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क्या सौरभ भारद्वाज ने दलित और आदिवासी समाज का अपमान किया?

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क्या सौरभ भारद्वाज ने दलित और आदिवासी समाज का अपमान किया?

सारांश

दिल्ली भाजपा ने सौरभ भारद्वाज पर दलित और आदिवासी समाज का अपमान करने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल से माफी की मांग की है। क्या ये आरोप सही हैं? जानें पूरी कहानी में।

मुख्य बातें

दलित और आदिवासी समाज के प्रति संवेदनशीलता का महत्व।
वीरेंद्र सचदेवा ने सौरभ भारद्वाज के बयान की कड़ी निंदा की।
अरविंद केजरीवाल को इस विवाद पर स्पष्टता देनी चाहिए।

नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज पर संविधान और दलितआदिवासी समाज का अपमान करने का आरोप लगाया है। भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को सौरभ भारद्वाज की टिप्पणी को लेकर माफी मांगनी चाहिए और उन्हें पार्टी से बर्खास्त किया जाना चाहिए।

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा, "अरविंद केजरीवाल के कहने पर सौरभ भारद्वाज ने जो बयान दिया, वह बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान और हमारे अनुसूचित जातिअनुसूचित जनजाति के भाई-बहनों का अपमान है। उन्होंने कल कुछ बेबुनियाद बातें कहीं, जो उनकी मजबूरी दिखाती हैं।"

सौरभ भारद्वाज की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, "मैं उनके पूरे प्रेस बयान की कड़ी निंदा करता हूं, लेकिन आखिरी दो लाइनों पर ध्यान देना जरूरी है। उन लाइनों में उन्होंने एनडीए सरकार के दौरान दो राष्ट्रपतियों के चुनाव पर टिप्पणी की थी। उन्होंने बयान दिया कि 'यहां तक कि राष्ट्रपति के पद पर ढूंढ-ढूंढकर ऐसे लोग बैठाए, जिनके सामने बाकी नेता बड़े दिखते हैं।' यह सौरभ भारद्वाज का बयान निंदनीय है।"

उन्होंने कहा, "दलित समाज के रामनाथ कोविंद और जनजातीय समाज से द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति बनती हैं तो हिंदुस्तान के सभी दलित व जनजातीय समाज के लोगों का गौरव बढ़ता है। लेकिन अरविंद केजरीवाल के इशारे पर सौरभ भारद्वाज की तरफ से अशोभनीय टिप्पणी की गई।"

वीरेंद्र सचदेवा ने मांग करते हुए कहा कि इस मामले में अरविंद केजरीवाल को कदम उठाते हुए सौरभ भारद्वाज को पार्टी से बाहर करना चाहिए। इसके साथ ही, इस टिप्पणी के लिए अरविंद केजरीवाल को सबसे सामने आकर माफी मांगनी चाहिए।

इसी बीच, बुधवार सुबह आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने भाजपा के नए अध्यक्ष की नियुक्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "कुर्सी पर कमजोर व्यक्ति को बिठाया जा रहा है। कुर्सी पर बैठा व्यक्ति भाजपा नेतृत्व की कठपुतली है। बस नाममात्र के लिए लोग कुर्सियों पर सजाए हैं। कुल मिलाकर सारी सत्ता एक व्यक्ति के हाथ है।"

बता दें कि नितिन नबीन को भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया गया है, जिन्होंने मंगलवार को अपना पदभार संभाला। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह बताता है कि राजनीतिक बयानों का समाज पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में, सौरभ भारद्वाज की टिप्पणी और अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया दोनों का महत्व है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौरभ भारद्वाज ने क्या कहा?
सौरभ भारद्वाज ने एनडीए सरकार के दौरान दो राष्ट्रपतियों के चुनाव पर टिप्पणी की थी, जिसे भाजपा ने अशोभनीय बताया।
भाजपा का आरोप क्या है?
भाजपा ने आरोप लगाया है कि सौरभ भारद्वाज ने संविधान और दलित व आदिवासी समाज का अपमान किया है।
अरविंद केजरीवाल को क्या करना चाहिए?
भाजपा ने मांग की है कि अरविंद केजरीवाल को सौरभ भारद्वाज से माफी मांगनी चाहिए और उन्हें पार्टी से बाहर करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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