और अब तक 25 ओएमआरएस सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें एक सिरपुर कागजनगर में सिकंदराबाद डिवीजन के साउथ सेंट्रल रेलवे के अंतर्गत लगाया गया है। रेल पटरियों की जांच के लिए आईटीएमएस सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है, जो मशीन लर्निंग और इमेज प्रोसेसिंग की सहायता से रेल, स्लीपर और फास्टनिंग में खराबी का पता लगाता है।

इसके अतिरिक्त, रायपुर डिवीजन में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ड्रोन के माध्यम से ओवरहेड उपकरणों की थर्मल इमेजिंग से निगरानी शुरू की गई है। आरडीएसओ त्रि-नेत्र नामक एक सिस्टम विकसित कर रहा है, जिसमें ऑप्टिकल कैमरा, इन्फ्रारेड कैमरा और रडार या लिडार जैसे उपकरण शामिल होंगे, ताकि कोहरे या खराब मौसम में लोको पायलट को ट्रेन चलाने में सहायता मिल सके।

मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने 26 फरवरी को नई रेल टेक पॉलिसी लागू की है, जिससे रेलवे में नई तकनीकों और नवाचारों को तेजी से अपनाया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय रेलवे के भविष्य के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय रेलवे में कौन सी नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है?
भारतीय रेलवे में एआई आधारित निरीक्षण सिस्टम, ड्रोन निगरानी, एमवीआईएस, डब्ल्यूआईएलडी, ओएमआरएस, आईटीएमएस जैसी नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
एमवीआईएस सिस्टम क्या है?
एमवीआईएस एक एआई और मशीन लर्निंग पर आधारित सिस्टम है, जो चलती ट्रेन में लटके हुए या गायब हिस्सों का पता लगाने में मदद करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले